शहरी गरीबी
ग्रामीण-शहरी प्रवास से उत्पन्न अनियंत्रित शहरीकरण के कारण भारत में शहरी जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हो रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या का लगभग 31.16% भाग शहरी क्षेत्रों में निवास करता है।
- संयुक्त राष्ट्र विश्व जनसंख्या स्थिति रिपोर्ट (2007) के अनुसार वर्ष 2030 तक भारत की 40.76 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी।
- वर्ष 2001 में आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि शहरी परिवारों में से लगभग 23.5% लोग मलिन बस्तियों में निवास करते हैं। मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों का यह प्रतिशत वर्ष ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

