ग्रामीण समुदायों का सशक्तीकरण

औपचारिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों का अभाव अथवा या खराब पहुंच के कारण ग्रामीण समुदायों को गंभीर अपशिष्ट कुप्रबंधन प्रथाओं का सामना करना पड़ता है।

  • इनमें अपशिष्ट पदार्थ की खुले में डंपिंग, ई-कचरे को खुले में जलाना, नदी में डंपिंग तथा प्लास्टिक प्रदूषण आदि शामिल हैं।
  • शहरी-ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक अंतर को पाटना और समान संसाधन वितरण सुनिश्चित करना एक चक्रीय अर्थव्यवस्था परिवर्तन और 2070 तक शुद्ध शून्य लक्ष्य प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में हरित अपशिष्ट प्रौद्योगिकियों को लागू करने के कई लाभ हैं जैसे- ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना, पर्यावरणीय स्थिरता, आर्थिक अवसर, जलवायु लचीलापन तथा सामुदायिक-जुड़ाव एवं जागरूकता ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

पत्रिका सार