चीन की ऋण कूटनीति बनाम भारत का विकास साझेदारी मॉडल

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श्रीलंका का वर्तमान ऋण संकट अक्सर चीनी-वित्तपोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं सहित “अस्थिर बाह्य उधारी” से जुड़ा रहा है।

  • हंबनटोटा उदाहरण: ऋण पुनर्भुगतान चुनौतियों के कारण हंबनटोटा बंदरगाह जैसी परियोजनाओं को 99 वर्षों के लिए चीन को पट्टे पर देने के लिए बाध्य होना पड़ा।
  • चीनी मॉडल की आलोचना: चीन के मॉडल की आलोचना प्रायः उच्च-ब्याज वाले ऋणों, पारदर्शिता के अभाव और आर्थिक संकट का लाभ उठाकर रणनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए की जाती है।
  • भारत का दृष्टिकोण: इसके विपरीत, भारत एक विकास साझेदारी दृष्टिकोण का पालन करता है, जो अनुदान, रियायती ऋण और क्षमता निर्माण पर आधारित है।
  • भारतीय मॉडल की प्राथमिकताएं: ....
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