जीन एडिटिंग
- जीन एडिटिंग अथवा जीनोम एडिटिंग प्रौद्योगिकियों का एक ऐसा समुच्चय है, जिससे वैज्ञानिकों को किसी जीव के डीएनए (DNA) में परिवर्तन करने की क्षमता प्राप्त होती है। सामान्य रूप से इन प्रौद्योगिकियों के माध्यम से जीनोम में विशेष स्थानों पर आनुवंशिक सामग्री को जोड़ा, हटाया अथवा परिवर्तित किया जा सकता है।
जीन एडिटिंग की प्रक्रिया
- एडिटिंग की प्रक्रिया में एक एंजाइम DNA को एक विशिष्ट अनुक्रम में काटता है, सेल द्वारा इसकी मरम्मत किए जाने पर अनुक्रम में परिवर्तन या ‘संपादन’ संभव होता है।
- ऐसे एंजाइम जो डीएनए को काटते हैं, उन्हें इंजीनियर न्यूक्लीज (Engineered Nucleases) के रूप में जाना ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

