ई-वेस्ट
- उत्पादनः ग्लोबल ई-वेस्ट मॉनिटर-2017 के अनुसार, भारत सालाना लगभग 2 मिलियन टन ई-कचरा या ई-अपशिष्ट उत्पन्न करता है तथा ई-अपशिष्ट उत्पादन में अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद 5वें स्थान पर है।
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 2020 के एक अध्ययन के अनुसार, भारत ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में 10,14,961 टन ई-कचरा उत्पन्न किया। यह वित्तीय वर्ष 2018-19 से 32% अधिक था।
- पुनर्चक्रणः भारत में 95% ई-कचरे का गैर-औपचारिक क्षेत्र में पुनर्चक्रण किया जा रहा है और केवल ई-कचरे की मात्रा का 5% औपचारिक इकाई द्वारा निपटान किया जाता है।
प्रमुख पहलें
- ई-वेस्ट प्रबंधन नियम, 2016: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

