फ़ास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट द्वारा मामलों का त्वरित निपटान
हाल ही में, विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (Fast Track Special Courts - FTSC) द्वारा 30 जून 2023 तक बलात्कार एवं POCSO अधिनियम के अंतर्गत 1.74 लाख मामलों का निपटान किया जा चुका है, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिला है।
फ़ास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय
- विधि एवं न्याय मंत्रालय के तहत न्याय विभाग अक्टूबर 2019 से देश भर में 1023 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों (FTSCs) की स्थापना के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना लागू कर रहा है। इस फास्ट ट्रैक अदालतों में यौन अपराधों के लिए 389 विशेष POCSO अदालते ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण हेतु तीन नई पहलें
- 2 ‘सप्त धारा’ ढांचा: विकसित भारत 2047 का रोडमैप
- 3 सुजलम भारत डेटा नीति: ग्रामीण पेयजल शासन का सुदृढ़ीकरण
- 4 NSG ने शुरू किया भारत का पहला सर्व-महिला कमांडो कोर्स
- 5 प्लेटफॉर्म इकोनॉमी में महिलाओं का डिजिटल वित्तीय समावेशन
- 6 आदि वाणी: जनजातीय भाषा संरक्षण हेतु AI-आधारित प्लेटफॉर्म
- 7 केंद्र सरकार ने भारतीय मानक समय (IST) को अनिवार्य बनाने वाले नियमों को अधिसूचित किया
- 8 भारत का पहला मृदा बनावट (Soil Texture) मानचित्र
- 9 लद्दाख के नुब्रा में श्योक नदी पर 'उदमारू पुल' का उद्घाटन
- 10 भारत का पहला एआई-संचालित पक्षी अभयारण्य: भांडुप बर्ड पार्क

