आधुनिक भारत वैकल्पिक इतिहास (भाग-3)
आधुनिक भारत वैकल्पिक इतिहास भाग-3
आधुनिक भारत वैकल्पिक इतिहास प्रमुख विशेषताएँ:
- UGC NET/JRF, CUET PG, TGT, PGT एवं शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप – परीक्षा-केंद्रित एवं व्यवस्थित अध्ययन सामग्री।
- संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं के लिए उपयोगी – वैकल्पिक इतिहास एवं सामान्य अध्ययन दोनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार।
- आधुनिक भारत के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का समग्र एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन – सभी महत्वपूर्ण विषयों का संतुलित एवं तथ्यपरक प्रस्तुतीकरण।
- तथ्यपरक, संकल्पनात्मक एवं परीक्षा-उन्मुख सामग्री – नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुरूप स्पष्ट व्याख्या, महत्वपूर्ण तथ्य एवं अवधारणात्मक प्रस्तुति।
- प्रतियोगी परीक्षाओं एवं विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों के लिए एक विश्वसनीय अध्ययन-स्रोत – सरल भाषा, प्रमाणिक संदर्भों एवं समग्र विषय-वस्तु के साथ प्रभावी तैयारी हेतु उपयोगी।
आधुनिक भारत वैकल्पिक इतिहास भाग-3 पुस्तक के संबंध में:
प्रश्न 1. यह पुस्तक किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?
उत्तर: यह पुस्तक UGC NET/JRF, CUET PG, TGT, PGT, राजस्थान प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती, राज्य स्तरीय प्रवक्ता/अध्यापक भर्ती, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं तथा विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
प्रश्न 2. आधुनिक भारत वैकल्पिक इतिहास पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
उत्तर: इस पुस्तक में आधुनिक भारत के इतिहास को सरल भाषा, तथ्यात्मक प्रस्तुति, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण एवं परीक्षा-उन्मुख शैली में प्रस्तुत किया गया है, जिससे विषय को समझना और याद रखना आसान हो जाता है।
प्रश्न 3. इस पुस्तक को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: पुस्तक का उद्देश्य आधुनिक भारत के इतिहास को व्यापक, सरल एवं परीक्षा-केंद्रित रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रभावी एवं आत्मविश्वासपूर्ण तैयारी कर सकें।
प्रश्न 4. पुस्तक की सामग्री किस आधार पर तैयार की गई है?
उत्तर: पुस्तक की सामग्री नवीनतम परीक्षा पैटर्न, वर्तमान पाठ्यक्रम तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
प्रश्न 5. यह पुस्तक आधुनिक भारत के किन प्रमुख विषयों को समाहित करती है?
उत्तर: पुस्तक में आधुनिक भारत के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विषयों का समग्र एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
प्रश्न 6. क्या यह पुस्तक नए विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए भी उपयोगी है?
उत्तर: हाँ, यह पुस्तक इतिहास विषय के नए विद्यार्थियों, विश्वविद्यालय के छात्रों तथा आधुनिक भारत के इतिहास में रुचि रखने वाले सामान्य पाठकों के लिए भी समान रूप से उपयोगी है।
प्रश्न 7. पुस्तक का अध्ययन करने से अभ्यर्थियों को क्या लाभ मिलेगा?
उत्तर: पुस्तक का अध्ययन करने से अभ्यर्थियों की अवधारणात्मक समझ मजबूत होगी तथा वे प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर अधिक सटीकता, स्पष्टता एवं आत्मविश्वास के साथ दे सकेंगे।
प्रश्न 8. पुस्तक के लेखन में किन स्रोतों एवं इतिहासकारों की कृतियों का उपयोग किया गया है?
उत्तर: पुस्तक के लेखन में IGNOU, NCERT, विभिन्न राज्य बोर्डों की पुस्तकों तथा बिपिन चंद्र, सुमित सरकार, आर.सी. मजूमदार, आर.सी. दत्त, एस.एन. सेन एवं पी.एन. चोपड़ा जैसे प्रतिष्ठित इतिहासकारों की कृतियों का संदर्भ लिया गया है।
प्रश्न 9. यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप के अनुरूप कैसे है?
उत्तर: पुस्तक में तथ्यात्मक जानकारी के साथ-साथ विश्लेषणात्मक एवं संकल्पनात्मक विषय-वस्तु को भी शामिल किया गया है, जो वर्तमान परीक्षा पैटर्न एवं प्रश्नों की प्रकृति के अनुरूप है।
प्रश्न 10. संपादक को इस पुस्तक से क्या अपेक्षा है?उत्तर: संपादक को विश्वास है कि यह पुस्तक अपने नवीनतम एवं अद्यतन स्वरूप में विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए एक विश्वसनीय, उपयोगी एवं सफल मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
Specifications |
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|---|---|
| Availability | In-Stock |
| Language | Hindi |
| Product Type | Print Edition |
| Edition | 2026 |
| Book Code | 491 |
| Shipment | Free |
| No. of Pages | 306 |


