सूक्ष्म वित्त संस्थान महत्व एवं चुनौतियां
हाल ही में यह देखा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मार्च 2022 में जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के बाद माइक्रोफाइनेंस कंपनियां (Microfinance companies) शहरी बाजारों की तुलना में ग्रामीण बाजारों में अधिक वृद्धि की उम्मीद कर रही हैं।
मुख्य बिंदु
भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म वित्त या माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (Microfinance Institutions - MFIs) के लिए बाजार का विस्तार करते हुए, सालाना 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को सूक्ष्म-ऋणों (micro-loans) के लिए पात्र के रूप में वर्गीकृत करने की अनुमति दी थी। पहले यह सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.25 लाख रुपए और अन्य क्षेत्रों में ....
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