समुद्री गर्म लहरें: कारण एवं प्रभाव
समुद्री ताप तरंगें (Marine Heat Wave) एक चरम मौसमी घटना है। यह तब होता है, जब समुद्र के किसी विशेष क्षेत्र की सतह का तापमान कम से कम पांच दिनों के लिए औसत तापमान से 3 या 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर बढ़ जाता है। यह हफ्रतों, महीनों या वर्षों तक भी चल सकता है।
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि के कारण, पिछले 10 वर्षों में समुद्रों एवं महासागरों में अत्यधिक गर्मी की विस्तारित अवधि की आवृत्ति में 50% की वृद्धि हुई है।
- ये समुद्री ताप तरंगें समुद्री जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डालती हैं, चरम मौसम की संभावना को ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

