सूक्ष्म वित्त संस्थान महत्व एवं चुनौतियां
हाल ही में यह देखा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मार्च 2022 में जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के बाद माइक्रोफाइनेंस कंपनियां (Microfinance companies) शहरी बाजारों की तुलना में ग्रामीण बाजारों में अधिक वृद्धि की उम्मीद कर रही हैं।
मुख्य बिंदु
भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म वित्त या माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (Microfinance Institutions - MFIs) के लिए बाजार का विस्तार करते हुए, सालाना 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को सूक्ष्म-ऋणों (micro-loans) के लिए पात्र के रूप में वर्गीकृत करने की अनुमति दी थी। पहले यह सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.25 लाख रुपए और अन्य क्षेत्रों में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का हरित रूपांतरण; भारत की स्वच्छ औद्योगिक संक्रमण की रूपरेखा
- 2 क्या अक्षय ऊर्जा भारत के लिए व्यापक रोजगार का नया आधार बन सकती है?
- 3 भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना घरेलू शासन से वैश्विक सार्वजनिक हित तक
- 4 सुदृढ़ भूजल शासन व्यवस्था: भारत की जल सुरक्षा की आधारशिला
- 5 नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की राह
- 6 भारत की किशोर न्याय व्यवस्था: पुनर्वास, उत्तरदायित्व और सुधार की चुनौती
- 7 बायोमैटेरियल्स निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प
- 8 भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता व्यापार, प्रतिभा और आपूर्ति शृंखलाओं हेतु रणनीतिक पुनर्संयोजन
- 9 शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन: संकट और सुधार की आवश्यकता
- 10 रणनीतिक स्वायत्तता एवं UN चार्टर: वेनेजुएला और ग्रीनलैंड संकटों के संदर्भ में वैश्विक व्यवस्था की दिशा
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 जमानत संबंधी पृथक कानून समय की मांग
- 2 भारत में कुपोषण का गंभीर संकट कारण एवं उपाय
- 3 मल्टी-एजेंसी मैरीटाइम सिक्यूरिटी ग्रुप देश की समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण
- 4 जियो-इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी वर्तमान पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान का विकल्प
- 5 रोगाणुरोधी प्रतिरोध कारण एवं समाधान के उपाय
- 6 न्यायिक विलम्ब : कारण तथा उपाय
- 7 भारतीय नागरिकता का त्याग एवं अर्जन

