साक्षात्कार

अनीता कुमारी
यूपीपीसीएस 2018 सब रजिस्ट्रार पद पर चयन
पूछे गए प्रश्न के सभी आयामों को कवर कर निष्कर्ष के साथ उत्तर लिखने का प्रयास करें


परिचय

  • नाम: अनीता कुमारी
  • पिता का नाम एवं पेशा: शिवचरण (पोस्टमैन)
  • माता का नाम: श्रीमती निर्मला देवी (गृहिणी)
  • शैक्षिक योग्यताः परास्नातक एवं विधि स्नातक (राम मनोहर लोहिया फैजाबाद वि-वि)
  • अभिरुचियांः कविताएं लिखना
  • आदर्श व्यक्तिः डॉ- एपीजे अब्दुल कलाम
  • सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्षः नवाचारी होना- सकारात्मक पक्ष। अधिक भावुक होना- नकारात्मक पक्ष
  • वैकल्पिक विषय: ‘राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध’
  • पूर्व चयनः N/A

पूछे गए प्रश्न के सभी आयामों को कवर कर निष्कर्ष के साथ उत्तर लिखने का प्रयास करें

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः यूपीपीसीएस 2018 में शानदार सफलता के लिए आपको हार्दिक बधाई। आपकी सफलता में परिवार, मित्रें व शिक्षकों का सहयोग कैसा रहा? आपकी पृष्ठभूमि ने आपकी सफलता में किस प्रकार योगदान किया?

अनीता कुमारीः सर्वप्रथम धन्यवाद, मेरे परिवार के सभी सदस्यों का प्रत्येक परिस्थिति में मेरे साथ खड़े होने का ही परिणाम मेरी सफलता है, जिसमें मेरे शिक्षकों, मित्रें की भूमिका सराहनीय व बेहद सकारात्मक रही।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने परीक्षा की तैयारी आरंभ कैसे की? तैयारी आरंभ करते समय आपने किन पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया? परीक्षा की तैयारी शुरू करने का आदर्श समय क्या होना चाहिए?

अनीता कुमारीः मैंने सिविल सेवा की तैयारी एनसीईआरटी पुस्तक से आरंभ की। तैयारी करते समय प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के सभी प्रश्न पत्र पर बराबर ध्यान दें। समग्र तैयारी करने का प्रयास करें। लेखन शैली में सुधार हेतु अभ्यास जारी रखें। स्नातक से आप सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर सकते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः भाषा माध्यम के कारण क्या आपको कोई लाभ हुआ? क्या आप मानते हैं कि अंग्रेजी भाषी लाभप्रद स्थिति में होते हैं?

अनीता कुमारीः मेरा माध्यम हिंदी था, विशेषकर मुख्य परीक्षा के सामान्य हिंदी पेपर में मुझे इसका लाभ मिला। यदि आप की लेखन शैली में उत्कृष्टता है तो भाषा आपके लिए समस्या नहीं बनेगी परंतु आपको सिविल सेवा की तैयारी के लिए अंग्रेजी पर भी उचित मेहनत करनी चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसके चयन का आधार क्या था? क्या वैकल्पिक विषय के चयन में आपने कथित लोकप्रियता को भी आधार बनाया?

अनीता कुमारीः मेरा वैकल्पिक विषय ‘राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध’ था। इसके चयन का आधार अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मेरी रुचि होना तथा मुख्य परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न पत्र में इसका लाभ मिलना था। मैंने लोकप्रियता को आधार नहीं बनाया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः परीक्षा के तीनों चरणों की तैयारी के लिए आप कितना समय उपयुक्त मानते हैं? तीनों चरणों की तैयारी में आपकी समय की रणनीति एक जैसी रही या उसमें बदलाव भी किए?

अनीता कुमारीः 2 से 3 वर्ष का समय मैंने अपनी रणनीति में परीक्षा के बदलते पैटर्न, सामान्य अध्ययन की बढ़ती भूमिका को लेकर यथासंभव बदलाव किये।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन की अहमियत बढ़ा दी गई है। इसे पूरी तरह कवर करने व अच्छी तरह तैयार करने का सर्वाेत्तम तरीका क्या हो सकता है? मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के विस्तृत पाठड्ढक्रम को देखते हुए इसकी तैयारी के लिए आपने क्या रणनीति अपनाई? परीक्षा भवन में प्रश्नों को हल करने के लिए क्या आपने कोई विशेष रणनीति अपनाई?

अनीता कुमारीः यह सच है कि मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन की अहमियत बढ़ गई है। इसका सर्वोत्तम तरीका मुख्य परीक्षा के प्रत्येक प्रश्नपत्र के संक्षिप्त नोट्स अलग-अलग डायरी में बनाएं, जिसमें पाठ्यक्रम के समस्त विषय कवर किए गए हों।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने अपने नोट्स बनाए? ये नोट्स किस प्रकार उपयोगी रहे? एक ही कोचिंग संस्थान के नोट्स का उपयोग कई छात्र करते हैं। ऐसे में इन नोट्स को औरों से अलग बनाने हेतु आपने क्या रणनीति अपनाई?

अनीता कुमारीः मैंने अपने नोट्स स्वयं बनाएं जिसके लिए मैंने 5D रणनीति अर्थात 5 अलग-अलग डायरी बनाई, जिसे मैंने समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं, डायग्राम, फ्रलो चार्ट से अपडेट किया। मुख्य परीक्षा के दौरान यह रणनीति सर्वाधिक प्रभावी रही, क्योंकि लगातार पेपर होने के दौरान यह रणनीति रिवीजन में लाभकारी सिद्ध हुई। कोचिंग संस्थानों के नोट्स औरों से अलग बनाने हेतु उसे समसामयिक घटनाओं, उपयुक्त उदाहरणों एवं वर्तमान योजनाओं से अपडेट कर तैयार करें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा के प्रश्न-पत्र की तैयारी के लिए आपने क्या किया? छात्रें को इस संदर्भ में आप क्या मार्गदर्शन दे सकते हैं?

अनीता कुमारीः नीतिशास्त्र के लिए मैंने केवल क्रॉनिकल पब्लिकेशन की ‘लेक्सिकॉन नीतिशास्त्र’ पढ़ी व यू-ट्यूब चैनल से केस स्टडी हल की। हां, इसके लिए मैंने स्वयं के संक्षिप्त नोट्स बनाए जिसे उपयुक्त उदाहरणों से परिपूर्ण किया। नीतिशास्त्र की शब्दावली को गहनता से समझें व इसके संक्षिप्त नोट्स बनाकर रिवीजन अवश्य करें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने निबंध की तैयारी कैसे की और परीक्षा भवन में इसके चयन और लेखन के लिए क्या रणनीति अपनाई?

अनीता कुमारीः निबंध के लिए मैंने निशांत जैन की पुस्तक का अध्ययन किया। परंतु निबंध लेखन लगातार अभ्यास, सीनियर व शिक्षकों से जांच कराकर उसे अधिक प्रभावी बना सकते हैं। परीक्षा भवन में जिन विषयों पर निबंध लिखना हैं उन्हें चयन करने के पश्चात कम से कम 30 मिनट रफ कार्य अवश्य करें जिसमें विषय से संबंधित सभी आयामों जैसे ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, पर्यावरण, नैतिक इत्यादि को ढांचागत करें तत्पश्चात लिखना शुरू करें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली क्या होनी चाहिए? इसके लिए आपने तैयारी के दौरान क्या तरीका अपनाया?

अनीता कुमारीः उत्कृष्ट लेखन हेतु लगातार लेखन अभ्यास करें प्रश्न का टू द प्वाइंट उत्तर दें। पूछे गए प्रश्न के सभी आयामों को कवर कर निष्कर्ष के साथ उत्तर लिखने का प्रयास करें। मैंने शिक्षकों एवं सीनियर से उत्तर का फीडबैक लेकर यथासंभव सुधार किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने साक्षात्कार की तैयारी कैसे की? आपका साक्षात्कार कैसा रहा? आपसे कैसे प्रश्न पूछे गए? क्या किसी प्रश्न पर आप नर्वस भी हुए?

अनीता कुमारीः कोरोना महामारी के चलते मैं मॉक इंटरव्यू नहीं ले सकी। मैंने अपने मित्रें, सीनियर से साक्षात्कार के लिए टिप्स लिए व अभ्यास किया। मुझसे मेरे वैकल्पिक विषय से संबंधित प्रश्न भारत-चीन गलवान घाटी, भारत-नेपाल, भारत-अमेरिका तथा स्नातक एवं परास्नातक विषय से संबंधित प्रश्न पूछे गए। जब मुझसे स्नातक विषय समाजशास्त्र से संबंधित सैद्धांतिक प्रश्न पूछे गए तब मैं थोड़ा नर्वस हुई।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने कोचिंग ली? कोचिंग किस प्रकार उपयोगी रही? वैसे छात्र जो तैयारी हेतु कोचिंग की सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे?

अनीता कुमारीः मैंने प्रारंभिक परीक्षा के लिए कोचिंग नहीं ली। हां वैकल्पिक विषय के लिए कोचिंग ली जो मददगार साबित हुई। कोचिंग आपका मार्गदर्शन कर सकती है परंतु आपकी सफलता आपकी मेहनत, रणनीति उत्तर लेखन हेतु आपके लगातार अभ्यास पर निर्भर करती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः जो छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे? यदि कोई ग्रामीण पृष्ठभूमि का या आर्थिक रूप से कमजोर छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहता हो, तो ऐसे छात्र को क्या करना चाहिए?

अनीता कुमारीः आप सिविल सेवा में क्यों आना चाहते हैं यदि इसका कारण आपको पता है तो यह सेवा आपके लिए है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रें के लिए इंटरनेट वरदान साबित हो सकता है। आप किसी भी दो यू-ट्यूब चैनल की विश्वसनीयता जांच कर तैयारी शुरू कर सकते हैं। मैंने ओनली आईएएस यू-ट्यूब चैनल से अपनी तैयारी को सुदृढ़ किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सामान्य धारणा यह है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करने से पूर्व कोई कॅरियर विकल्प भी अपने पास रखना चाहिए। क्या आपने भी कोई कैरियर विकल्प रखा था?

अनीता कुमारीः हां, क्योंकि यह 3 से 4 वर्ष या उससे भी अधिक लंबी चलने वाली प्रक्रिया है। इसलिए कॅरियर विकल्प रखना समझदारी कही जाती है। लेकिन मेरे संकल्प का कोई विकल्प नहीं था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः तैयारी में पत्र-पत्रिकाओं से आपको कितनी सहायता मिली? आपने किन पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन किया? सिविल सेवा परीक्षा के लिए इन पत्र-पत्रिकाओं की कितनी उपयोगिता है?

अनीता कुमारीः मासिक पत्र-पत्रिकाओं की सिविल सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका है। मैंने क्रॉनिकल, योजना, कुरुक्षेत्र जैसी पत्रिकाओं का अध्ययन किया। प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा में इन पत्रिकाओं की भूमिका आप उत्तर लिखते समय जरूर समझ पाएंगे जैसा कि मैंने अनुभव किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल पत्रिका आपको कैसी लगी? आपकी सफलता में इसका कितना योगदान है? क्या आप इसमें किसी प्रकार की बदलाव की अपेक्षा रखते हैं?

अनीता कुमारीः मुझे यह पत्रिका अच्छी लगी! मेरी सफलता में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। सिविल सेवा में उपयोगिता के कारण ही यह पत्रिका प्रतियोगी छात्रें के बीच लोकप्रिय है।

धन्यवाद

अनुशंसित पुस्तक सूची

  • एनसीईआरटी भूगोल, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भारतीय अर्थव्यवस्था, रमेश चंद्र भारतीय संविधान, एम- लक्ष्मीकांत आधुनिक भारत का इतिहास, स्पेक्ट्रम इत्यादि
  • मुख्य सामान्य अध्ययनः विजन आईएएस के नोट्स 365 एनसीईआरटी इत्यादि
  • मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषयः ओपी गौबा राजनीतिक सिद्धांत, अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सिद्धांत, महेंद्र कुमार 21वीं सदी के अंतरराष्ट्रीय संबंध, पुष्पेश पंत। पत्र-पत्रिका क्रॉनिकल, योजना, कुरुक्षेत्र।

विनय कुमार
यूपीपीसीएस 2018 सब रजिस्ट्रार पद पर चयन
उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली हेतु प्रश्न के उत्तर को शुरू करने से पहले उसकी फ्रेमिंग अवश्य करें


परिचय

  • नाम: विनय कुमार
  • पिता का नाम एवं पेशा: श्री जय नारायण सिंह, कृषक
  • माता का नाम: स्व- कल्प देवी
  • शैक्षिक योग्यता: बी-ए- (इलाहाबाद विश्वविद्यालय)
  • अभिरुचियां: किताबें पढ़ना, संगीत सुनना एवं लोगों से बात करना
  • आदर्श व्यक्ति: महात्मा गांधी एवं मेरे पिता जी
  • सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्ष: आशावादी, धैर्यशील, सहानुभूति मेरा सकारात्मक पक्ष है, जबकि लोगों पर जल्दी विश्वास करना व भावुक होना मेरा नकारात्मक पक्ष है।
  • वैकल्पिक विषय: इतिहास
  • पूर्व चयन: प्राथमिक शिक्षक, एलटी ग्र्रेड शिक्षक, ग्राम विकास अधिकारी

उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली हेतु प्रश्न के उत्तर को शुरू करने से पहले उसकी फ्रेमिंग अवश्य करें

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः यूपीपीसीएस 2018 में शानदार सफलता के लिए आपको हार्दिक बधाई। आपकी सफलता में परिवार, मित्रें व शिक्षकों का सहयोग कैसा रहा? आपकी पृष्ठभूमि ने आपकी सफलता में किस प्रकार योगदान किया?

विनय कुमारः जी धन्यवाद। मेरी सफलता में परिवार, मित्रें एवं शिक्षकों का सदैव सकारात्मक सहयोग रहा। मित्र हमेशा मुझे सकारात्मक रहने की सलाह देते थे। मैं ग्रामीण पृष्ठभूमि का विद्यार्थी रहा हूं। मेरे पिता एवं भाइयों के संघर्ष ने मुझे हमेशा सफल होने के लिए प्रेरित किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने परीक्षा की तैयारी आरंभ कैसे की? तैयारी आरंभ करते समय आपने किन पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया? परीक्षा की तैयारी शुरू करने का आदर्श समय क्या होना चाहिए?

विनय कुमारः स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद से मैंने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में मैंने सामान्य अध्ययन के साथ-साथ मुख्य परीक्षा के विषयों पर भी अपनी पकड़ बनाई। परीक्षा की तैयारी हेतु एक आदर्श समय 12वीं के बाद का होता है। इसी समय से ही मस्तिष्क में इसे हासिल करने की जिद होनी चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः भाषा माध्यम के कारण क्या आपको कोई लाभ हुआ? क्या आप मानते हैं कि अंग्रेजी भाषी लाभप्रद स्थिति में होते हैं?

विनय कुमारः मेरा माध्यम हिन्दी रहा है। मेरा मानना है कि अंग्रेजी माध्यम का मुख्य परीक्षा में ज्यादा महत्व होता है। यदि कोई हिन्दी मीडियम का प्रतियोगी है तो उसे बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसके चयन का आधार क्या था? क्या वैकल्पिक विषय के चयन में आपने कथित लोकप्रियता को भी आधार बनाया?

विनय कुमारः मेरा वैकल्पिक विषय इतिहास रहा है। PCS-2018 में एक वैकल्पिक विषय था, जिसमें वैकल्पिक विषय की अपेक्षा सामान्य अध्ययन की बहुत ज्यादा भूमिका थी। इतिहास वैकल्पिक विषय रखने का कारण मेरे स्नातक एवं परास्नातक में इस विषय का होना था।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः परीक्षा के तीनों चरणों की तैयारी के लिए आप कितना समय उपयुक्त मानते हैं? तीनों चरणों की तैयारी में आपकी समय की रणनीति एक जैसी रही या उसमें बदलाव भी किए?

विनय कुमारः मेरा मानना है कि प्रारंभिक परीक्षा के दौरान ही मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन की भी तैयारी कर लेनी चाहिए। प्राथमिक परीक्षा हेतु मैने 10 घण्टे तक की पढ़ाई की। मुख्य परीक्षा हेतु मैंने टेस्ट सीरीज पर ज्यादा फोकस किया। साक्षात्कार हेतु ग्रुप में बातचीत एवं चर्चा करता रहा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन की अहमियत बढ़ा दी गई है। इसे पूरी तरह कवर करने व अच्छी तरह तैयार करने का सर्वाेत्तम तरीका क्या हो सकता है? मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के विस्तृत पाठड्ढक्रम को देखते हुए इसकी तैयारी के लिए आपने क्या रणनीति अपनाई? परीक्षा भवन में प्रश्नों को हल करने के लिए क्या आपने कोई विशेष रणनीति अपनाई?

विनय कुमारः मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन की तैयारी हेतु कम से कम 2 कोचिंग के नोट्स एवं सभी टॉपिक से जुड़ी एक-एक बुक आपके पास होनी चाहिए। बुक एवं नोट्स की सहायता से आप खुद का एक नोट्स तैयार करें। मैंने PCS-2018 में सामान्य अध्ययन के चारों पेपर के खुद के नोट्स बनाए। परीक्षा के समय उसको बार-बार याद कर अपनी सफलता को सुनिश्चित किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने अपने नोट्स बनाए? ये नोट्स किस प्रकार उपयोगी रहे? एक ही कोचिंग संस्थान के नोट्स का उपयोग कई छात्र करते हैं। ऐसे में इन नोट्स को औरों से अलग बनाने हेतु आपने क्या रणनीति अपनाई?

विनय कुमारः जी मैंने मुख्य परीक्षा हेतु सभी विषयों का खुद का नोट्स बनाया। मेरे नोट्स में सभी कोचिंग एवं बुक के मैटर को एकत्रित करके एक स्थान पर लिखा था। नोट्स बनाते समय आप शब्दों को अपने सरल शब्दों में लिखें। कुछ नोट्स जैसे- अर्थव्यव्स्था, पर्यावरण, विज्ञान-प्रौद्योगिकी को हमेशा अपडेट करते रहें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा के प्रश्न-पत्र की तैयारी के लिए आपने क्या किया? छात्रें को इस संदर्भ में आप क्या मार्गदर्शन दे सकते हैं?

विनय कुमारः वर्तमान में मुख्य परीक्षा के नीतिशास्त्र के विषय पर प्रतियोगी काफी परेशान रहते हैं। मेरा मानना है कि आप इसके लिए किसी कोचिंग के नोट्स एवं एक बुक की सहायता से नोट्स बनाये। इसके लिए आप यू-ट्यूब की हेल्प ले सकते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने निबंध की तैयारी कैसे की और परीक्षा भवन में इसके चयन और लेखन के लिए क्या रणनीति अपनाई?

विनय कुमारः निबंध हेतु आप सर्वप्रथम सभी टॉपिक को अलग-अलग कर लें। दैनिक समाचार पत्रें के स्तम्भ को अलग करके एकत्र कर लें। योजना, कुरुक्षेत्र की महत्ती भूमिका होती है। इसके लिए परम्परागत एवं समसामयिक विषयों पर भी ध्यान रखने की जरूरत होती है। निबंध शुरू करने से पहले सर्वप्रथम प्रथम पेज पर निबंध की फ्रेमिंग अवश्य कर दें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली क्या होनी चाहिए? इसके लिए आपने तैयारी के दौरान क्या तरीका अपनाया?

विनय कुमारः उत्कृष्ट उत्तर शैली हेतु सर्वप्रथम प्रश्न का उत्तर शुरू करने से पहले उत्तर का फ्रेमिंग अवश्य करें। इसके लिए तीर, गोला या आयत का प्रयोग कर सकते हैं। मैंने सभी प्रश्नों के उत्तर हेतु एक शॉर्ट फ्रेमिंग की थी।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने साक्षात्कार की तैयारी कैसे की? आपका साक्षात्कार कैसा रहा? आपसे कैसे प्रश्न पूछे गए? क्या किसी प्रश्न पर आप नर्वस भी हुए?

विनय कुमारः मेरी मुख्य परीक्षा अच्छी हुई थी। अतः उसी समय से मैंने ग्रुप डिस्कशन एवं न्यूज पेपर पर ज्यादा फोकस करना शुरू कर दिया था। मुख्य परीक्षा का परिणाम आने के बाद मैंने पूरी ऊर्जा से साक्षात्कार की तैयारी की।

साक्षात्कार में पूछे गए प्रश्न

  • अभी आप क्या कर रहे है? .पदों की वरीयता क्रम बताइए . मूल कर्त्तव्य एवं नीति निदेशक तत्व से प्रश्न . गुप्त एवं मौर्य काल से प्रश्न . अपनी कुछ उपलब्धियां बताइए . राफेल विमान की विशेषताएं क्या हैं? . आपके मुख्य परीक्षा के विषय क्या थे? . अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कैसे हुआ? . नई शिक्षा नीति-2020 क्या है? . भारत सरकार की योजनाएं बताएं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने कोचिंग ली? कोचिंग किस प्रकार उपयोगी रही? वैसे छात्र जो तैयारी हेतु कोचिंग की सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे?

विनय कुमारः मैंने प्रारंभिक परीक्षा हेतु कोई कोचिंग नहीं ली थी। प्रारंभिक परीक्षा हेतु मैंने मानक पुस्तकों एवं नोट्स की सहायता ली थी। मुख्य परीक्षा हेतु मैंने कुछ कोचिंग की सहायता ली थी। मेरा मानना है कि अगर आप सक्षम हैं तो कोचिंग अवश्य ले लें। अपना खुद का नोट्स भी बनाएं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः जो छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे? यदि कोई ग्रामीण पृष्ठभूमि का या आर्थिक रूप से कमजोर छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहता हो, तो ऐसे छात्र को क्या करना चाहिए?

विनय कुमारः मेरा मानना है कि PCS अधिकारी बनना एक जुनून होता है। सिविल सेवा की तैयारी हेतु यदि आप आर्थिक रूप से कमजोर हों तो आप कोचिंग ना करें। आप खुद के नोट्स बनाएं। यू-ट्यूब पर फ्री क्लास लें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सामान्य धारणा यह है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करने से पूर्व कोई कैरियर विकल्प भी अपने पास रखना चाहिए। क्या आपने भी कोई कैरियर विकल्प रखा था?

विनय कुमारः मैं मानता हूं कि यदि आप केवल PCS की तैयारी कर रहे हैं तो कोई अन्य डिग्री आपको अवश्य रखनी चाहिए। जैसे- B.ed, L.L.B संभव हो तो कर लें। बाद में कुछ विशेष पदों हेतु इसकी आवश्यकता होती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः तैयारी में पत्र-पत्रिकाओं से आपको कितनी सहायता मिली? आपने किन पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन किया? सिविल सेवा परीक्षा के लिए इन पत्र-पत्रिकाओं की कितनी उपयोगिता है?

विनय कुमारः पत्र पत्रिकाओं की भूमिका बहुत ज्यादा होती है। इसके लिए क्रॉनिकल के विशेषांक एवं क्रॉनिकल की समसामयिकी बहुत महत्वपूर्ण है। दैनिक समाचार पत्रें के साथ-साथ योजना एवं कुरुक्षेत्र को भी पढ़ते रहने की जरूरत है।

अनुशंसित पुस्तक सूची

  • प्रारंभिकी सामान्य अध्ययनः NCERT, मेग्रा हिल्स पब्लिकेशंस की पुस्तकें, घटना चक्र पूर्वावलोकन
  • मुख्य सामान्य अध्ययनः दृष्टि आईएएस के नोट्स, विजन आईएएस के नोट्स, मेग्रा हिल्स की बुक IAS साल्व पेपर
  • मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषयः इतिहास- NCERT, अखिल मूर्ति सर की पुस्तकें, के-डी- सर के नोट्स
  • पत्र एवं पत्रिकाएंः समसामयिकी क्रॉनिकल, योजना पत्रिका, कुरुक्षेत्र पत्रिका

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल पत्रिका आपको कैसी लगी? आपकी सफलता में इसका कितना योगदान है? क्या आप इसमें किसी प्रकार के बदलाव की अपेक्षा रखते हैं?

विनय कुमारः क्रॉनिकल पत्रिका मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण रही है। इसमें मुख्य एवं प्रारंभिक परीक्षा हेतु विशेषांक बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस पत्रिका में सफल लोगों का साक्षात्कार मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। मैं इस पत्रिका एवं क्रॉनिकल परिवार को धन्यवाद देना चाहता हूं।

धन्यवाद


देवेन्द्र प्रताप सिंह
यूपीपीसीएस 2018 एसडीएम पद पर चयन
आत्मविश्वास, आत्मप्रेरणा एवं सकारात्मकता से भरपूर होना सकारात्मक पक्ष है।


परिचय

  • नाम: देवेन्द्र प्रताप सिंह
  • पिता का नाम एवं पेशा: श्री श्रीराम यादव (अभियोजन अधिकारी)
  • माता का नाम: श्रीमती रामकन्या देवी (गृहिणी)
  • शैक्षिक योग्यता: सिविल इंजीनियरिंग (MNNIT Allahabad)
  • अभिरुचियांः ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों पर घूमना, आध्यात्मिक ज्ञान हासिल करना, महापुरुषों की जीवनी पढ़ना।
  • आदर्श व्यक्तिः श्री रामकृष्ण परमहंस, महात्मा गांधी, मेरे पिता।
  • वैकल्पिक विषयः समाजशास्त्र
  • सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्षः आत्मविश्वास, आत्मप्रेरणा एवं सकारात्मकता से भरपूर होना सकारात्मक पक्ष है। भावनात्मक होना- नकारात्मक पक्ष।
  • यूपीपीसीएस 2018 में पहले प्रयास में SDM पद पर चयन
  • अन्य उपलब्धियांःIB ACIO, UPSC (CSE) 2018, UPSC CAPF (2019) के साक्षात्कार में शामिल हुआ।
  • स्वयं के नोट्स बनाएं तथा उसी प्रारूप में बनाएं जैसे उन्हें परीक्षा में लिखना है- संक्षिप्त एवं टू द पॉइंट

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः यूपीपीसीएस 2018 में शानदार सफलता के लिए आपको हार्दिक बधाई- आपकी सफलता में परिवार, मित्रें व शिक्षकों का सहयोग कैसा रहा? आपकी पृष्ठभूमि ने आपकी सफलता में किस प्रकार योगदान किया?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः मेरी सफलता में मेरे पिता, माता, बहन, मित्रें और शिक्षकों का भरपूर सहयोग रहा विशेषकर मेरे पिता का। मेरे पिता ने भी सिविल सेवा की तैयारी की थी। उनका अनुभव और मार्गदर्शन काफी सहायक रहा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने परीक्षा की तैयारी आरंभ कैसे की? तैयारी आरंभ करते समय आपने किन पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया? परीक्षा की तैयारी शुरू करने का आदर्श समय क्या होना चाहिए?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः मैंने ग्रेजुएशन के बाद ही परीक्षा की तैयारी की। सही मार्गदर्शन के लिए जरूरी विषयों की कोचिंग भी की। मैंने शुरुआत में जो मुख्य विषय हैं जैसे इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था आदि पर ध्यान दिया। इनके लिए एनसीईआरटी और मानक पुस्तकों का अध्ययन किया। मेरे हिसाब से हमें स्नातक के अंतिम वर्ष से तैयारी प्रारंभ कर देनी चाहिए और सभी विषयों की एनसीईआरटी (9 to 12th) पढ़नी चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः भाषा माध्यम के कारण क्या आपको कोई लाभ हुआ? क्या आप मानते हैं कि अंग्रजी भाषी लाभप्रद स्थिति में होते हैं?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः मेरा भाषा माध्यम अंग्रेजी है और पूर्णतया स्वीकार करता हूं कि अंग्रेजी भाषा वाले विद्यार्थी ज्यादा लाभप्रद स्थिति में होते हैं। क्योंकि उन्हें बेहतर अध्ययन सामग्री, अच्छी राइटिंग स्पीड आदि के फायदे हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसके चयन का आधार क्या था? क्या वैकल्पिक विषय के चयन में आपने कथित लोकप्रियता को भी आधार बनाया?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः मेरा वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र (Sociology) था। मेरे चयन का आधार था- सामान्य अध्ययन और निबंध के पेपर में इससे मदद मिलना, बार-बार पढ़ने में भी रुचि बने रहना और इसका उपयुक्त सेलेबस।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः परीक्षा के तीनों चरणों की तैयारी के लिए आप कितना समय उपयुक्त मानते हैं? तीनों चरणों की तैयारी में आपकी समय की रणनीति एक जैसी रही या उसमें बदलाव भी किए?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः परीक्षा के शुरुआती दो चरणों की तैयारी हमें एक-साथ करनी चाहिए। दोनों चरणों के परीक्षा पैटर्न के अनुसार उनकी तैयारी करनी बहुत जरूरी है। प्रतिदिन 10-11 घंटे की पढ़ाई बहुत है। साक्षात्कार के लिए वैकल्पिक विषय, करेंट अफयर्स और बायोडेटा पर थोड़ा ध्यान दें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन की अहमियत बढ़ा दी गई है। इसे पूरी तरह कवर करने व अच्छी तरह तैयार करने का सर्वाेत्तम तरीका क्या हो सकता है? मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के विस्तृत पाठड्ढक्रम को देखते हुए इसकी तैयारी के लिए आपने क्या रणनीति अपनाई? परीक्षा भवन में प्रश्नों को हल करने के लिए क्या आपने कोई विशेष रणनीति अपनाई?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः सामान्य अध्ययन की तैयारी के लिए रणनीतिः

  1. मानक पुस्तकों को 4-5 बार पढ़ें और स्वयं उनके जरूरी नोट्स (Self Notes) तैयार कर लें।
  2. करेंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दें, उनके भी स्वयं नोट्स बना लें।
  3. नोट्स को बार-बार पढ़ें और छोटा करते जाएं। फ्लोचार्ट, डायग्राम व मैप का प्रयोग करें।
  4. परीक्षा में हर हाल में पेपर पूरा करें। पहले बड़े उत्तर करें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने अपने नोट्स बनाए? ये नोट्स किस प्रकार उपयोगी रहे? एक ही कोचिंग संस्थान के नोट्स का उपयोग कई छात्र करते हैं। ऐसे में इन नोट्स को औरों से अलग बनाने हेतु आपने क्या रणनीति अपनाई?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः स्वयं के नोट्स अत्यंत आवश्यक हैं। किसी भी कोचिंग संस्थान के नोट्स या मानक पुस्तकों काे पढ़ें लेकिन नोट्स स्वयं के ही बनाएं। नोट्स वैसे ही बनाएं जैसे उन्हें परीक्षा में लिखना है- संक्षिप्त एवं टू द पॉइंट।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा के प्रश्न-पत्र की तैयारी के लिए आपने क्या किया? छात्रें को इस संदर्भ में आप क्या मार्गदर्शन दे सकते हैं?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा विषय की तैयारी के लिए मेरा सुझाव:

  1. किसी कोचिंग संस्थान के नोट्स लेकर प्रत्येक चेप्टर के शॉर्ट नोट्स बना लें।
  2. सेलेबस में जो महत्वपूर्ण शब्द हैं जैसे - अभिवृत्ति, सत्यनिष्ठा, ईमानदारी आदि इनकी व्याख्या और उदाहरण तैयार कर लें।
  3. महापुरुषों के कथन (Quotation) रट लें और उनका परीक्षा में भरपूर प्रयोग करें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने निबंध की तैयारी कैसे की और परीक्षा भवन में इसके चयन और लेखन के लिए क्या रणनीति अपनाई?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः निबंध की तैयारी के लिए पठन एवं लेखन कौशल विकसित करें। महत्वपूर्ण विषय जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला आदि पर नोट्स तैयार कर लें। सरकारी योजनाएं, प्रसिद्ध लोगों के सुझाव, महापुरुषों के कथनों का खूब प्रयोग करें। निबंध एक लय में हर पहलू को समझाते हुए सकारात्मक भाव में लिखें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली क्या होनी चाहिए? इसके लिए आपने तैयारी के दौरान क्या तरीका अपनाया?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः अच्छी लेखन शैली के लिए आवश्यक है-

  1. खूब लेखन अभ्यास (Writing practice) करें ताकि राइटिंग स्पीड बढ़ाई जा सके।
  2. फ्लोचार्ट, डायग्राम व मैप आदि का प्रयोग करें।
  3. उत्तर एक क्रम में लिखें (Introduction-body-end) उत्तर की समाप्ति सकारात्मक रखें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने साक्षात्कार की तैयारी कैसे की? आपका साक्षात्कार कैसा रहा? आपसे कैसे प्रश्न पूछे गए? क्या किसी प्रश्न पर आप नर्वस भी हुए?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः साक्षात्कार की तैयारी मैंने स्वयं की। आत्मविश्वास और अधिकारी जैसी सोच और व्यवहार आवश्यक है। मेरा साक्षात्कार अच्छा रहा और लगभग हर विषय से प्रश्न पूछे गए। एक प्रश्न ने नर्वस किया कि ऑटोमेशन, टेक्निकलाइजेशन, मेकनाइजेशन एवं डिजिटलाइजेशन में फर्क बताइए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने कोचिंग ली? कोचिंग किस प्रकार उपयोगी रही? वैसे छात्र जो तैयारी हेतु कोचिंग की सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः मैंने जरूरी विषय के लिए कोचिंग ली। मेरा मानना है कि अगर आपको सही मार्गदर्शन देने वाला व्यक्ति है जैसे कि कहां से, कितना, क्या पढ़ें, टाइम मैनेजमेंट कैसे करें आदि तो कोचिंग की आवश्यकता नहीं है। टेस्ट सीरीज जरूर जॉइन करें, यह आवश्यक है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः जो छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे? यदि कोई ग्रामीण पृष्ठभूमि का या आर्थिक रूप से कमजोर छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहता हो, तो ऐसे छात्र को क्या करना चाहिए?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः उन्हें मैं यही सलाह दूंगा कि सिविल सेवा की तैयारी कोई भी कर सकता है बस उसके लिए कड़ी मेहनत, हार न मानने वाला एट्टीट्यूड और आत्मविश्वास चाहिए। तैयारी एनसीईआरटी से शुरू कर सकते हैं। ऑनलाइन उपलब्ध पीडीएफ, किताबों का उपयोग करें। खुद के नोट्स बनाएं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सामान्य धारणा यह है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करने से पूर्व कोई कैरियर विकल्प भी अपने पास रखना चाहिए। क्या आपने भी कोई कैरियर विकल्प रखा था?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः मेरा स्नातक सिविल इंजीनियरिंग से है। मेरे पास विकल्प भी था पर मैंने छोड़ दिया। मेरा मानना है कि पूरी लगन से तैयारी करें, विकल्प पर ध्यान न दें। समय लग सकता है पर सफलता अवश्य मिलेगी।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः तैयारी में पत्र-पत्रिकाओं से आपको कितनी सहायता मिली? आपने किन पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन किया? सिविल सेवा परीक्षा के लिए इन पत्र-पत्रिकाओं की कितनी उपयोगिता है?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः करेंट अफेयर्स की पत्रिकाएं काफी सहायक है। तैयारी में मैंने योजना, क्रॉनिकल आदि पत्रिकाओं का अध्ययन किया। करेंट अफेयर्स की तैयारी में ये अहम भूमिका अदा करती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल पत्रिका आपको कैसी लगी? आपकी सफलता में इसका कितना योगदान है? क्या आप इसमें किसी प्रकार के बदलाव की अपेक्षा रखते हैं?

देवेन्द्र प्रताप सिंहः क्रॉनिकल पत्रिका का कंटेंट भी बहुत अच्छा है। यह सिविल सेवा की तैयारी में बहुत उपयोगी है।


मनीष कुमार
यूपीपीसीएस 2018 एसडीएम पद पर चयन
टाइम मैनेजमेंट और बेहतर रणनीति, सफलता का मूल मंत्र है


परिचय

  • नाम: मनीष कुमार
  • पिता का नाम एवं पेशा: श्री राम सनेही, शिक्षक
  • माता का नाम: श्रीमती सुनीता देवी (गृहिणी)
  • शैक्षिक योग्यता: स्नातक- मैथमेटिक्स_ परास्नातक- भूगोल।
  • अभिरुचियां: फिल्में देखना, संगीत सुनना एवं ज्वनतपेउ
  • आदर्श व्यक्ति: ई- श्रीधरन (मैट्रो मैन), टीएन शेषन, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी
  • सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्षः धैर्य एवं संयम- सकारात्मक पक्ष। अतिभावुकता- नकारात्मक पक्ष
  • वैकल्पिक विषय: भूगोल

टाइम मैनेजमेंट और बेहतर रणनीति, सफलता का मूल मंत्र है

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः यूपीपीसीएस 2018 में शानदार सफलता के लिए आपको हार्दिक बधाई। आपकी सफलता में परिवार, मित्रें व शिक्षकों का सहयोग कैसा रहा? आपकी पृष्ठभूमि ने आपकी सफलता में किस प्रकार योगदान किया?

मनीष कुमारः जी धन्यवाद! सही दिशा सदैव सफलता को नजदीक लाती है, शिक्षकों व अन्य सीनियर्स ने मेरी इसमें मदद की। मित्रें और परिवारजनों ने सदैव सकारात्मक उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार मैं सफलता के नजदीक पहुंच सका।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने परीक्षा की तैयारी आरंभ कैसे की? तैयारी आरंभ करते समय आपने किन पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया? परीक्षा की तैयारी शुरू करने का आदर्श समय क्या होना चाहिए?

मनीष कुमारः शुरुआत में मेरा रुझान वन डे एग्जाम्स के प्रति था। लेकिन मेरे आस-पास ‘सिविल सेवा’ के अधिक विद्यार्थी थे, इस कारण मेरा भी आकर्षण इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए बढ़ा। सीनियर्स और अन्य डिजिटल माध्यमों से मैंने मदद ली। याद रखिए जिस दिन आपने लक्ष्य तय कर लिया और दृढ़विश्वास के साथ ‘सही दिशा’ में काम शुरू किया वही आदर्श समय है- तैयारी का।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः भाषा माध्यम के कारण क्या आपको कोई लाभ हुआ? क्या आप मानते हैं कि अंग्रेजी भाषी लाभप्रद स्थिति में होते हैं?

मनीष कुमारः मेरी मातृभाषा ‘हिन्दी’ थी, इसलिए ‘सिविल सेवा’ में भी मैंने अपनी परीक्षा का माध्यम ‘हिन्दी’ रखा क्योंकि अपनी भाषा में सहज और सरल अभिव्यक्ति की जा सकती है। ‘अंग्रेजी माध्यम’ के लिए अधिक पाठ्यसामग्री उपलब्ध है जो गुणवत्तापूर्ण भी है। यद्यपि हिन्दी भाषी थोड़ा अतिरिक्त मेहनत करें तो यह रुकावट बहुत बड़ी नहीं है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसके चयन का आधार क्या था? क्या वैकल्पिक विषय के चयन में आपने कथित लोकप्रियता को भी आधार बनाया?

मनीष कुमारः मेरा वैकल्पिक विषय ‘भूगोल’ था, चूंकि भूगोल एक वृहद विषय है, जिसमें अन्य सामान्य अध्ययन की विषयवस्तु भी सम्मिलित हो जाती है, साथ ही मैं विज्ञान वर्ग से था तो ‘भूगोल’ मुझे अनुकूल विषय भी लगा। इसके अतिरिक्त भूगोल में पाठ्यसामग्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है इस कारण विषय को सम्पूर्णता के साथ पढ़ा जा सकता है। इन सब बिन्दुओं को ध्यान में रखकर मैंने अपने वैकल्पिक विषय का चुनाव किया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः परीक्षा के तीनों चरणों की तैयारी के लिए आप कितना समय उपयुक्त मानते हैं? तीनों चरणों की तैयारी में आपकी समय की रणनीति एक जैसी रही या उसमें बदलाव भी किए?

मनीष कुमारः टाइम मैनेजमेंट और बेहतर रणनीति, सफलता का मूल मंत्र है। प्रीलिम्स (fact + concept) मेंस (concept + answer writting) और इंटरव्यू (व्यक्तिगत परीक्षण), तीनों स्तरों पर हमें रणनीति में बदलाव करके काम करना चाहिए। मेंस, इंटरव्यू की तैयारी साथ में करें। जबकि प्रीलिम्स की तैयारी- प्रीलिम्स पेपर के 4 माह पूर्व से कर सकते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन की अहमियत बढ़ा दी गई है। इसे पूरी तरह कवर करने व अच्छी तरह तैयार करने का सर्वाेत्तम तरीका क्या हो सकता है? मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के विस्तृत पाठड्ढक्रम को देखते हुए इसकी तैयारी के लिए आपने क्या रणनीति अपनाई? परीक्षा भवन में प्रश्नों को हल करने के लिए क्या आपने कोई विशेष रणनीति अपनाई?

मनीष कुमारः सेलेबस को ध्यान में रखकर विषय-वस्तु को तैयार करें। कोशिश करें कि बिंदुवार सिनॉप्सिस (synopsis) बना लें। समय-समय पर उनका रिवीजन करें और उपयुक्त तथा सारगर्भित भाषा में उत्तर-लेखन अभ्यास करें। करेन्ट अफेयर्स को संबंधित विषय से जोड़कर अभ्यास करें_ इससे आपका उत्तर अधिक प्रासंगिक बनेगा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने अपने नोट्स बनाए? ये नोट्स किस प्रकार उपयोगी रहे? एक ही कोचिंग संस्थान के नोट्स का उपयोग कई छात्र करते हैं। ऐसे में इन नोट्स को औरों से अलग बनाने हेतु आपने क्या रणनीति अपनाई?

मनीष कुमारः जी अवश्य। अपने नोट्स बनाना और उनसे तैयारी करना सदैव ही अच्छी रणनीति है। सम्पूर्णता में नोट्स बनाएं, साथ ही पेपर के हिसाब से ‘प्वाइंट-वाइज’ नोट्स भी बनाएं ताकि पेपर के समय रिवीजन आसानी से कर सकें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा के प्रश्न-पत्र की तैयारी के लिए आपने क्या किया? छात्रें को इस संदर्भ में आप क्या मार्गदर्शन दे सकते हैं?

मनीष कुमारः Ignited Minds के ‘अमित सर’ के मार्गदर्शन में मैंने ‘नीतिशास्त्र पेपर’ की तैयारी की। नीतिशास्त्र का पेपर अवधारणात्मक स्तर पर मजबूत होना चाहिए, क्योंकि यह पेपर सरल व अंकदायी है। हालांकि इस पेपर को सम्पूर्णता से तैयार करना चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने निबंध की तैयारी कैसे की और परीक्षा भवन में इसके चयन और लेखन के लिए क्या रणनीति अपनाई?

मनीष कुमारः निबंध की तैयारी करने के लिए, आपको अपनी विश्लेषण क्षमता को बढ़ाना होगा। प्रसिद्ध व्यक्तित्वों के ‘कोटेशन’ एवं विभिन्न पत्रिकाओं से निबंध संबंधी डेटा एकत्रित कर लेना चाहिए। UPPCS में निबंध के विषय - पूर्व निर्धारित हैं इसलिए उन सब पर कुछ अच्छे निबंधों का अभ्यास कर लेना चाहिए, इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप पेपर में अधिक सहजता से निबंध का चुनाव कर पाएंगे।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली क्या होनी चाहिए? इसके लिए आपने तैयारी के दौरान क्या तरीका अपनाया?

मनीष कुमारः उत्कृष्ट उत्तर वही है जिसमें प्रश्न की मांग के अनुरूप सभी पहलुओं पर ध्यान दिया गया हो। मैप व अन्य प्रस्तुतिकरण विकल्पों का उपयोग कर अपना उत्तर अन्य अभ्यर्थियों से अच्छा किया जा सकता है। सारगर्भित और उचित शब्दावलियों का उपयोग करें। उदाहरण के लिए ‘अनुसंधान’ की जगह ‘रिसर्च’ शब्द उपयोग करें। इससे समय कम लगेगा और चर्चित शब्द उपयोग होगा।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने साक्षात्कार की तैयारी कैसे की? आपका साक्षात्कार कैसा रहा? आपसे कैसे प्रश्न पूछे गए? क्या किसी प्रश्न पर आप नर्वस भी हुए?

मनीष कुमारः व्यक्तित्व का निर्माण कुछ माह में नहीं हो सकता, इसलिए अपनी तैयारी के दौरान ही व्यक्तित्व के निर्माण पर अपना ध्यान दें। जैसे- ‘सर्वोच्च न्यायालय’ न कहकर ‘माननीय सर्वोच्च न्यायालय’ कहें। ध्यान रखें साक्षात्कार देते समय सामान्यतः सभी नर्वस होते हैं लेकिन आपको डरना नहीं है। स्पष्ट जबाव दें, घबराएं नहीं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने कोचिंग ली? कोचिंग किस प्रकार उपयोगी रही? वैसे छात्र जो तैयारी हेतु कोचिंग की सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे?

मनीष कुमारः एक बार कोचिंग अवश्य लेनी चाहिए इससे पूरे पाठ्यक्रम और विषयों को सम्पूर्णता में समझा जा सकता है। कोचिंग समाप्त होने पर ‘सेल्फ-स्टडी’ और ‘डिजिटल प्लेटफॉर्म्स- यू-टयूब, वेबसाइट्स’ आदि का उपयोग करना चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः जो छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे? यदि कोई ग्रामीण पृष्ठभूमि का या आर्थिक रूप से कमजोर छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहता हो, तो ऐसे छात्र को क्या करना चाहिए?

मनीष कुमारः ‘सिविल सेवा’ कैरियर के लिए बेहतर विकल्प है लेकिन इस तैयारी में धैर्य और संयम अधिक चाहिए। नकारात्मक लोगों से बचें, सकारात्मक तैयारी करें। जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं वो ‘स्कॉलरशिप’ टेस्ट दे सकते हैं जिससे कोचिंग में एडमिशन आसानी से हो जाएगा। इसके अतिरिक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भी प्रयोग करें।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सामान्य धारणा यह है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करने से पूर्व कोई कैरियर विकल्प भी अपने पास रखना चाहिए। क्या आपने भी कोई कैरियर विकल्प रखा था?

मनीष कुमारः ‘सिविल सेवा’ में धैर्य और संयम अधिक महत्वपूर्ण है इसलिए कॅरियर के लिए एक अन्य विकल्प अवश्य रखना चाहिए। मैंने अन्य विकल्प के लिए ‘उच्च शिक्षा में जाना’ तय कर रखा था। ताकि बेहतर डिग्री कॉलेज में पढ़ा सकूं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः तैयारी में पत्र-पत्रिकाओं से आपको कितनी सहायता मिली? आपने किन पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन किया? सिविल सेवा परीक्षा के लिए इन पत्र-पत्रिकाओं की कितनी उपयोगिता है?

मनीष कुमारः मासिक पत्रिकाएं आपके कंटेन्ट को बढ़ाती हैं। ‘भूगोल और आप’, डाउन टू अर्थ ‘सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल’ का मासिक अंक मैं नियमित रूप से पढ़ता था। इससे करेन्ट अफेयर्स पर पकड़ बेहतर बनती है और वर्तमान मुद्दों पर समझ विकसित होती है। इसके अतिरिक्त यू-ट्यूब, वेबसाइट्स वगैरह मेरे लिए मददगार रहे।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल पत्रिका आपको कैसी लगी? आपकी सफलता में इसका कितना योगदान है? क्या आप इसमें किसी प्रकार के बदलाव की अपेक्षा रखते हैं?

मनीष कुमारः सिविल सेवा की तैयारी करने वाले ज्यादातर प्रतिस्पर्धी ‘क्रॉनिकल पत्रिका’ पढ़ते हैं। इस बात से ही पत्रिका का महत्व समझा जा सकता है। प्रीलिम्स फैक्ट्स, विषयों पर गहरी समझ और उचित शब्दावलियों का उपयोग पत्रिका में सारगर्भित व सहज तरीके से किया जाता है जिससे तैयारी को धार मिलती है।

धन्यवाद


अभितेष सिंह
यूपीपीसीएस 2018 डिप्टी एसपी पद पर चयन
मेरी सफलता में मेरी पृष्ठभूमि का बड़ा योगदान रहा।


परिचय

  • नाम: अभितेष सिंह
  • पिता का नाम एवं पेशा: श्री रायबहादुर सिंह (पुलिस उपनिरीक्षक)
  • माता का नाम: श्रीमती कुसुम सिंह (गृहिणी)
  • शैक्षिक योग्यताः बी-टेक- (ऑनर्स), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
  • अभिरुचियांः क्रिकेट खेलना, फिल्में देखना, गाने सुनना
  • आदर्श व्यक्तिः सचिन तेंदुलकर
  • पूर्व चयनः रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (M.P.), सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Wipro Technologies, Bangalore)

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः यूपीपीसीएस 2018 में शानदार सफलता के लिए आपको हार्दिक बधाई। आपकी सफलता में अपने परिवार, मित्रें व शिक्षकों का सहयोग कैसा रहा? आपकी पृष्ठभूमि ने आपकी सफलता में किस प्रकार योगदान दिया?

अभितेष सिंहः जी बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरी सफलता में मेरी पृष्ठभूमि का बड़ा योगदान रहा। मेरा पूरा परिवार (विशेषकर बड़े भैया रितेष), मेरे सभी मित्र (विशेषकर मित्र ओम व ब्रजेन्द्र) एवं शिक्षक इस सफलता के अभिन्न अंग हैं। मैं इस सफलता का बाहरी चेहरा मात्र हूं। इस सफलता में पर्दे के पीछे कई लोगों का योगदान है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने परीक्षा की तैयारी आरंभ कैसे की? तैयारी आरंभ करते समय आपने किन पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया? परीक्षा की तैयारी शुरू करने का आदर्श समय क्या होना चाहिए?

अभितेष सिंहः पारिवारिक माहौल व सिविल सेवा के प्रति लगाव के कारण मैंने तैयारी शुरू की। ‘संकल्पना निर्माण’ पर व वैकल्पिक विषय पर अधिक ध्यान दिया। स्नातक का अंतिम वर्ष एक उचित समय हो सकता है लेकिन यह प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थिति पर भी निर्भर करता है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः भाषा माध्यम के कारण क्या आपको कोई लाभ हुआ? क्या आप मानते हैं कि अंग्रेजी भाषी लाभप्रद स्थिति में होते हैं?

अभितेष सिंहः जी नहीं। मेरा माध्यम हिन्दी था, जिसमें मुझे हानि ही हुई है। निश्चित रूप से अंग्रेजी माध्यम वाले उम्मीदवार लाभप्रद स्थिति में हैं। आंकड़े इसके गवाह हैं और यह कहना गलत होगा कि भाषा महज एक माध्यम है। भाषा एक 'status symbol' बन गई है, फिर चाहे वह समाज में हो या परीक्षा में।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इनके चयन का आधार क्या था? क्या वैकल्पिक विषय के चयन में आपने कथित लोकप्रियता को भी आधार बनाया या उसमें बदलाव किये?

अभितेष सिंहः मेरा वैकल्पिक विषय भूगोल था। इसके चयन का आधार मेरी रुचि व मेरा इंजीनियरिंग बैकग्राउण्ड था। कथित लोकप्रियता तभी मायने रखती है जब आपकी उस विषय में रुचि हो।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः परीक्षा के तीनों चरणों की तैयारी के लिए आप कितना समय उपयुक्त मानते हैं? तीनों की तैयारी में समय की रणनीति आपकी एक जैसी रही या उसमें बदलाव भी किए?

अभितेष सिंहः करीब डेढ़ वर्ष का समय तैयारी के लिए उपयुक्त है लेकिन परीक्षा में चयन कई कारकों पर भी निर्भर करता है। निश्चित रूप से तीनों चरणों के लिए अलग-अलग रणनीति की आवश्यकता होती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन की अहमियत बढ़ा दी गई है। इसे पूरी तरह कवर करने व अच्छी तरह तैयारी करने का सर्वोत्तम तरीका क्या हो सकता है? मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के विस्तृत पाठ्यक्रम को देखते हुए इसकी तैयारी के लिए आपने क्या रणनीति अपनाई? परीक्षा भवन में प्रश्नों को हल करने के लिए आपने क्या कोई विशेष रणनीति अपनाई?

अभितेष सिंहः सर्वोत्तम तरीका ईमानदारी से मेहनत करना है। बहुविषयक दृष्टिकोण, सभी विषयों पर बराबर ध्यान देना और समाज व देश के मुद्दों के प्रति आंखें खुली रखना एक अच्छी रणनीति हो सकती है। ‘टू द पॉइंट’ उत्तर लिखना ही अब एकमात्र विकल्प है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने अपने नोट्स बनाए? ये नोट्स किस प्रकार उपयोगी रहे? एक ही कोचिंग संस्थान के नोट्स का उपयोग कई छात्र करते हैं। ऐसे में इन नोट्स को औरों से अलग बनाने हेतु आपने क्या रणनीति अपनाई?

अभितेष सिंहः जी हां, कुछ नोट्स खुद बनाए, कुछ में कोचिंग की मदद ली। कोचिंग के नोट्स में ही आप नये एवं रचनात्मक तथ्य जोड़कर उन्हें बेहतर बना सकते हैं।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः नीतिशास्त्र व सत्यनिष्ठा पत्र की तैयारी के लिए आपने क्या किया? छात्रें को इस संदर्भ में आप क्या मार्गदर्शन दे सकते हैं?

अभितेष सिंहः सच कहूं तो नीतिशास्त्र के लिए कोई एक, स्तरीय किताब दिखाई नहीं देती। आपको इसे कई माध्यमों से तैयार करना होता है। दृष्टि IAS के नोट्स, विजन IAS नोट्स व क्रॉनिकल की LEXICON इसमें मददगार हो सकती है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने निबंध की तैयारी कैसे की और परीक्षा भवन में इसके चयन और लेखन के लिए क्या रणनीति अपनाई?

अभितेष सिंहः निबंध के लिए मैंने दृष्टि IAS के विकास दित्यकीर्ति सर से मार्गदर्शन लिया। दरअसल निबंध पर उनका एकाधिकार है। परीक्षा भवन में आप वही निबंध चुनें जिस पर आपकी पकड़ मजबूत हो। निबंध में समय प्रबंधन, विषय की गहराई व प्रवाह की भूमिका निर्णायक है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः उत्कृष्ट उत्तर लेखन शैली क्या होनी चाहिए?इसके लिए आपने तैयारी के दौरान क्या तरीका अपनाया?

अभितेष सिंहः ‘प्रश्न की मांग के अनुसार उत्तर’ ही उत्कृष्ट उत्तर है। निःसंदेह इसमें मुद्दे की गहराई व बहुविषयक दृष्टिकोण का समावेश आवश्यक है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः आपने साक्षात्कार की तैयारी कैसे की? आपका साक्षात्कार कैसा रहा? आपसे कैसे प्रश्न पूछे गए? किसी प्रश्न पर आप नर्वस भी हुए?

अभितेष सिंहः साक्षात्कार में मैंने श्री आर-पी- सिंह सर से मार्गदर्शन लिया। मुझे नहीं लगता उनसे बेहतर उत्तर कोई दे सकता है। उनका साक्षात्कार कौशल अतुलनीय है। मेरा साक्षात्कार प्रभात कुमार सर (चेयरमैन) के बोर्ड में था। मुझसे हर तरह के प्रश्न पूछे गए। ये एक शानदार इंटरव्यू था। मैं प्रभात सर को इसके लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। उन्होंने अपनी पंक्ति ‘‘दयालु दीन बंधु के बड़े विशाल हाथ हैं’’, को सार्थक कर दिखाया।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः क्या आपने कोचिंग ली? कोचिंग किस प्रकार उपयोगी रही? ऐसे छात्र जो तैयारी हेतु कोचिंग की सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सुझाव देंगे?

अभितेष सिंहः जी हां अच्छे शिक्षक आपको सही रास्ता दिखाने का कार्य करते हैं, जिससे भटकाव कम होता है। लेकिन कई बार गलत शिक्षक आपको भटका भी सकते हैं। मेरा सुझाव है कि कोचिंग लेने में कोई बुराई नहीं है। आखिर अर्जुन ने भी तो कृष्ण से कोचिंग ही ली थी।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः जो छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहते हैं, उनको आप क्या सुझाव देंगे? यदि कोई ग्रामीण पृष्ठभूमि का या आर्थिक रूप से कमजोर छात्र सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करना चाहता हो, तो ऐसे छात्रें को क्या करना चाहिए?

अभितेष सिंहःप्रथम सुझाव तो यह है कि तैयारी आरंभ कर दें। संकल्पनाओं व उत्तर लेखन पर अधिक ध्यान दें लेकिन प्रारंभिक परीक्षा को कमतर न आंके। ग्रामीण व कमजोर पृष्ठभूमि के छात्र हर वर्ष चयनित होते हैं इसलिए निराश न हों_ ईमानदारी से तैयारी करें। शुरुआती असफलता से भी निराश न हों और ध्यान रखें-

‘‘विधना तेरे लेख, किसी के समझ न आते हैं,
जन-जन के नायक राम, वन को जाते हैं।’’

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सामान्य धारणा यह है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करने से पूर्व कोई कॅरियर विकल्प भी अपने पास रखना चाहिए। क्या आपने भी कोई कॅरियर विकल्प रख रखा था?

अभितेष सिंहः यह एक व्यक्तिपरक मामला है। मैं तो पहले ही ‘विप्रो टेक्नोलॉजीस बैंगलोर’ में सॉफ्रटवेयर इंजीनियर था। वैसे मेरे ख्याल में इस परीक्षा की अनिश्चितता के चलते एक कॅरियर विकल्प रखना चाहिए।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः तैयारी में पत्र-पत्रिकाओं से आपको कितनी सहायता मिली? आपने किन पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन किया? सिविल सेवा परीक्षा के लिए इन पत्र-पत्रिकाओं की कितनी उपयोगिता है?

अभितेष सिंहः पत्र-पत्रिकाएं ही सिविल सेवा की तैयारी का आधार हैं। मैंने सूची में वर्णित पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन किया, जिसमें सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल प्रमुख है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल पत्रिका आपको कैसी लगी? आपकी सफलता में इसका कितना योगदान है? क्या आप इसमें किसी प्रकार के बदलाव की अपेक्षा रखते हैं?

अभितेष सिंहः वर्तमान परिदृश्य में सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल एक शानदार पत्रिका है। मेरी सफलता में इसका भरपूर योगदान रहा। बदलाव के तौर पर इसमें अनावश्यक तथ्यों को कम किया जा सकता है।

सिविल सर्विसेज क्रॉनिकलः धन्यवाद

  • अभितेष सिंहः जी आपको भी धन्यवाद!
  • अनुशंसित पुस्तक सूची
  • इतिहास - स्पेक्ट्रम, राजव्यवस्था - लक्ष्मीकांत, भूगोल - महेश बर्णवाल, अर्थव्यवस्था - कुमार सर्वेश
  • वैकल्पिक विषय
  • आलोक रंजन नोट्स, कुमार ज्ञानेश नोट्स, सविन्द्र सिंह, भारत का भूगोल - आर-सी- तिवारी
  • पत्र एवं पत्रिकाएं: सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल, योजना, द हिन्दू, विजन IAS, घटना चक्र (वार्षिकी), AIR News.

Showing 1-5 of 6 items.