सहानुभूति के बिना तर्क एक कुंद तलवार के समान है

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मानव अस्तित्व मुख्य रूप से दो शक्तियों द्वारा संचालित होता है-मस्तिष्क (तर्क) और हृदय (सहानुभूति)। तर्क (Logic) वह तीक्ष्ण अस्त्र है जो भ्रम के जालों को काटता है, तथ्यों का विश्लेषण करता है और सत्य को असत्य से अलग करता है। यह एक तलवार के समान है। लेकिन, क्या मात्र एक नंगी तलवार से न्याय या कल्याण की स्थापना की जा सकती है?

जब एक सर्जन किसी मरीज का ऑपरेशन करता है, तो उसके हाथ में थामी गई 'स्केलपेल' (सर्जिकल चाकू) तर्क और विज्ञान का प्रतीक होती है। लेकिन उस चाकू को चलाने के पीछे मरीज की जान बचाने की जो ....

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