हिंदी साहित्य ऑप्शनल पेपर प्रश्नोत्तर रूप में आईएस मुख्य परीक्षा अध्यायवार हल प्रश्न पत्र (2016-2025)
Hindi Literature Optional IAS Mains के लिए 2016 से 2025 तक के 10 वर्षों के अध्यायवार एवं विषयवार हल प्रश्न पत्रों का एक संपूर्ण संग्रह। यह पुस्तक UPSC उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों की प्रवृत्ति और उत्तर लेखन की सही रणनीति समझने में मदद करती है। प्रत्येक प्रश्न को सिलेबस आधारित, विश्लेषणात्मक एवं परीक्षोपयोगी उत्तरों के साथ प्रस्तुत किया गया है। हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह पुस्तक Quick Revision, Answer Enrichment और Targeted Preparation का भरोसेमंद साधन है। UPSC CSE Main Examination में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है।
पुस्तक के विषय-वस्तु बारे में-
यह पुस्तक संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय के साथ-साथ राज्य लोक सेवा आयोगों की मुख्य परीक्षाओं तथा अन्य समकक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु भी समान रूप से उपयोगी है।
- पुस्तक में प्रश्नों के उत्तर को मॉडल हल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रश्नों को हल करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि उत्तर सारगर्भित हों तथा पूछे गए प्रश्नों के अनुरूप हों।
- इस पुस्तक में प्रश्नों से संबंधित अन्य विशिष्ट जानकारियों को भी उत्तर में समाहित किया गया है, ताकि अभ्यर्थी इसका उपयोग न सिर्फ हल प्रश्न-पत्र के रूप में, बल्कि अध्ययन सामग्री के रूप में भी कर सकें।
- इस पुस्तक का उपयोग अभ्यर्थी अपनी उत्तर लेखन शैली में सुधार लाने तथा प्रश्नों की प्रवृत्ति व प्रकृति को समझने के लिए भी कर सकते हैं।
अनुक्रमणिका: हिंदी साहित्य आईएस मुख्य परीक्षा ऑप्शनल पेपर प्रश्नोत्तर रूप में अध्यायवार हल प्रश्न पत्र 2016-2025:
प्रथम प्रश्न-पत्र: खंड-क हिन्दी भाषा और नागरी लिपि का इतिहास
- अपभ्रंश, अवहट्ट और प्रारंभिक हिन्दी का व्याकरणिक तथा अनुप्रयुक्त स्वरूप
- मध्यकाल में ब्रज और अवधी का साहित्यिक भाषा के रूपमें विकास
- सिद्ध-नाथ साहित्य, खुसरो, संत साहित्य, रहीम आदि कवियों और दक्खिनी हिन्दी में खड़ी बोली का प्रारंभिक स्वरूप
- उन्नीसवीं शताब्दी में खड़ी बोली और नागरी लिपि काविकास
- हिन्दी भाषा और नागरी लिपि का मानकीकरण
- स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी काविकास
- भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में हिन्दी का विकास
- हिन्दी भाषा का वैज्ञानिक और तकनीकी विकास
- हिन्दी की प्रमुख बोलियां और उनका परस्पर संबंध
- नागरी लिपि की प्रमुख विशेषताएं और उसके सुधार के प्रयास तथा मानक हिन्दी का स्वरूप
- मानक हिन्दी की व्याकरणिक संरचना
खंड-ख: हिन्दी साहित्य का इतिहास
- हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन की परंपरा
- हिन्दी साहित्य के प्रमुख काल
- आदि काल
- भक्ति काल
- रीति काल
- आधुनिक काल
- कथा साहित्य
- नाटक और रंगमंच
- आलोचना
- हिन्दी गद्य की अन्य विधाएं
द्वितीय प्रश्न-पत्र
खंड-क: पद्य साहित्य
- कबीर
- सूरदास
- तुलसीदास
- जायसी
- बिहारी
- मैथिलीशरण गुप्त
- जयशंकर प्रसाद
- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’
- अज्ञेय
- मुक्तिबोध
- नागार्जुन
खंड-ख: गद्य साहित्य
- निबंध निलय
- प्रेमचंद
- जयशंकर प्रसाद
- यशपाल
- फणीश्वरनाथ रेणु
- मन्नू भंडारी
- एक दुनिया समानान्तर
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Specifications |
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|---|---|
| Availability | In-Stock |
| Language | Hindi |
| Product Type | Print Edition |
| Edition | 2026 |
| Book Code | 287 |
| Shipment | Free |
| No. of Pages | 320 |
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