क्लाउड सीडिंग एवं वर्षा

  • पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Tropical Meteorology) के वैज्ञानिकों द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार, महाराष्ट्र के 100 वर्ग किमी. के इलाके में हाइग्रोस्कोपिक क्लाउड सीडिंग प्रयोग के परिणामस्वरूप सामान्य परिस्थितियों की तुलना में 18% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
  • हाइग्रोस्कोपिक सीडिंग उस ऊंचाई पर स्थित बादलों में की जाती है, जिस ऊंचाई पर तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होता है।
  • क्लाउड सीडिंग सूखी बर्फ (सिल्वर आयोडाइड एरोसोल) के बादलों के ऊपरी हिस्से में छिड़काव की प्रक्रिया है, ताकि बारिश की प्रक्रिया को तेज करके वर्षा कराई जा ....
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