खंडित विश्व में भारत की मल्टी-अलाइनमेंट नीति: सीमाएं और अवसर

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दिसंबर 2025 में व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा (2022 के बाद पहली) तथा 2026 के क्वाड शिखर सम्मेलन का स्थगन, इन दोनों घटनाओं ने भारत की बहु‑संतुलन नीति (मल्टी-अलाइनमेंट रणनीति) की जटिलताओं को उजागर कर दिया है। एक खंडित विश्व व्यवस्था में “स्विंग पावर” के रूप में भारत की स्थिति जहां उसकी सबसे बड़ी सामरिक पूंजी है, वहीं यह उसकी सबसे बड़ी नीतिगत-चुनौती भी बनती जा रही है।

मल्टी-अलाइनमेंट रणनीति का ढांचा

  • मल्टी-अलाइनमेंट का अर्थ है - अमेरिका, रूस, चीन और यूरोप, सभी के साथ एक साथ व्यावहारिक संबंध; यह नेहरूवादी गुटनिरपेक्षता से अलग, अधिक सक्रिय और हित-आधारित ....
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