स्वयं सहायता समूह हरित भारत के निर्माण में सामुदायिक शक्ति

?>
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (68% महिला ऋण) और दीनदयाल अंत्योदय योजना (NRLM) लखपति दीदी, SVEP व AGEY के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) जैविक कृषि, जलवायु-सहिष्णु बीज, जल प्रबंधन (PMKSY 2.0) और अपशिष्ट प्रबंधन ('वेस्ट टू वेल्थ') के माध्यम से जलवायु अनुकूलन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
  • ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और ग्राम समृद्धि व लचीलापन योजना (VPRP) के माध्यम से स्थानीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई को सूक्ष्म-नियोजन (Micro-planning) से जोड़ा जा सकता है।
  • कृषि सखी, पशु सखी और CRP (सामुदायिक संसाधन व्यक्ति) जैसे ग्रामीण नेटवर्क जलवायु-अनुकूल आजीविका के विकास हेतु ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ