गेमिंग डिसऑर्डर
डब्ल्यूएचओ के अनुसार गेमिंग डिसऑर्डर, गेमिंग व्यवहार (डिजिटल-गेमिंग या वीडियो-गेमिंग) का एक प्रतिरूप है। इसके अंतर्गत अन्य क्रियाकलापों की तुलना में किसी भी गेम खेलने की प्राथमिकता इस सीमा तक बढ़ जाती है कि यह दैनिक दिनचर्या से अधिक वरीयता ग्रहण कर लेता है।
- ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन के अनुसार, भारत का ऑनलाइन गेमिंग उद्योग 2023 तक 15,500 करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है।
- अमेरिका स्थित लाइमलाइट नेटवर्क्स द्वारा वर्ष 2019 में किए गए एक सर्वेक्षण में यह पाया गया कि भारत में दक्षिण कोरिया के बाद गेमर्स की संख्या सबसे अधिक है।
प्रमुख पहलें
- केरल में रम्मी, पोकर तथा जुए ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

