प्राचीन भारत वैकल्पिक इतिहास (भाग-1)
प्राचीन भारत वैकल्पिक इतिहास भाग-1
प्राचीन भारत वैकल्पिक इतिहास UGC NET/JRF, राजस्थान प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, CUET PG, TGT, PGT, राज्य स्तरीय प्रवक्ता/अध्यापक भर्ती परीक्षाओं तथा संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं हेतु उपयोगी|
प्राचीन भारत वैकल्पिक इतिहास भाग-1 पुस्तक के संबंध में:
प्रश्न 1. यह पुस्तक किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?
उत्तर: यह पुस्तक UGC NET/JRF, CUET PG, TGT, PGT, राजस्थान प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, राज्य स्तरीय प्रवक्ता/अध्यापक भर्ती, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं तथा विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
प्रश्न 2. इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इस पुस्तक का उद्देश्य प्राचीन भारत के इतिहास को सरल, व्यापक एवं परीक्षा-केंद्रित रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि अभ्यर्थी विभिन्न प्रतियोगी एवं विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी कर सकें।
प्रश्न 3. पुस्तक में किन विषयों का समावेश किया गया है?
उत्तर: पुस्तक में प्राचीन भारत के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक पक्षों सहित संपूर्ण ऐतिहासिक घटनाक्रम को नवीनतम परीक्षा पाठ्यक्रम के अनुरूप समाहित किया गया है।
प्रश्न 4. इस पुस्तक की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर: इस पुस्तक की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें प्राचीन भारत के इतिहास को सरल भाषा, तथ्यात्मक प्रस्तुति, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण तथा परीक्षा-उन्मुख शैली में प्रस्तुत किया गया है।
प्रश्न 5. क्या यह पुस्तक नए विद्यार्थियों के लिए भी उपयुक्त है?
उत्तर: हाँ, यह पुस्तक इतिहास विषय के नए विद्यार्थियों तथा उन अभ्यर्थियों के लिए भी उपयोगी है जिन्होंने पहले इतिहास का अध्ययन नहीं किया है।
प्रश्न 6. पुस्तक का अध्ययन करने से अभ्यर्थियों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: पुस्तक का अध्ययन करने से अभ्यर्थियों की विषयगत समझ विकसित होगी तथा वे प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों के उत्तर अधिक स्पष्टता, सटीकता एवं आत्मविश्वास के साथ दे सकेंगे।
प्रश्न 7. पुस्तक की सामग्री किस आधार पर तैयार की गई है?
उत्तर: पुस्तक की सामग्री वर्तमान परीक्षा पैटर्न, नवीनतम पाठ्यक्रम तथा अभ्यर्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यात्मक एवं संकल्पनात्मक दृष्टिकोण से तैयार की गई है।
प्रश्न 8. पुस्तक के लेखन में किन स्रोतों का उपयोग किया गया है?
उत्तर: पुस्तक के लेखन में IGNOU, NCERT, विभिन्न राज्य बोर्डों की पुस्तकों तथा ए.एल. बाशम, रामशरण शर्मा, डी.एन. झा, रोमिला थापर, के.ए.एन. शास्त्री आदि प्रतिष्ठित इतिहासकारों की कृतियों का उपयोग किया गया है।
प्रश्न 9. यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि इसमें पाठ्यक्रमानुसार विषय-वस्तु, तथ्यात्मक जानकारी, अवधारणात्मक स्पष्टता तथा परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण एवं संभावित विषयों का समग्र समावेश किया गया है।
प्रश्न 10. संपादक को इस पुस्तक से क्या अपेक्षा है?
उत्तर: संपादक को विश्वास है कि यह पुस्तक अपने नवीनतम स्वरूप में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए एक विश्वसनीय, उपयोगी एवं मार्गदर्शक अध्ययन-स्रोत सिद्ध होगी। Specifications |
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|---|---|
| Availability | In-Stock |
| Language | Hindi |
| Product Type | Print Edition |
| Edition | 2026 |
| Book Code | 300 |
| Shipment | Free |
| No. of Pages | 226 |


