प्राचीन शिक्षण संस्थान
तक्षशिला विश्वविद्यालय – रणनीतिक स्थिति, विद्वान व्यक्तित्व, नालंदा से भिन्नता
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तक्षशिला विश्वविद्यालय |
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विषय/क्षेत्र |
विवरण |
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भौगोलिक स्थिति |
वर्तमान पाकिस्तान में; मध्य एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को जोड़ने वाले 'उत्तरापथ' मार्ग पर स्थित। |
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महत्व |
प्राचीन व्यापार मार्गों का संगम और विभिन्न संस्कृतियों के आदान-प्रदान का केंद्र। |
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शिक्षण पद्धति |
व्यक्तिगत आचार्यों के अधीन 'गुरुकुल परंपरा' पर आधारित (अनौपचारिक ढांचा)। |
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प्रमुख विद्वान |
चाणक्य (अर्थशास्त्र), पाणिनि (अष्टाध्यायी), चरक (आयुर्वेद), जीवक (वैद्य)। |
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मुख्य विषय |
आयुर्वेद, राजनीति, युद्ध-कला (धनुर्विद्या), विधि (कानून), और व्यावहारिक कलाएँ। |
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तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय के बीच मुख्य अंतर |
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तुलना का आधार |
तक्षशिला (Takshashila) |
नालंदा (Nalanda) |
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संरचना और प्रशासन |
विकेंद्रीकृत और व्यक्तिगत आचार्यों के गुरुकुलों का समूह। |
एक सुनियोजित, केंद्रीकृत और औपचारिक आवासीय विश्वविद्यालय। |
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प्रवेश प्रक्रिया |
शिक्षक की .... | |
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मुख्य विशेष
- 1 भारतीय चित्रकला का विकास
- 2 गुप्तकालीन मुद्राशास्त्रीय
- 3 प्रारंभिक भारतीय शिलालेखों में तांडव नृत्य
- 4 कला रूपों में प्रतीकवाद और उत्कृष्टता
- 5 तकनीकी परिवर्तन और प्रशासन
- 6 भूगोल और इतिहास का अंतर्संबंध
- 7 जीआई टैग (GI Tags) का सांस्कृतिक महत्व
- 8 अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) का संरक्षण और यूनेस्को की भूमिका
- 9 सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- 10 भारतीय समाज के मूल मूल्य
- 11 प्राचीन सभ्यता की अद्वितीय निरंतरता
- 12 विदेशी यात्रियों के वृत्तांत
- 13 विजयनगर साम्राज्य – विद्या एवं साहित्य के संरक्षक के रूप में कृष्णदेवराय
- 14 संस्कृत साहित्य का स्वर्ण युग – कालिदास एवं अन्य विद्वानों का योगदान
- 15 प्राचीन और संगम साहित्य
- 16 समन्वयवाद, रहस्यवाद और सामाजिक प्रभाव
- 17 भारतीय दर्शन और स्मारकों का निर्माण
- 18 वैदिक समाज और उसकी निरंतरता
- 19 मंदिर वास्तुकला और मध्यकालीन समाज
- 20 मथुरा कला शैली बनाम गांधार कला शैली (तुलनात्मक अंतर)
- 21 मथुरा और अमरावती शैलियों का गांधार से तुलनात्मक अध्ययन
- 22 गांधार मूर्तिकला – रोमन, ग्रीक, मध्य एशियाई, ग्रीको-बैक्ट्रियन तत्व
- 23 मूर्तिकला की प्रमुख शैलियाँ और विदेशी प्रभाव
- 24 विहार एवं चैत्य वास्तुकला का विकास
- 25 जैन मूर्तिकला (Jain Sculpture)
- 26 जैन चित्रकला
- 27 जैन मंदिर (जिनालय)
- 28 जैन वास्तुकला का क्षेत्रीय प्रभाव
- 29 स्तूपों के प्रकार
- 30 स्तूप: पांच शुद्ध तत्वों के रूप में (प्राकृतिक प्रतीक)
- 31 स्तूप: बुद्ध की ध्यान मुद्रा के रूप में (शरीर का प्रतीक)
- 32 तोरण (प्रवेश द्वार) और दिशाओं का महत्व
- 33 बौद्ध और जैन वास्तुकला
- 34 अजंता और एलोरा की गुफाओं का तुलनात्मक विवरण
- 35 पश्चिमी घाट में गुफा मंदिर और किले की वास्तुकला
- 36 शैलकृत (Rock-Cut) वास्तुकला का विकास
- 37 हड़प्पा सभ्यता: जल प्रबंधन और संरक्षण योजना
- 38 सिंधु घाटी सभ्यता की कला और पुरावशेष
- 39 वर्तमान शहरीकरण के लिए हड़प्पा नगर नियोजन की प्रासंगिकता
- 40 आधुनिक शहरी चुनौतियाँ और हड़प्पन समाधान
- 41 सिंधु घाटी सभ्यता – नगरीकरण और वास्तुकला
- 42 स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की सहभागिता
- 43 असहयोग आंदोलन
- 44 रूसी क्रांति: कारण तथा वैश्विक प्रभाव
- 45 औद्योगिक क्रांति का उपनिवेशवाद के प्रसार में योगदान
- 46 11वीं सदी के समाज सुधारक और संत: रामानुजाचार्य
- 47 गाँधी एवं नेहरू के सामाजिक-आर्थिक विचार: समानता एवं विभेद
- 48 ब्रिटिश शासन की नीतियां तथा आधुनिक भारत का निर्माण
- 49 दादा भाई नोरोजी की भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में भूमिका
- 50 स्वतंत्रता आन्दोलन में सुभाष चन्द्र बोस की भूमिका
- 51 वेलेजली की नीतियां एवं उनका प्रभाव
- 52 उग्र राष्ट्रवाद तथा स्वतंत्रता आन्दोलन में इसकी भूमिका
- 53 सूफी आन्दोलन का समाज एवं संस्कृति पर प्रभाव
- 54 भारतीय राष्ट्रवाद पर द्वितीय विश्व युद्ध का प्रभाव
- 55 स्वदेशी आंदोलन: राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना
- 56 भारतीय समाज पर सूफी आंदोलन का प्रभाव
- 57 भारत की सांस्कृतिक विरासत में इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का योगदान
- 58 द्रविड़ कला और संस्कृति: चोल राजवंश की भूमिका
- 59 भारत में गुफा वास्तुकला
- 60 सिंधु घाटी सभ्यता का शहरी नियोजन
- 61 मुगलों की प्रशासनिक नीतियां: विशेषताएं और मुद्दे
- 62 भूदान एवं ग्रामदान आंदोलन
- 63 ब्रिटिश शासन में गिरमिटिया मजदूर
- 64 भारतीय पुनर्जागरण: कारण और महत्व
- 65 भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत
- 66 भारत में सिक्का निर्माण प्रणाली का विकास
- 67 पारंपरिक चिकित्सा
- 68 सांस्कृतिक पर्यटन की विकास में भूमिका
- 69 भारत में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत
- 70 भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा
- 71 द्रविड़ आंदोलन
- 72 प्राचीन भारत में लोकतांत्रिक मूल्य
- 73 भारतीय मार्शल आर्ट का इतिहास
- 74 वायकोम सत्याग्रह: कारण एवं प्रभाव
- 75 भारत के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी: गुमनाम नायक

