यूरोपीय संघ का कार्बन सीमा समायोजन तंत्र और भारत पर प्रभाव

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यूरोपीय संघ का कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (Carbon Border Adjustment Mechanism-CBAM) एक ‘जलवायु नीति उपकरण’ है, जिसे आयातित वस्तुओं पर उनके अंतर्निहित उत्सर्जन के आधार पर ‘कार्बन मूल्य’ लगाने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यूरोपीय संघ की घरेलू उत्सर्जन व्यापार प्रणाली के तहत लागू कार्बन मूल्य निर्धारण के साथ समानता सुनिश्चित करना है।

  • कार्यान्वयन की समयसीमा: CBAM ने 1 अक्टूबर, 2023 को अपने संक्रमणकालीन चरण में प्रवेश किया, जिसमें वर्तमान में केवल उत्सर्जन रिपोर्टिंग की आवश्यकता है (अभी कोई वित्तीय भुगतान अनिवार्य नहीं है)। कार्बन मूल्य निर्धारण के साथ इसका पूर्ण कार्यान्वयन वर्ष 2026 से प्रारंभ होगा।
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