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राष्ट्रीय पशुधन मिशन का उद्यमिता विकास और नस्ल सुधार का प्रस्ताव


  • जुलाई 2021 में राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission- NLM) ने भोजन और चारा विकास सहित ग्रामीण इलाकों में कुक्कुट, भेड़, बकरी और सुअर पालन में उद्यमिता विकास और नस्ल सुधार पर गहराई से ध्यान देने का प्रस्ताव रखा है।
  • डेयरी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 4% का ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा जाएगा, जिससे 2 करोड़ किसानों को लाभ होगा और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • भारत सरकार द्वारा 2021-22 से शुरू होकर अगले 5 वर्षों के लिए दी जाने वाली 9800 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से पशुधन के क्षेत्र में कुल 54,618 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित किया जाएगा।

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वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का 23वां अंक


भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 1 जुलाई, 2021 को 'वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का 23वां अंक' (23rd issue of the Financial Stability Report) जारी किया गया।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: सतत नीति समर्थन, सौम्य वित्तीय स्थिति और टीकाकरण की गति एक ‘असमान वैश्विक सुधार’ का पोषण कर रही है।

  • नीतिगत समर्थन ने वैश्विक स्तर पर गैर-निष्पादित ऋण (non-performing loans) युक्त बैंकों की वित्तीय स्थिति और ऋण-शोधन क्षमता और चलनिधि को मजबूत बनाए रखने में मदद की है।
  • घरेलू मोर्चे पर, कोविड-19 की दूसरी लहर की गति ने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है, लेकिन मौद्रिक, विनियामक और राजकोषीय नीति उपायों ने वित्तीय संस्थाओं के ऋण-शोधन क्षमता जोखिम को कम करने, बाजारों को स्थिर करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद की है।
  • मार्च 2021 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का ‘जोखिम भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी अनुपात’ (Capital to Risk-weighted Assets Ratio- CRAR) बढ़कर 16.03% और ‘प्रावधानीकरण कवरेज अनुपात’ (Provisioning Coverage Ratio- PCR) 68.86% हो गया।
  • समष्टि दबाव टेस्ट (Macro stress tests) से संकेत मिलता है कि आधारभूत परिदृश्य के तहत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) का सकल गैर-निष्पादित आस्ति (Gross Non-Performing Asset- GNPA) अनुपात मार्च 2021 में 7.48% से बढ़कर मार्च 2022 तक 9.80%; और गंभीर दबाव परिदृश्य के तहत 11.22% तक हो सकता है, हालांकि SCBs के पास कुल और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर, यहां तक कि दबाव में भी पर्याप्त पूंजी है।

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धोलावीरा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंकित


27 जुलाई, 2021 को यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 44वें सत्र में गुजरात के कच्छ जिले में स्थित हड़प्पा काल के स्थल के रूप में विख्यात धोलावीरा को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंकित किया है। यह भारत का 40वां विश्व धरोहर स्थल है।

महत्वपूर्ण तथ्य: धोलावीरा का प्राचीन शहर दक्षिण एशिया में तीसरी से मध्य-दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व काल की चंद सबसे अच्छी तरह से संरक्षित प्राचीन शहरी बस्तियों में से एक है।

  • धोलावीरा स्थल अपनी पूर्व नियोजित नगर योजना, बहु-स्तरीय किलेबंदी, परिष्कृत जलाशयों और जल निकासी प्रणाली और निर्माण सामग्री के रूप में पत्थर के व्यापक उपयोग के साथ हड़प्पा शहरी नियोजन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • शहर से जुड़ी कला भी ध्यान देने योग्य है - विभिन्न प्रकार की कलाकृतियाँ जैसे तांबा, सीप, पत्थर, अर्ध-कीमती पत्थरों के आभूषण, टेराकोटा, सोना, हाथीदांत इस स्थल पर पाए गए हैं।
  • 1968 में खोजे गए इस स्थल को स्थानीय रूप से 'कोटदा टिम्बा' (किला टीला) के रूप में जाना जाता है।
  • चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क, रानी की वाव और अहमदाबाद के चारदीवारी वाले शहर के बाद, धोलावीरा यूनेस्को विश्व धरोहर टैग हासिल करने वाला गुजरात का चौथा स्थल है।
  • भारत के पास अब 32 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित यूनेस्को धरोहर स्थल हैं।

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नासा का नया अंतरिक्ष यान ‘एनईए स्काउट’


जुलाई 2021 में नासा ने घोषणा की कि उसके नए अंतरिक्ष यान 'एनईए स्काउट' (Near-Earth Asteroid Scout or NEA Scout) ने सभी आवश्यक परीक्षण पूरे कर लिए हैं और इसे स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के अंदर सुरक्षित रूप से रख दिया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: एनईए स्काउट उन पेलोड में से एक है, जो आर्टेमिस I पर भेजा जाएगा। इसके नवंबर2021 में लॉन्च होने की संभावना है।

एनईए स्काउट क्या है?एनईए स्काउट, एक छोटा अंतरिक्ष यान है, इसका मुख्य मिशन एक निकट-पृथ्वी क्षुद्रग्रह (Near-Earth Asteroid) से डेटा एकत्र करना है।

  • यह विशेष ‘सौर सेल प्रणोदन’ (solar sail propulsion) का उपयोग करने वाला ‘अमेरिका का पहला अंतरग्रहीय मिशन’ भी होगा।
  • एनईए स्काउट स्टेनलेस स्टील मिश्र धातु बूम (stainless steel alloy booms) का उपयोग करेगा ।
  • अंतरिक्ष यान को लक्षित क्षुद्रग्रह तक पहुंचने में लगभग दो साल लगेंगे और यह क्षुद्रग्रह से भिडंत के दौरान पृथ्वी से लगभग 93 मिलियन मील दूर होगा।
  • एनईए स्काउट विशेष कैमरों से लैस है और 50 सेमी/पिक्सेल से लेकर 10 सेमी/पिक्सेल तक की तस्वीरें ले सकता है।
  • आर्टेमिस I ओरियन अंतरिक्ष यान और SLS रॉकेट की एक मानव रहित परीक्षण उड़ान है। आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत, नासा ने 2024 में ‘पहली महिला को चंद्रमा पर उतारने’ और 2030 तक ‘स्थायी चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम’ स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

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इसरो मर्चेंडाइज प्रोग्राम


जुलाई 2021 में ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुकूलित अंतरिक्ष-थीम वाले मर्चेंडाइज प्रोग्राम या व्यापारिक कार्यक्रम’ (ISRO’s customised space-themed merchandise programme) ने कई कंपनियों के साथ शुरुआत की है।

महत्वपूर्ण तथ्य: अब, कोई भी इसरो के मिशन और काम से जुड़े अधिकृत उत्पादों जैसे- स्केल मॉडल, टी-शर्ट, मग, स्पेस-थीम वाले शैक्षिक खेल, विज्ञान आधारित खिलौने आदि खरीद सकेगा।

  • इन उत्पादों को बनाने वाली आठ कंपनियों ने अब तक इसरो के साथ इसरो-थीम आधारित लेख / मॉडल के संबंध में पंजीकरण किया है, जिसमें इंडिक इंस्पिरेशन्स (पुणे), 1947IND (बेंगलुरू) और अंकुर हॉबी सेंटर (अहमदाबाद) शामिल हैं।
  • इसरो का मानना है कि यह ब्रांड प्रचार अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जागरूकता पैदा करने तथा छात्रों, बच्चों और जनता में रुचि पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
  • सटीकता और इसरो के ज्ञान को सुनिश्चित करने के लिए स्केल किए गए मॉडल, लेगो सेट (LEGO sets), जिग्सॉ पहेली आदि बनाने के लिए उपयोग किए जा रहे 3डी मॉडल और 2डी ड्रॉइंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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पीडीएस 70


वैज्ञानिकों ने पहली बार हमारे सौर मंडल से परे एक ग्रह के चारों ओर एक चंद्रमा बनाने वाले क्षेत्र (moon-forming region) को देखा है।


महत्वपूर्ण तथ्य: शोधकर्ताओं ने चिली के अटाकामा रेगिस्तान में ALMA वेधशाला का उपयोग करते हुए पृथ्वी से 370 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित 'पीडीएस 70' (PDS 70) नामक एक युवा तारे की परिक्रमा करते हुए देखे गए दो नवजात ग्रहों में से एक के आसपास जमा होने वाली घूमती हुई सामग्री की डिस्क का पता लगाया है। एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है, जो प्रकाश एक वर्ष में तय करता है (लगभग 9.5 ट्रिलियन किमी.)।

  • नारंगी रंग का तारा पीडीएस 70, लगभग सूर्य के समान द्रव्यमान तथा लगभग 5 मिलियन वर्ष पुराना है। दोनों ग्रह और भी छोटे हैं। दोनों ग्रह एक गैस के विशालकाय बृहस्पति के समान (हालांकि बड़े) हैं। इन दो ग्रहों में से एक, जिसे ‘पीडीएस 70 सी’ (PDS 70c) कहा जाता है, के आस-पास चंद्रमा बनाने वाली डिस्क देखी गई है।
  • हमारे सौर मंडल के बाहर 4,400 से अधिक ग्रहों की खोज की गई है, जिन्हें बहिर्ग्रह (exoplanet) कहा जाता है। अब तक कोई भी परिग्रहीय डिस्क (circumplanetary discs) नहीं खोजी गई थी क्योंकि सभी ज्ञात बहिर्ग्रह, पीडीएस 70 की परिक्रमा करने वाले दो नवजात गैसीय ग्रहों को छोड़कर, "परिपक्व" - पूरी तरह से विकसित सौर प्रणालियों में हैं।

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विख्यात कण भौतिक विज्ञानी स्टीवन वेनबर्ग का निधन


पिछले पांच दशकों से सबसे प्रभावशाली एवं विख्यात कण भौतिक विज्ञानी (particle physicist), प्रो. स्टीवन वेनबर्ग का 23 जुलाई, 2021 को ऑस्टिन, टेक्सास में निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे।

  • स्टीवन वेनबर्ग ने 1979 में हार्वर्ड, यू.एस.ए. के ‘शेल्डन ली ग्लासो’ और इंपीरियल कॉलेज, लंदन, ब्रिटेन के ‘अब्दस सलाम’ के साथ 'प्राथमिक कणों के बीच कमजोर और विद्युतचुंबकीय अंतःक्रियाओं के एकीकृत सिद्धांत' (Unified Theory of Weak and Electromagnetic Interactions between elementary particles) की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता था।
  • स्टीवन 'थ्योरी रिसर्च ग्रुप' (Theory Research Group) के निदेशक और टेक्सास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे।
  • प्राथमिक कण भौतिकी (elementary particle physics) और ब्रह्मांड विज्ञान पर उनके उत्कृष्ट शोध के लिए उन्हें भौतिकी में नोबेल पुरस्कार, विज्ञान का राष्ट्रीय पदक और अमेरिकन फिलॉसॉफिकल सोसाइटी द्वारा बेंजामिन फ्रैंकलिन मेडल, ओपेनहाइमर पुरस्कार और कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।

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बसवराज बोम्मई कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री


तीन बार के विधायक और पूर्व मंत्री बसवराज बोम्मई ने 28 जुलाई, 2021 को कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातक बसवराज पहले जनता दल (यूनाइटेड) में थे और 2008 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
  • ज्ञात हो कि बीएस येदियुरप्पा ने पदभार संभालने के ठीक दो साल बाद 26 जुलाई को अपना चौथा कार्यकाल समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
  • उत्तर कर्नाटक से लिंगायत समुदाय के नेता बोम्मई को येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है।
  • कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस आर बोम्मई के बेटे बसवराज हावेरी जिले के शिगगांव से विधायक हैं। एचडी देवेगौड़ा और एचडी कुमारस्वामी के बाद पिता-पुत्र की जोड़ी का कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने का यह दूसरा मौका है।

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उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के साथ 22 जुलाई, 2021 को लोक भवन, लखनऊ में 'उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' का शुभारंभ किया।

  • राज्य सरकार की यह नई योजना कोविड -19 महामारी से अनाथ हुए बच्चों के लिएहै।
  • इस योजना के तहत, राज्य सरकार प्रति माह 4,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और अनाथ हुए बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी।
  • इसके अलावा कोविड द्वारा अनाथ हुई लड़कियों को शादी के समय 1,01,000 रुपए की धनराशि प्रदान की जाएगी।
  • पहल के शुभारंभ पर, पहली तिमाही के लिए 12,000 रुपये की राशि ऐसे 4,050 बच्चों के बैंक खातों में डिजिटल रूप से अंतरित की गई। साथ ही योजना के तहत पात्र बच्चों को टैबलेट और लैपटॉप प्रदान किए गए।

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अभिमन्यु मिश्रा शतरंज इतिहास के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर


  • 30 जून, 2021 को भारतीय मूल के अमेरिकी अभिमन्यु मिश्रा शतरंज इतिहास के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बन गये हैं। अभिमन्यु ने 12 साल, 4 महीने और 25 दिन की आयु में यह उपलब्धि हासिल की।
  • उन्होंने 2002 में रूस के सर्गेई कारजाकिन द्वारा बनाए गए 12 साल और सात महीने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
  • अमेरिका के न्यू जर्सी में रहने वाले अभिमन्यु मिश्रा ने बुडापेस्ट में वेजेर्केप्जो ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट में अपना तीसरा और अंतिम ग्रैंडमास्टर मानदंड हासिल किया। उन्होंने 15 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर लियोन ल्यूक मेंडोंका को हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
  • ग्रैंड मास्टर का खिताब वैश्विक शतरंज संगठन (FIDE) द्वारा खिलाड़ियों को दिया जाता है।

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आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण वार्षिक रिपोर्ट 2019-20


23 जुलाई, 2021 को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जुलाई, 2019 से जून 2020 के लिए ‘तीसरी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण वार्षिक रिपोर्ट’ जारी की गई।

उद्देश्य: प्रति वर्ष ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में सामान्य स्थिति (प्रमुख कार्यकलाप की स्थिति + सहायक आर्थिक कार्यकलाप की स्थिति) तथा वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) दोनों में रोजगार और बेरोजगारी संकेतकों का अनुमान लगाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: NSO ने अप्रैल 2017 में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) का शुभारंभ किया था। प्रथम वार्षिक (जुलाई 2017-जून 2018) रिपोर्ट मई 2019 में जारी की गई थी।

रोजगार और बेरोजगारी संबंधी प्रमुख संकेतक

  1. श्रम बल भागीदारी दर (LFPR): श्रम बल भागीदारी दर देश की कुल आबादी में श्रम बल (अर्थात कहीं कार्यरत या काम की तलाश में या काम के लिए उपलब्ध) का प्रतिशत है।
  2. कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR): WPR को कुल जनसंख्या में नियोजित व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।
  3. बेरोजगारी दर (UR): बेरोजगारी दर को श्रम बल के बीच बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है।।

तीसरी रिपोर्ट की मुख्य बातें: 2019-20 में श्रम बल भागीदारी दर बढ़कर 40.1% हो गई है, जो पिछले दो वर्षों में क्रमशः 37.5% (2018-19) और 36.9% (2017-18) थी।

  • कामगार जनसंख्या अनुपात 2017-18 में 34.7% और 2018-19 में 35.3% की तुलना में 2019-20 में बढ़कर 38.2% हो गया है।
  • 2019-20 में बेरोजगारी दर गिरकर 4.8% हो गई। 2018-19 में यह 5.8% और 2017-18 में 6.1% थी।

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हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन


चीन ने 20 जुलाई, 2021 को एक हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन (high-speed maglev train) का अनावरण किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इसकी अधिकतम रफ्तार 600 किलोमीटर प्रति घंटे की है, इसे जमीन पर दौड़ने वाला दुनिया का सबसे तेज वाहन कहा जा रहा है।

  • नई मैग्लेव परिवहन प्रणाली ने चीन के पूर्वी शेंडोंग प्रांत के तटीय शहर किंगदाओ में अपनी सार्वजनिक शुरुआत की है।
  • अक्टूबर 2016 में शुरू की गई, हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन परियोजना ने 2019 में 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार का ट्रेन प्रोटोटाइप विकसित किया था, जिसका जून 2020 में सफल परीक्षण किया गया था।
  • ट्रेन में 2 से 10 डिब्बे लगाए जा सकते हैं तथा प्रत्येक में 100 से अधिक यात्री सवार हो सकते हैं।
  • पहियों पर चलने वाले पारंपरिक वाहनों की तुलना में, उच्च गति वाली मैग्लेव ट्रेनों का रेल पटरियों से संपर्क नहीं होता है। दक्षता और गति के मामले में ये काफी फायदेमंद हैं और बहुत कम शोर पैदा करते हैं।
  • यह ट्रेन 1,500 किमी. की सीमा के दायरे में यात्रा की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ समाधान प्रदान करती है।

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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन


26 जुलाई, 2021 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राज्य सभा में दी गई जानकारी के अनुसार नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 'राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन' (National Mission for Clean Ganga- NMCG) के लिए अब तक 15,074 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत सरकार ने गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण को कम करने, उनके संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए 20,000 करोड़ रुपए के कुल बजटीय परिव्यय के साथ 2014 में नमामि गंगे कार्यक्रम की शुरूआत की थी।

  • जल शक्ति मंत्रालय के तहत निकाय NMCG को वित्त मंत्रालय द्वारा इसमें से मात्र 10,972 करोड़ रुपए या लगभग दो-तिहाई धनराशि जारी की गई है। NMCG यह धनराशि नदी तटवर्ती राज्यों को आवंटित करती है।
  • भविष्य की लागतों को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ गंगा मिशन के लिए नियोजित परिव्यय 20,000 करोड़ रुपए से अधिक है।
  • कुल मिलाकर, 30,235 करोड़ रुपए लागत की 346 परियोजनाओं को स्वीकृतकिया गया था, जिसमें से 158 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
  • उत्तर प्रदेश को 3,535 करोड़ रुपए के साथ सबसे अधिक आवंटन हुआ है, इसके बाद बिहार (2,631 करोड़ रुपए), बंगाल (1,030 करोड़ रुपए) और उत्तराखंड (1001 करोड़ रुपए) का स्थान है।
  • 30 जून, 2021 तक नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के लिए 1040.63 करोड़ रुपये उपलब्ध थे।

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कांडला बना पहला हरित विशेष आर्थिक क्षेत्र


देश का सबसे पुराना निर्यात क्षेत्र ‘कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र’ (Kandla Becomes First Green Special Economic Zone- KASEZ), औद्योगिक शहरों की श्रेणी में मौजूदा शहरों के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल 'ग्रीन सिटीज रेटिंग' (IGBC Green Cities Rating) के तहत जुलाई 2021 में प्लैटिनम रेटिंग प्राप्त करने वाला भारत का "पहला हरित औद्योगिक शहर" बन गया है।

  • 2019 में KASEZ में 25,000 पेड़ों की तुलना में,वर्तमान में 1000 एकड़ में 3.5 लाख पेड़ हैं। इनमें से अधिकांश पेड़ 2019 के बाद मियावाकी वनीकरण पद्धति का उपयोग करके लगाए गए हैं। पेड़ों के रोपण ने लवणता को कम करने में मदद की है और ऊपरी मृदा की गुणवत्ता में सुधार किया है।
  • इसके अलावा, KASEZ ने पानी के रिसाव को रोकने के लिए क्षेत्र के अंदर बनाए गए कृत्रिम जल निकायों को पंक्तिबद्ध करने के लिए प्लास्टिक कचरे का भी इस्तेमाल किया है।
  • गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित KASEZ का उद्घाटन मार्च 1965 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा ‘देश के पहले मुक्त व्यापार क्षेत्र’ के रूप में किया गया था।

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प्रख्यात मराठी कवि सतीश कालसेकर का निधन


प्रख्यात मराठी कवि सतीश कालसेकर का 23 जुलाई, 2021 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पेण टाउन में उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 78 वर्ष के थे।

  • कालसेकर को उनके निबंधों के संग्रह 'वाचनार्याची रोजनिशि' के लिए 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • वे ज्यादातर एक कवि के रूप में अपने काम के लिए जाने जाते थे। उनके लोकप्रिय कविता संग्रह 'इंद्रियोपनिषद', 'साक्षात' और 'विलम्बित' हैं।
  • उन्होंने साहित्य के कई रूपों में धाराप्रवाह काम किया और कविता, अनुवाद, गद्य लेखन और संपादन के क्षेत्र में योगदान दिया।

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5वां पूर्वोत्तर भारत पारंपरिक फैशन सप्ताह 2021


केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 24 जुलाई, 2021 को ‘5वें पूर्वोत्तर भारत पारंपरिक फैशन सप्ताह 2021’ (5th North-East India Traditional Fashion Week: NEIFW 2021) का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया।

उद्देश्य: पूर्वोत्तर के विभिन्न जनजातियों और विशिष्ट संस्कृति वाले समूहों के दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना एवं उनका उत्थान करना तथा वस्त्र एवं शिल्प उद्योग के प्रति समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।

  • इसका आयोजन केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत प्रमुख संगठन ‘राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान, देहरादून’ (NIEPVD) द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर की दिव्यांग आबादी और हितधारकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘पूर्वोत्तर भारत की कलाओं’ और ‘कारीगरों’ को बढ़ावा देना है।
  • NEIFW 2021 द्वारा कौशल एवं उद्यमिता निर्माण; कारीगर प्रशिक्षण कार्यशाला; दिव्यांग कारीगरों की प्रदर्शनी; पारंपरिक ड्रेस शो और पारंपरिक सांस्कृतिक महोत्सव पर ध्यान केंद्रित किया गया।

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एनिमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक्स के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 26 जुलाई, 2021 को राज्य सभा में दी गई जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने भारतीय और साथ ही वैश्विक उद्योग के लिए भारत में एक विश्व स्तरीय प्रतिभा पूल तैयार करने के लिए 'एनिमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक्स के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र' (National Centre of Excellence for Animation, Visual Effects, Gaming and Comics) स्थापित करने का निर्णय लिया है।

  • इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे के सहयोग से स्थापित किया जाएगा।
  • एनिमेशन और दृश्य प्रभाव (VFX) क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति का समर्थन करने के लिए, 'सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान' और ‘भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान' एनिमेशन और VFX पर पाठ्यक्रम संचालित करते हैं।

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राष्‍ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन


केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 26 जुलाई, 2021 को लोक सभा में दी गई जानकारी के अनुसार सरकार ने देश में अनुसंधान परितंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए एक ‘राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन’ (National Research Foundation - NRF) के गठन का प्रस्ताव किया है।

  • NRF की परिकल्पना एक व्यापक संरचना के रूप में की जा रही है, जो अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा क्षेत्र तथा उद्योग के बीच संपर्कों में सुधार लाएगी।
  • राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन का प्रस्तावित कुल परिव्यय पांच वर्ष के अवधि के दौरान 50,000 करोड रुपये है।
  • NRF के मुख्य उद्देश्यों में से एक शैक्षणिक संस्थानों, विशेष रूप से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों, जहां अनुसंधान क्षमता वर्तमान में आरंभिक चरण में है, में अनुसंधान को बढ़ावा देना, विकसित करना तथा सुविधा प्रदान करना है।

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टोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने दिलाया भारत को पहला पदक


भारोत्तोलक ‘साइखोम मीराबाई चानू’ ने 24 जुलाई, 2021 को महिलाओं की 49 किग्रा. वर्ग की भारोत्तोलन स्पर्धा में ‘रजत पदक’ जीतकर टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाया।

  • उन्होंने ‘स्नैच’ में 87 किग्रा. और क्लीन एंड जर्क में 115 किग्रा. सहित कुल 202 किग्रा. भार उठाया। चीन की होउ झिहुई (Hou Zhihui) पहले स्थान पर रही, जिन्होंने 210 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
  • मणिपुर की 26 वर्षीया चानू, वर्ष 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी (कांस्य पदक) के बाद ओलंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय भारोत्तोलक हैं।
  • वह पी.वी. सिंधु (2016 रियो ओलंपिक) के बाद ओलंपिक रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला भी हैं।

पुरस्कार: राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार (2018); पद्म श्री पुरस्कार (2018)।

उपलब्धियां-

  • स्वर्ण पदक: महिला 48 किग्रा, विश्व चैंपियनशिप 2017, अनाहीम (यूएसए) तथा महिला 48 किग्रा, राष्ट्रमंडल खेल 2018, गोल्ड कोस्ट;
  • रजत पदक: महिला 49 किग्रा, टोक्यो ओलंपिक 2020 तथा महिला 48 किग्रा, राष्ट्रमंडल खेल 2014, ग्लासगो;
  • कांस्य पदक: महिला 49 किग्रा, एशियाई चैंपियनशिप 2020, ताशकंद।

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आरबीआई खुदरा प्रत्यक्ष योजना


भारतीय रिजर्व बैंक- आरबीआई (RBI) ने 12 जुलाई, 2021 को ‘खुदरा प्रत्यक्ष योजना’ (RBI Retail Direct Scheme) की घोषणा की।

  • महत्वपूर्ण तथ्य: RBI की खुदरा प्रत्यक्ष योजना व्यक्तिगत निवेशकों द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) में निवेश की सुविधा के लिए एक वन-स्टॉप समाधान है।
    • योजना के तहत, खुदरा निवेशकों को RBI के साथ नि:शुल्क ‘खुदरा प्रत्यक्ष गिल्ट खाता’ (Retail Direct Gilt Account- RDG Account) खोलने और बनाए रखने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
    • RDG account, योजना के प्रयोजन के लिए प्रदान किए गए 'ऑनलाइन पोर्टल' के माध्यम से खोला जा सकता है।
    • ऑनलाइन पोर्टल पंजीकृत यूजर्स को सरकारी प्रतिभूतियों के प्राथमिक निर्गमन और NDS-OM तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगा।
    • यह सुविधा सरकारी प्रतिभूतियों में खुदरा भागीदारी बढ़ाने की दिशा में जारी प्रयासों के हिस्से के रूप में शुरू की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
  • गिल्ट खाता: सरकारी प्रतिभूतियों को खोलने और बनाए रखने वाला खाता, 'गिल्ट खाता' कहलाता है। यह किसी संस्था या व्यक्ति या आरबीआई द्वारा अनुमत "अभिरक्षक" (Custodian) के साथ 'भारत के बाहर निवासी व्यक्ति' द्वारा खोला जा सकता है।
  • NDS-OM: आरबीआई ने अगस्त 2005 में 'नेगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम-ऑर्डर मैचिंग सिस्टम (Negotiated Dealing System-Order Matching system: NDS-OM) की शुरुआत की। NDS-OM सरकारी प्रतिभूतियों में लेनदेन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक, स्क्रीन आधारित, नाम रहित, ऑर्डर संचालित ट्रेडिंग सिस्टम है।

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भारत में नवीकरणीय का एकीकरण 2021 रिपोर्ट


नीति आयोग और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IAE) ने 22 जुलाई, 2021 को संयुक्त रूप से ‘भारत में नवीकरणीय का एकीकरण 2021 रिपोर्ट’ (Report on Renewables Integration in India 2021) जारी की।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह रिपोर्ट तीन राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात की सरकारों के साथ इन नवीकरणीय समृद्ध राज्यों के सामने अक्षय ऊर्जा की तरफ बढ़ने की दिशा में आई विशेष चुनौतियों को समझने के लिये आयोजित कार्यशालाओं से मिले परिणामों के आधार पर है।

  • रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि भारत की बिजली प्रणाली नवीकरणीय ऊर्जा को कुशलतापूर्वक एकीकृत (2022 तक175 गीगावॉट और 2030 तक 450 गीगावॉट) कर सकती है, लेकिन इसके लिए संसाधनों की पहचान और उचित योजना, नियामक, नीति और संस्थागत समर्थन, ऊर्जा भंडारण और आधुनिक प्रौद्योगिकी पहलों की आवश्यकता होगी।
  • पर्यावरण अनुकूल बिजली प्रणालियों में ढलने के लिए भारत के राज्यों को लचीले विकल्पों की एक बड़ी शृंखला को प्रयोग में लाने आवश्यकता है- जैसे कि मांग के अनुसार प्रतिक्रिया, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों का अधिक लचीला संचालन, भंडारण और ग्रिड सुधार।
  • कृषि में उपयोग के समय (Time of Use - ToU) को बदलकर नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े हिस्से को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है।

अन्य तथ्य: तेल आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1974 में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का गठन किया गया।

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संयुक्त जिला शिक्षा सूचना प्रणाली प्लस 2019-20 रिपोर्ट


केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 1 जुलाई, 2021 को भारत में स्कूली शिक्षा के लिए ‘संयुक्त जिला शिक्षा सूचना प्रणाली प्लस 2019-20 रिपोर्ट’ (United District Information System for Education Plus: UDISE+ 2019-20 Report) जारी की गई।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: 2019-20 में पूर्व-प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक स्कूली शिक्षा में कुल छात्रों की संख्या 26.45 करोड़ के पार पहुंच गई, जो 2018-19 की तुलना में 42.3 लाख अधिक है।

  • स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर ‘सकल नामांकन अनुपात’ में सुधार हुआ है। 2019-20 में (2018-19 से) उच्च प्राथमिक स्तर पर ‘सकल नामांकन अनुपात’ बढ़कर 89.7% (87.7% से), प्रारंभिक स्तर पर 97.8% (96.1% से), माध्यमिक स्तर पर 77.9% (76.9% से) और उच्च माध्यमिक स्तर पर 51.4% (50.1% से) हो गया।
  • स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर ‘छात्र शिक्षक अनुपात’ (पीटीआर) में सुधार हुआ है। 2019-20 में प्राथमिक के लिए पीटीआर 26.5, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक के लिए पीटीआर 18.5 और उच्च माध्यमिक के लिए पीटीआर 26.1 हो गया।
  • 2019-20 में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक ‘लड़कियों का नामांकन’ 12.08 करोड़ से अधिक है। यह 2018-19 की तुलना में 14.08 लाख की वृद्धि है।
  • 2012-13 और 2019-20 के बीच, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक दोनों स्तरों पर ‘लिंग समानता सूचकांक’ (जीपीआई) में सुधार हुआ है। उच्चतर माध्यमिक स्तर पर जीपीआई में सबसे अधिक सुधार हुआ, जो 2012-13 में 0.97 से बढ़कर 2019-20 में 1.04 हो गया।
  • 2019-20 में चालू बिजली, चालू कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा वाले स्कूलों की संख्या में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
  • 2012-13 में हाथ धोने की सुविधा वाले स्कूलों की संख्या केवल 36.3% थी; वर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 90% से अधिक हो गई है।
  • अन्य तथ्य: स्कूलों से ऑनलाइन डेटा संग्रह की UDISE+ प्रणाली को वर्ष 2018-19 में विकसित किया गया था।

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तेलंगाना का रुद्रेश्वर मंदिर विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंकित


25 जुलाई, 2021 को यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 44वें सत्र में तेलंगाना राज्य में वारंगल के पास, मुलुगु जिले के पालमपेट गाँव में स्थित रुद्रेश्वर मंदिर (जिसे रामप्पा मंदिर के रूप में भी जाना जाता है) को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंकित किया गया है। यह भारत का 39वां विश्व धरोहर स्थल है।

महत्वपूर्ण तथ्य: रामप्पा मंदिर, 13वीं शताब्दी का अभियंत्रिकीय चमत्कार है, जिसका नाम इसके वास्तुकार ‘रामप्पा’ के नाम पर रखा गया था।

  • रुद्रेश्वर मंदिर का निर्माण 1213 ईस्वी में काकतीय साम्राज्य के शासनकाल में काकतीय राजा गणपति देव के एक सेनापति रेचारला रुद्र ने कराया था।
  • यह मंदिर ‘भगवान शिव’ को समर्पित है और यहां के स्थापित देवता ‘रामलिंगेश्वर स्वामी’ हैं।
  • काकतीयों के मंदिर परिसरों की विशिष्ट शैली, तकनीक और सजावट काकतीय मूर्तिकला के प्रभाव को प्रदर्शित करती हैं।
  • मजबूती के लिए नींव ‘सैंडबॉक्स तकनीक’ (sandbox technique) के साथ बनाई गई है, फर्श ग्रेनाइट की है और स्तंभ बेसाल्ट के हैं। मंदिर का निचला हिस्सा लाल बलुआ पत्थर का है, जबकि सफेद गोपुरम को हल्की ईंटों से बनाया गया है जो पानी पर तैरती हैं।
  • सैंडबॉक्स तकनीक में नींव बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे को भरने के लिए इमारतों के निर्माण से पहले, रेत, गुड़ और करक्काया (काले हरड़ फल) के मिश्रण को मिलाया जाता है।

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सोहरा (चेरापूंजी)


25 जुलाई, 2021 को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी मेघालय यात्रा के दौरान सोहरा (चेरापूंजी) में ‘हरित सोहरा वनीकरण अभियान’ का शुभारंभ किया। मेघालय सरकार द्वारा असम राइफल्स के सहयोग से यह वनारोपण अभियान चलाया जाएगा।

  • उन्होंने ‘ग्रेटर सोहरा जलापूर्ति योजना’ का उद्घाटन भी किया। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना योजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और मेघालय सरकार 25 करोड रूपए की लागत की इस योजना से हर परिवार, हर घर तक शुद्ध पीने का पानी नल से पहुँचाया जाएगा।
  • सोहरा, जिसे पहले ‘चेरापूंजी’ के नाम से जाना जाता था, को 1982 में मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में एक उप-मंडल के रूप में स्थापित किया गया था।
  • सोहरा को अक्सर दुनिया में सबसे नम स्थान होने का श्रेय दिया जाता है, लेकिन वर्मातन में चेरापूंजी के करीब ‘मासिनराम’ दुनिया का सबसे अधिक बारिश वाला और नम इलाका है।
  • चेरापूंजी में भारतीय ग्रीष्म मानसून की बंगाल की खाड़ी के हिस्से से वर्षा होती है।
  • बारहमासी वर्षा के बावजूद, चेरापूंजी को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ता है और पीने योग्य पानी के लिए निवासियों को अक्सर मीलों का सफर तय करना पड़ता है।

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प्रसिद्ध अभिनेत्री जयंती का निधन


प्रसिद्ध अभिनेत्री जयंती का 26 जुलाई, 2021 को बेंगलुरू में निधन हो गया। वे 76 वर्ष की थीं।

  • 1963 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत करते हुए, जयंती के नाम कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम और हिंदी में 500 से अधिक फिल्में हैं।
  • 'अभिनय शारदे' या 'अभिनय की देवी' के रूप में जानी जाने वाली जयंती ने सुपरस्टार डॉ. राज कुमार, एन टी रामाराव, शिवाजी गणेशन, एमजी रामचंद्रन, रजनीकांत और शम्मी कपूर के नेतृत्व वाली फिल्मों में मुख्य किरदार निभाया।
  • कन्नड़ फिल्म निर्देशक पुत्तन्ना कनागल की 'नागरहावु' फिल्म में उन्होंने अपने छोटे से किरदार से लोगों का दिल जीत लिया था।
  • जयंती ने सात बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार और दो बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। उन्हें डॉ. राजकुमार लाइफटाइम अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।

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पूर्वोत्तर अंतरिक्ष उपयोग केंद्र


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 24 जुलाई, 2021 को 'पूर्वोत्तर अंतरिक्ष उपयोग केंद्र' ( North Eastern Space Applications Centre- NESAC) के बहुउद्देश्यीय कन्वेंशन सेंटर सह अंतरिक्ष प्रदर्शनी सुविधा का शिलान्यास किया।

  • NESAC, अंतरिक्ष विभाग और पूर्वोत्तर परिषद की एक संयुक्त पहल है, जो मेघालय सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1983 के तहत पंजीकृत एक सोसायटी है।
  • 5 सितंबर, 2000 को अस्तित्व में आया यह केंद्र ‘उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी’ सहायता प्रदान करके क्षेत्र में विकास प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद करता है।
  • NESAC मेघालय की राजधानी शिलांग से लगभग 20 किमी. दूर उमियम (बारापानी) में स्थित है।
  • NESAC सोसायटी के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री (पूर्वोत्तर परिषद के पदेन अध्यक्ष) अमित शाह हैं।
  • NESAC का उद्देश्य रिमोट सेंसिंग का उपयोग करके क्षेत्र में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों की खोज और उपयोग करना, पूर्वोत्तर राज्यों को उपग्रह सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना और शैक्षणिक संस्थानों के साथ गठजोड़ करके क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

समुद्री अभ्यास 'कटलैस एक्सप्रेस 2021'


आईएनएस तलवार समुद्री अभ्यास 'कटलैस एक्सप्रेस 2021' (Cutlass Express 2021) में भाग ले रहा है। इस अभ्यास का संचालन 26 जुलाई से 6 अगस्त, 2021 तक अफ्रीका के पूर्वी तट पर किया जा रहा है।

  • यह पूर्वी अफ्रीका और पश्चिमी हिंद महासागर में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आयोजित एक वार्षिक समुद्री अभ्यास है।
  • भारतीय नौसेना अभ्यास में 'प्रशिक्षक की भूमिका' में भाग ले रही है।
  • अभ्यास के 2021 संस्करण में 12 पूर्वी अफ्रीकी देश, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, भारत और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं।
  • यह अभ्यास पूर्वी अफ्रीका के तटीय क्षेत्रों पर केंद्रित है और इसका संचालन संयुक्त समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमता का आकलन एवं सुधार करने, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने तथा क्षेत्रीय नौसेनाओं के बीच अंतरप्रचालनीयता को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
  • अभ्यास के हिस्से के रूप में, जहाज केन्या के मोम्बासा का दौरा कर रहा है, जिसमें केन्या नौसेना के साथ कई कार्यक्रमों की योजना है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

भारतीय विज्ञान प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग सुविधाएं मानचित्र परियोजना


जुलाई 2021 में ‘भारतीय विज्ञान प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग सुविधाएं मानचित्र परियोजना’ (Indian Science Technology and Engineering facilities Map: I-STEM) को 2026 तक पांच साल के लिए विस्तार दिया गया है। इसने अतिरिक्त सुविधाओं के साथ अपने दूसरे चरण में प्रवेश किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: I-STEM अनुसंधान एवं विकास (R&D) सुविधाओं को साझा करने के लिए राष्ट्रीय वेब पोर्टल है। इसे जनवरी 2020 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था।

  • I-STEM (www.istem.gov.in) सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की एक पहल है, जो कि प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) मिशन के तहत काम करता है।
  • I-STEM का उद्देश्य शोधकर्ताओं को संसाधनों से जोड़कर देश में अनुसंधान और विकास का इकोसिस्टम विकसित करना है; देश में मौजूदा सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं तक पहुंच को सक्षम करके उन्हें आवश्यक आपूर्ति और सहायता प्रदान करना है।
  • दूसरे चरण के तहत, पोर्टल एक डिजिटल कैटलॉग के माध्यम से सूचीबद्ध स्वदेशी प्रौद्योगिकी उत्पादों की मेजबानी करेगा। यह विभिन्न ‘सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन क्लस्टर्स’ (City Knowledge and Innovation Clusters) के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा।

संसद प्रश्न और उत्तर

विद्युत उपकरण निर्माण योजना


विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के संबंध में आयात निर्भरता को कम करने और आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देने के लिए, "विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण के लिए विनिर्माण क्षेत्र स्थापित करने की योजना" प्रस्तावित की गई है।

  • तीन साल की अवधि में तीन विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Zones) स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  • इन विनिर्माण क्षेत्र को सामान्य अवसंरचना सुविधाओं (Common Infrastructure Facilities- CIF) और सामान्य परीक्षण सुविधाओं (Common Testing Facilities- CTF) की स्थापना के उद्देश्य से सहायता दी जाएगी।
  • इन विनिर्माण क्षेत्रों के लिए चयन मानदंड को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

संसद प्रश्न और उत्तर

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र


राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा 35 नए भूकंप मापी केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो दिसंबर 2021 से कार्य करना आरंभ कर देंगे।

  • राष्ट्रीय भूकंप मापक केंद्र नेटवर्क (National Seismological Network- NSN की संख्या दिसंबर 2021 तक बढ़कर 150 हो जाएगी।
  • आगामी 5 वर्षों में देश भर में 100 भूकंप मापी केंद्र स्थापित किए जाएंगे,जिनकी क्षमता 2.5 तीव्रता (magnitude 2.5) वाले भूकंप का पता लगाने की होगी।
  • राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र देश और आसपास के भागों में भूकंप संबंधी अध्ययन और इसकी निगरानी के लिए भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली प्रमुख एजेंसी है।

संसद प्रश्न और उत्तर

भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति


  • सरकार पारंपरिक स्वदेशी कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए 2020-21 से परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) की एक उप-योजना के रूप में भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (BPKP) को लागू कर रही है।
  • यह योजना मुख्य रूप से सभी सिंथेटिक रसायनों के बहिष्कार पर जोर देती है और ऑन-फार्म बायोमास रीसाइक्लिंग (on-farm biomass recycling) को बढ़ावा देती है, जिसमें बायोमास मल्चिंग (biomass mulching) ; गाय के गोबर और मूत्र सम्मिश्रण के उपयोग; पादप आधारित तैयारी और समय-समय पर मृदा वातन कार्यशीलन (working of soil for aeration) पर जोर दिया जाता है।
  • BPKP के तहत, क्लस्टर निर्माण, प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा क्षमता निर्माण और निरंतर मार्गदर्शन, प्रमाणन और अवशेष विश्लेषण के लिए 3 वर्षों के लिए 12200 रुपए प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • अब तक, 8 राज्यों में 4.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया और 4980.99 लाख रुपए की धनराशि जारी की गई है।

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