मध्यकालीन भारत वैकल्पिक इतिहास (भाग -2)

मध्यकालीन भारत वैकल्पिक इतिहास (भाग -2)


मध्यकालीन भारत वैकल्पिक इतिहास भाग -2

मध्यकालीन भारत इतिहास (वैकल्पिक इतिहास) की प्रमुख विशेषताएँ:

  1. UGC NET/JRF (इतिहास) एवं CUET PG के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप – परीक्षा-केंद्रित एवं विषयवार व्यवस्थित अध्ययन सामग्री।
  2. राजस्थान प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, TGT एवं PGT परीक्षाओं के लिए उपयोगी – अध्यापक भर्ती परीक्षाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार।
  3. संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं हेतु उपयुक्त – वैकल्पिक इतिहास एवं सामान्य अध्ययन दोनों के लिए सहायक।
  4. मध्यकालीन भारत के प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पक्षों का विस्तृत एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन – अवधारणाओं को सरल एवं तथ्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
  5. परीक्षोपयोगी तथ्य, महत्वपूर्ण विषयों का समग्र कवरेज एवं अवधारणात्मक प्रस्तुति – विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए एक विश्वसनीय अध्ययन-स्रोत।

मध्यकालीन भारत वैकल्पिक इतिहास भाग-2 के महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर:

प्रश्न 1. यह पुस्तक किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?

उत्तर: यह पुस्तक UGC NET/JRF, राजस्थान प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, TGT, PGT, CUET PG, राज्य स्तरीय प्रवक्ता/अध्यापक भर्ती परीक्षाओं, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं तथा विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।

प्रश्न 2. इस पुस्तक की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?

उत्तर: इस पुस्तक की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें मध्यकालीन भारत के इतिहास को सरल भाषा, तथ्यात्मक प्रस्तुति, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण एवं परीक्षा-उन्मुख शैली में प्रस्तुत किया गया है।

प्रश्न 3. यह पुस्तक मध्यकालीन भारत के किन पक्षों पर प्रकाश डालती है?

उत्तर: यह पुस्तक मध्यकालीन भारत के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक पक्षों पर समग्र रूप से प्रकाश डालती है।

प्रश्न 4. क्या यह पुस्तक इतिहास विषय के नए विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी है?

उत्तर: हाँ, यह पुस्तक उन विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी है जिन्होंने पहले इतिहास का अध्ययन नहीं किया है या जो इतिहास विषय के विद्यार्थी नहीं रहे हैं।

प्रश्न 5. पुस्तक का अध्ययन करने से अभ्यर्थियों को क्या लाभ होगा?

उत्तर: पुस्तक का अध्ययन करने से अभ्यर्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर अधिक सरलता, स्पष्टता एवं आत्मविश्वास के साथ दे सकेंगे।

प्रश्न 06. पुस्तक के लेखन में किन स्रोतों का उपयोग किया गया है?

उत्तर: पुस्तक के लेखन में IGNOU, NCERT, विभिन्न राज्य बोर्डों की पुस्तकों तथा प्रतिष्ठित इतिहासकारों के ग्रंथों का उपयोग किया गया है।

प्रश्न 07. पुस्तक में किन प्रमुख इतिहासकारों एवं विद्वानों की कृतियों का संदर्भ लिया गया है?

उत्तर: पुस्तक में इरफान हबीब, जे.एस. सरकार, ग्रांट डफ, आर.सी. मजूमदार, आर.सी. दत्त, ए.एल. श्रीवास्तव, गोपाल सिंह तथा कामेश्वर प्रसाद जैसे विद्वानों की कृतियों का संदर्भ लिया गया है।


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Specifications
Availability In-Stock
Language Hindi
Product Type Print Edition
Edition 2026
Book Code 490
Shipment Free
No. of Pages 273
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