सामयिक

मेघालय:

मेघालय में मुख्यमंत्री सौर मिशन लॉन्च

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने 11 अगस्त, 2023 को 500 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री सौर मिशन की शुरुआत की।

  • सौर मिशन का उद्देश्य उत्तर पूर्वी पहाड़ी राज्य में बिजली की कमी को कम करना है।
  • मुख्यमंत्री ने राज्य भर में एलईडी असेंबलिंग इकाइयां स्थापित करने की भी घोषणा की है।
  • राज्य सरकार ने सौर मिशन को शुरू करने के लिए 100 करोड़ रुपये का वार्षिक निवेश आवंटित किया है।
  • उच्च क्षमता वाली हाइब्रिड सौर इकाइयों के लिए नेट मीटरिंग उपलब्ध कराई जाएगी जिसे स्थानीय ग्रिड और राष्ट्रीय ग्रिड में डाला जा सकता है।
  • सब्सिडी व्यक्तिगत परिवारों के लिए 70 प्रतिशत से लेकर स्कूलों, अस्पतालों, होटलों और अन्य वाणिज्यिक संस्थाओं के लिए 50 प्रतिशत तक होगी।
  • मेघालय में स्थापित जल विद्युत क्षमता 378.7 मेगावॉट है, जिसकी चरम मांग 500 मेगावॉट से अधिक है।

मेघालय में पहली बार इलेक्ट्रिक ट्रेन के लिए विद्युतीकरण

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 15 मार्च, 2023 को मेघालय में पहली बार इलेक्ट्रिक ट्रेनों के परिचालन के लिए, अभयपुरी-पंचरत्न के बीच महत्वपूर्ण खंडों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है।

  • दुधनाई-मेंदीपाथर (22.823 ट्रैक किलोमीटर) सिंगल लाइन सेक्शन और अभयपुरी-पंचरत्न (34.59 ट्रैक किलोमीटर) डबल लाइन सेक्शन शुरू की है।
  • मेंदीपाथर पूर्वोत्तर राज्य मेघालय का एकमात्र रेलवे स्टेशन है जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद 2014 से परिचालन में है।
  • इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव द्वारा खींची जाने वाली ट्रेनें अब मेघालय के मेंदीपाथर से संचालित हो सकेंगी, जिससे औसत गति में वृद्धि होगी।

कोनराड संगमा ने मेघालय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

कोनराड संगमा ने दूसरे कार्यकाल के लिए 7 मार्च 2023 को मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मेघालय के राज्यपाल फागू चौहान ने संगमा को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

  • मंत्रिमंडल में एनपीपी के 8 विधायक, यूनाइडेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के 2 विधायक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1 विधायक तथा हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के 1 विधायक शामिल किये गये।
  • नियम के अनुसार, मेघालय की 60 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री समेत 12 से अधिक मंत्री नहीं हो सकते।
  • मेघालय में 27 फरवरी 2023 को विधानसभा के 60 में से 59 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमे 85.27% वोटिंग हुई थी।

कॉनराड कोंगकल संगमा :- कोनराड संगमा मेघालय के 12 वें मुख्यमंत्री और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी॰ ए॰ संगमा के पुत्र हैं। आँठवी मेघालय विधानसभा में वे विपक्ष के नेता थे, जहाँ वे पश्चिम गारो हिल्स जिले के सेलसेल्ला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। 2008 में वे मेघालय के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री भी बने थे। वे वर्तमान में तुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद है।

लिविंग रूट ब्रिज के लिए यूनेस्को की विश्व धरोहर टैग की वकालत

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने 21 जनवरी, 2022 को 50वें राज्य स्थापना दिवस पर 'लिविंग रूट ब्रिज' (Living Root Bridge) के लिए यूनेस्को की विश्व धरोहर टैग की वकालत की है।

(Image Source: https://economictimes.indiatimes.com/)

  • 'लिविंग रूट ब्रिज' एक सस्पेंशन ब्रिज की तरह होता है, जो 'रबड़ फिग ट्री' (rubber fig tree) की लचीली जड़ों की बुनाई करके तैयार किया जाता है। रबड़ फिग ट्री को वैज्ञानिक रूप से 'फिकस इलास्टिका' (Ficus elastica) के नाम से जाना जाता है।
  • मुख्यतः मेघालय की खासी और जयंतिया पहाड़ियों में सदियों से फैले 15 से 250 फीट के ये ब्रिज विश्व प्रसिद्ध पर्यटन के आकर्षण का केंद्र भी हैं।
  • इस तरह के पुल को स्थानीय रूप से 'जिंगकिएंग जरी' (jingkieng jri) कहा जाता है। सामान्यतः इन्हें धाराओं या नदियों को पार करने के लिये बनाया जाता है।
  • पारिस्थितिकीविदों के अनुसार यह लोगों और प्रकृति के बीच सहजीवी संबंधों को उजागर करता है।
  • भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) ने कहा कि वन्यजीव विविधता और स्वास्थ्य कार्ड तैयार करना मेघालय के 'लिविंग रूट ब्रिज' के लिए यूनेस्को टैग अर्जित करने के लिए आवश्यक शर्तें होंगी।

ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई के पैतृक गांव में स्थापित होगा विशाल हथकरघा क्लस्टर

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 20 नवंबर, 2021 को मणिपुर के 'इंफाल पूर्वी जिले' में ओलंपिक रजत पदक विजेता सैखोम मीराबाई चानू के पैतृक गांव में एक 'विशाल हथकरघा क्लस्टर' (mega handloom cluster) स्थापित करने की घोषणा की।

(Image Source: https://en.wikipedia.org/)

  • हाल ही में टोक्यो ओलम्पिक 2020 में राज पदक विजेता मीराबाई की उपलब्धि के सम्मान में 'नोंगपोक काकचिंग' (Nongpok Kakching) गांव में प्रस्तावित 30 करोड़ रुपये के हथकरघा क्लस्टर का निर्माण किया जाएगा।
  • उन्होंने बिष्णुपुर जिले के 'मोइरंग' में एक 'हथकरघा और हस्तशिल्प गांव' की स्थापना की भी घोषणा की, जहां आईएनए ने पहली बार भारतीय धरती पर तिरंगा झंडा फहराया था।

'ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स' मेघालय का नया जिला

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने 10 नवंबर, 2021 को ‘ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स’ (Eastern West Khasi Hills) नामक नए जिले का उद्घाटन किया, जिसे पश्चिम खासी हिल्स के अपने मूल जिले से विभाजित किया गया है।

  • मेघालय कैबिनेट ने 8 नवंबर को 'मैरांग सिविल उप-मंडलों' (Mairang civil sub-division) को एक पूर्ण जिले में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
  • राज्य के 12वें जिले के रूप में 'ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स' में मैरांग और मावथादरायशन सी एंड आरडी ब्लॉक (Mawthadraishan C&RD blocks) शामिल हैं।
  • इस नए जिले का मुख्यालय मैरांग में होगा।
  • मैरंग सबसे पुराने सिविल उप-मंडलों में से एक है, जिसका उद्घाटन 10 नवंबर, 1976 को हुआ था।

मेघालय के मंत्री को पेटा इंडिया पुरस्कार

13 अक्टूबर, 2021 को ‘पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ (पेटा इंडिया) (People for the Ethical Treatment of Animals: PETA India) ने मेघालय के पर्यावरण और वन मंत्री जेम्स संगमा को अनानास के 'वेगन लेदर' (vegan leather) को बढ़ावा देने के लिए 'प्रोग्रेसिव बिजनेस कॉन्सेप्ट अवार्ड' (Progressive Business Concept Award) के विजेता नामित किया है।

(Image Source: www.republicworld.com/)

  • राज्य में किसानों को अनानास के 'वेगन लेदर' के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के अलावा, संगमा की एक जलवायु परिवर्तन संग्रहालय खोलने और स्कूल पाठ्यक्रम में जलवायु परिवर्तन को पेश करने की भी योजना है।
  • 'वेगन लेदर' एक ऐसी सामग्री है जो चमड़े की तरह होती है, लेकिन जानवरों की खाल के बजाय कृत्रिम या पादप उत्पादों से बनाई जाती है।
  • अनानस 'वेगन लेदर', एक बिल्कुल नया उत्पाद है, जिसे दुनिया भर में कुछ फैशन डिजाइन कंपनियां जानवरों की पीड़ा को कम करने के लिए अपना रही हैं।
  • 'इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर हॉर्टिकल्चरल साइंस' (International Society for Horticultural Science) के अनुसार, मेघालय ने भारत में उत्पादित कुल अनानास में लगभग 8% का योगदान दिया है।

मेघालय युवा नीति 2021

मेघालय कैबिनेट ने 19 जुलाई, 2021 को मेघालय युवा नीति 2021 को मंजूरी दे दी है।

उद्देश्य: मेघालय के युवाओं को क्षमतावान बनाना और उन्हें स्थानीय तथा वैश्विक समुदाय का व्यस्त, कुशल, रचनात्मक, जिम्मेदार और सशक्त सदस्य बनाना।

  • यह नीति मेघालय को प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद और सतत विकास लक्ष्य रैंकिंग में 10 वर्षों में शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
  • नीति का उद्देश्य नौ पहचाने गए प्रमुख क्षेत्रों के आधार पर युवाओं के प्रमुख मुद्दों और चिंताओं का समाधान करना है-शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल, संस्कृति, उद्यमिता, पर्यावरण जागरूकता, जुड़ाव एवं नेतृत्व और परामर्श।
  • नीति ने 45 कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की योजना बनाई है, जिसे 54 प्रदर्शन निगरानी संकेतकों द्वारा मापा जाएगा।
  • नवीनतम अनुमानों के अनुसार, मेघालय की आबादी लगभग 38.29 लाख है, जिनमें 74 फीसदी से ज्यादा आबादी यानी 28.48 लाख लोग 35 साल से कम उम्र के हैं।

उमंगोट नदी पर पनबिजली परियोजना का विरोध

अप्रैल 2021 में मेघालय के कम से कम 12 गाँवों ने भारत की सबसे साफ नदी मानी जाने वाली उमंगोट पर 210 मेगावाट की पनबिजली परियोजना का भारी विरोध किया है।

  • ये गाँव ईस्ट खासी हिल्स जिले में बांग्लादेश की सीमा के पास स्थित हैं, लेकिन बांध नदी के उपरी क्षेत्र में वेस्ट जैंतिया हिल्स जिले के निकटवर्ती क्षेत्र में प्रस्तावित है।
  • यह परियोजना मेघालय ऊर्जा निगम लिमिटेड (MeECL) द्वारा निष्पादित की जानी है। बांध के कारण उमंगोट से सटे गांवों के लोगों की 296 हेक्टेयर जमीन डूब जाने की आशंका है।

उमंगोट नदी: नदी का पानी इतना साफ है कि नदी के तल पर नावों की छाया दिखने के अलावा इस पर नाव के चलने पर ऐसा लगता है कि मानो वह किसी कांच के पारदर्शी टुकड़े पर तैर रही हो।

  • यह नदी भारत-बांग्लादेश सीमा के पास वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के एक छोटे से लेकिन व्यस्त शहर दॉकी (Dawki) से होकर बहती है।
  • यह नदी रि पनार (जयंतिया हिल्स की) और हिमा खिरिम (खासी हिल्स की) के बीच की प्राकृतिक सीमा है, जिसके ऊपर एक एकल झूला पुल है।

डिस्क-फुटेड चमगादड़

अप्रैल 2021 में, मेघालय में बांस के वृक्षों पर रहने वाले भारत के पहले डिस्क-फुटेड (Disc-footed) चमगादड़ को देखा गया। थी। इस खोज के साथ, भारत में चमगादड़ की प्रजातियों की संख्या बढ़कर 130 हो गई।

  • ये बांस की टहनियों और शाखाओं के जोड़ पर अपने डिस्क (पंजों के आंतरिक भाग) से चिपककर रहते हैं।

  • इस डिस्क-फुटेड चमगादड़ (disk-footed bat) का वैज्ञानिक नाम ‘यूडिस्कोपस डेंटिकुलस’ (Eudiscopus denticulus) है।
  • म्यांमार के अपने निकटतम ज्ञात निवास स्थान से लगभग 1,000 किमी. पश्चिम में स्थित नोंगखिल्लेम वन्यजीव अभयारण्य (Nongkhyllem Wildlife Sanctuary) के निकट मेघालय के लाईलाड क्षेत्र (Lailad area) में डिस्क-फुट बैट को देखा गया।
  • अब तक ये प्रजाति दक्षिणी चीन, वियतनाम, थाईलैंड और म्यांमार में कुछ इलाकों में देखी गई थी। इस खोज के बाद मेघालय में चमगादडों की संख्या 66 हो गई है, जो भारत के किसी भी राज्य में सर्वाधिक है।
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