बहुआयामी गरीबी
वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक-2022 के अनुसार विश्व में सर्वाधिक बहुआयामी गरीब जनसंख्या भारत (228.9 मिलियन) में रहती है।
- ‘ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डवलपमेंट इनीशिएटिव’ (Oxford Poverty and Human Development Initiative-OPHI) के अनुसार बहुआयामी गरीबी के निर्धारण में लोगों द्वारा दैनिक जीवन में अनुभव किये जाने वाले सभी अभावों/कमियों को समाहित किया जाता है।
- नीति आयोग द्वारा नवंबर, 2021 में जारी किए गए ‘बहुआयामी गरीबी सूचकांक’ के अनुसार भारत में प्रत्येक चार में से एक व्यक्ति बहुआयामी गरीबी से पीड़ित है। इसमें यह बताया गया है कि भारत के लगभग 25.01% जनसंख्या बहुआयामी गरीबी के अंतर्गत आती है।
प्रमुख पहलें
- राष्ट्रीय ....
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