चंद्र एपिरेगोलिथ

  • 26 अक्टूबर, 2023 को ‘जर्नल ऑफ द इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग’ (Journal of the Indian Society of Remote Sensing) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर मॉडड्ढूल द्वारा लैंडिंग के समय लैंडिंग स्थल के आसपास 108.4 वर्ग मीटर के क्षेत्र में लगभग 2.06 टन चंद्र एपिरेगोलिथ (चंद्र धूल) निकलकर विस्थापित हुई थी।
  • चंद्र एपिरेगोलिथ के विस्थापन से चंद्रयान 3 लैंडर मॉडड्ढूल द्वारा एक शानदार ‘इजेक्टा हेलो’ (Ejecta Halo) उत्पन्न हुआ था। ‘इजेक्टा हेलो’ एक अनियमित चमकीले पैच के रूप में दिखाई देता है।
  • चंद्रयान-3 मिशन का विक्रम लैंडर 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा के ....
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