नैनो-सामग्रीः अनुप्रयोग
कोई भी वस्तु नैनो-सामग्री (Nano-Materials) कही जाती है अगर उसका कोई भी बाहरी आयाम, आंतरिक संरचना या सतह संरचना नैनोस्केल (लगभग 1 - 100 एनएम) में हो।
- उदाहरण के लिए फुलरीन, ग्रैफीन के गुच्छे और 1 एनएम से कम, एक या अधिक बाहरी आयाम वाले एकल दीवार वाले कार्बन नैनोट्यूब को नैनोमैटेरियल के रूप में माना जाता है।
- नैनो-सामग्री, समान पदार्थों का प्रयोग कर बने सामान्य वस्तुओं या पदार्थों के अपेकक्षा नाटकीय रूप से अधिक मजबूती, आयामी स्थिरता (Dimensional Stability), विद्युत चालकता, तापीय स्थिरता जैसे गुणों को प्रदर्शित करता है।
- इसके साथ ही यह सामान्य वस्तुओं या पदार्थों के विपरीत ज्वाला मंदता ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

