भारत में प्लास्टिक प्रदूषण: रोकथाम के प्रयास
प्लास्टिक प्रदूषण से तात्पर्य पर्यावरण में प्लास्टिक कचरे के संचय से है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र, वन्य जीवन, मानव स्वास्थ्य और समग्र पारिस्थितिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के बदले में, भारत ने 2018 में एकल-उपयोग प्लास्टिक को खत्म करने के लिए ‘प्लास्टिक अपशिष्ट-मुक्त भारत’ अभियान शुरू किया।
भारत में प्लास्टिक अपशिष्ट
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, भारत प्रतिदिन लगभग 26,000 टन प्लास्टिक उत्पन्न करता है। जिसमें प्रतिदिन 16,000 टन प्लास्टिक कचरा ही एकत्र हो पाता है।
- फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक प्रसंस्करण 2015 में 13.4 ....
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