15 वर्ष यूपीएससी सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा हल प्रश्न पत्र दर्शनशास्त्र (प्रश्नोत्तर रूप में) 2023

15 वर्ष यूपीएससी सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा हल प्रश्न पत्र दर्शनशास्त्र (प्रश्नोत्तर रूप में) 2023


सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित विगत 15 वर्षों (2008-2022) के प्रश्नों का अध्यायवार हल

पुस्तक के मूल्य को पाठकों के पहुंच तक बनाए रखने तथा पृष्ठ संख्या को सीमित रखने हेतु पूर्व के दो वर्षों (2006-2007) के प्रश्नों को पुस्तक से हटाया जा रहा है। यह सामग्री chronicleindia.in पर पाठकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगी।

प्रश्नों को हल करने की प्रकृतिः पुस्तक में प्रश्नों के उत्तर को मॉडल हल के रूप में दिया गया है। प्रश्नों को हल करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि उत्तर सारगर्भित हो तथा पूछे गए प्रश्नों के अनुरूप हों। पुस्तक में प्रश्नों के इतर भी विशिष्ट जानकारी को उत्तर में समाहित किया गया है, ताकि अभ्यर्थी इसका उपयोग न सिर्फ हल प्रश्न पत्र के रूप में, बल्कि अध्ययन सामग्री के रूप में भी कर सकें।

पुस्तक का उपयोग कैसे करें?: इस पुस्तक का उपयोग अभ्यर्थी अपने उत्तर लेखन शैली में सुधार लाने तथा प्रश्नों की प्रवृत्ति व प्रकृति को समझने के लिये कर सकते हैं। किसी भी परीक्षा के विगत वर्षों के प्रश्न इसमें सबसे लाभदायक होते हैं। पुस्तक में दी गई सामग्री का इस्तेमाल बिंदुवार, निश्चित शब्द सीमा का पालन, उप-शीर्षक एवं आरेख आदि का प्रयोग अभ्यर्थी अपने उत्तर लेखन शैली के अभ्यास हेतु आधुनिक परिपेक्ष में कर सकते हैं। पुस्तक में प्रश्नों के उत्तर उसके सम्बंधित वर्ष के अनुसार ही दिया गया है।

दर्शनशास्त्र-एक वैकल्पिक विषय के रूप में: दर्शनशास्त्र, हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए काफी लोकप्रिय वैकल्पिक विषय रहा है। वैसे छात्र जिन्हें दर्शन में और साहित्यिक-सामाजिक समस्याओं के गहन अनुशीलन, चिंतन एवं समाधान खोजने में रुचि है तथा जिनकी भाषा पर अच्छी पकड़ है, वे इस विषय का चयन कर सकते हैं। संघ लोक सेवा आयोग के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार दर्शनशास्त्र सामान्य अध्ययन के प्रश्न-पत्र 4 के लिए उपयोगी है। साथ ही निबंध के प्रश्न पत्र के लिए इसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता को देखते हुए इसका वैकल्पिक विषय के रूप में महत्त्व और भी बढ़ गया है। वैसे छात्र, जिनके पास तार्किक योग्यता है, वे दर्शनशास्त्र का चयन कर सकते हैं। इस विषय का पाठ्यक्रम छोटा है और तकनीकी शब्द ज्यादा है जिसके लिए गहरी समझ होनी आवश्यक है ताकि एक संकल्पना को दूसरी से जोड़ा जा सके।

यह पुस्तक छात्रों को संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा के आलावा राज्य लोक सेवा आयोगों (उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं झारखंड) के बदले हुए पाठ्यक्रम में आयोजित होने वाले सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के दर्शनशास्त्र के प्रश्न पत्र में उपयोगी साबित होगा।


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Specifications
Availability Out-Of-Stock
Language Hindi
Product Type Print Edition
Edition 2023
Book Code 320
Shipment Free
No. of Pages 394
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