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Topper UPSC सिविल सेवा परीक्षा, 2025 (ऑल इंडिया रैंक-6)

Book Title
UPSC
ज़िनिया ऑरोरा



सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी इस शानदार सफलता पर सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल की ओर से आपको हार्दिक बधाई। आप कैसा महसूस कर रही हैं?

ज़िनिया: यह अनुभव अविश्वसनीय है और मैं अत्यंत उत्साहित हूँ। अब मैं लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में अपने प्रशिक्षण की तैयारी कर रही हूँ।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: IAS अधिकारी बनने की आपकी प्रेरणा क्या रही? आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं? आपकी तैयारी और सफलता में परिवार और अन्य लोगों (शिक्षक, दोस्तों) की क्या भूमिका रही?

ज़िनिया: यह मेरी एक परिपक्व आकांक्षा थी। मैंने कॉर्पोरेट जगत और सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करके देखा है, लेकिन उन अनुभवों के बाद मुझे यह गहराई से महसूस हुआ कि वास्तविक आत्मसंतुष्टि मुझे एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में राष्ट्र सेवा में ही मिलेगी।

मैं अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर और अपनी माँ को देती हूँ। उन्होंने हर कठिन परिस्थिति में मेरा साथ दिया, यहाँ तक कि जब सब कुछ बिखरता हुआ लग रहा था, उन्होंने वर्षों तक अपनी नींद का त्याग किया ताकि मैं कुछ सार्थक कर सकूँ, मैं उनके इस मौन किंतु अटूट समर्थन के लिए सदैव आभारी रहूँगी।

परिवार और मित्र वे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो आपको एक निरंतर और प्रेरित अभ्यर्थी के रूप में ढालते हैं, जो अंततः सफलता की कुंजी हैं। मेरे लिए मेरे मार्गदर्शक एवं प्रोफेसर, प्रो. संजय राव आयडे, मेरी तैयारी के प्रकाश स्तंभ रहे, जिन्होंने हर कठिन समय में मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए? क्या आपने दोनों की तैयारी साथ में की थी या अलग-अलग?

ज़िनिया: तैयारी चरणबद्ध होनी चाहिए। NCERT पढ़ें, समाचार-पत्र पढ़ें, नियमित रूप से अपना आत्म-मूल्यांकन करें, ट्रेंड एनालिसिस के साथ विगत वर्षों के प्रश्न-पत्र हल करें, परीक्षक की मानसिकता को समझें और व्यावहारिक रूप से लागू होने वाली समय-सारणी बनाएँ और सबसे महत्वपूर्ण है कि रटने के बजाय अवधारणात्मक (conceptual) स्पष्टता पर ध्यान दें।

मैंने अपनी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी को सही मायनों में एकीकृत नहीं किया था क्योंकि मेरा शुरुआती पूरा ध्यान प्रारंभिक परीक्षा पर ही अटका रहा। हालांकि, दोनों के लिए पढ़ाई वही रहती है; बस प्रस्तुत करने का तरीका अलग होता है। इसलिए दोनों को साथ-साथ करना बेहतर है।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपने प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार और वैकल्पिक विषय के लिए कितना समय दिया? आपने प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में अपना समय कैसे प्रबंधित किया?

ज़िनिया: मेरी तैयारी भले ही बहुत सुनियोजित नहीं थी, लेकिन अवधारणात्मक रूप से मजबूत थी। प्रारंभिक परीक्षा से 3-4 महीने पहले मैं मुख्य परीक्षा की पढ़ाई रोक देती थी। उससे पहले, मैं अपने अध्ययन के समय को मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा के लिए 30:70 के अनुपात में बाँटती थी, क्योंकि मेरे लिए प्रारंभिक परीक्षा एक बड़ी बाधा थी, खासकर इसलिए क्योंकि मैं इस स्टेज पर पहले असफलता का सामना कर चुकी थी। 2024 की मुख्य परीक्षा से पहले के 3 महीनों में, मैंने मुख्य परीक्षा का अपना पूरा पाठ्यक्रम कवर किया और मैंने वैकल्पिक विषय तथा सामान्य अध्ययन दोनों को समान समय दिया।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपका वैकल्पिक विषय क्या था? इसे चुनने का आधार क्या था? इसकी तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

ज़िनिया: मेरा वैकल्पिक विषय राजनीति विज्ञान एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध (PSIR) था। मैंने इसे रुचि और सामान्य अध्ययन के साथ समानता के कारण वैकल्पिक विषय चुना।

PSIR के लिए रणनीति: सबसे पहली कोशिश अवधारणात्मक स्पष्टता होनी चाहिए। विषयों को आपस में अंतर्संबंधित करके देखना, अपनी बुनियादी समझ के लिए किसी 1 स्रोत (जैसे- IGNOU) को चुनना और केवल सारांश पढ़ने के बजाय विचारकों द्वारा लिखी गई मूल पुस्तकों को पढ़ना। मेरे मामले में, क्योंकि मेरे नोट्स तैयार नहीं थे, मुझे मुख्य परीक्षा से 3 महीने पहले “क्विक-नोट्स” बनाने पड़े। मैं सुझाव दूंगी कि ऐसा न होने दें ताकि आप उन 3 महीनों में पूरी तरह से “उत्तर लेखन” पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: नीतिशास्त्र (एथिक्स) [जीएस पेपर-IV] के लिए आपकी रणनीति, तैयारी और पुस्तकों का चयन क्या था?

ज़िनिया: सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप पहले इस बात से परिचित हों कि किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं। इसमें दो खंड होते हैं और विगत वर्षों के प्रश्नों (PYQs) को देखने से यह समझने में मदद मिलती है कि नीतिशास्त्र के प्रश्न-पत्र के लिए किस स्तर की गहराई और अध्ययन की ज़रूरत है। मैंने स्वयं सिलेबस (पाठ्यक्रम) पर रिसर्च किया और मुख्य परीक्षा से पहले कक्षाएं भी लीं। आप भी ऐसा कर सकते हैं, साथ ही सिलेबस के हर एक शब्द पर अपनी समझ विकसित करना ज़रूरी है। इसके अलावा, इस विषय की गहराई को समझने के लिए अभ्यर्थी जी. सुब्बा राव सर की एथिक्स वाली किताब पढ़ सकते हैं, जो न केवल इस प्रश्न-पत्र के लिए बल्कि आपके व्यक्तित्व विकास के लिए भी बहुत अच्छी है।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: निबंध प्रश्न-पत्र की तैयारी के बारे में कुछ बताएं।

ज़िनिया: मैं एक उत्साही पाठक रही हूँ, मुझे अच्छा साहित्य पढ़ना बहुत पसंद है और इससे निबंध के प्रश्न-पत्र में बहुत मदद मिलती है। सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ निबंध के पाठ्यक्रम की मांग को समझना है। अंततः बात विचारों के तार्किक प्रवाह, अच्छे उदाहरणों और एक बेहतरीन अभिव्यक्ति पर आकर रुकती है। कुछ अलग तरीके अपनाकर मैंने अपना स्कोर 2024 के 90 से बढ़ाकर 2025 में 128 कर लिया; जैसे छोटे वाक्यों का प्रयोग, बेहतर उदाहरण देना और अपने जटिल विचारों को सरल भाषा में व्यक्त करना।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपने साक्षात्कार (इंटरव्यू) की तैयारी कैसे की? साक्षात्कार में किस तरह के प्रश्न पूछे गए? क्या आपने सभी के उत्तर दिए? क्या किसी विशिष्ट क्षेत्र पर विशेष ज़ोर दिया गया था?

ज़िनिया: मैंने स्वयं को एक स्वस्थ चर्चा के लिए तैयार किया था।

मॉक इंटरव्यू से मुझे एहसास हुआ कि सामान्य बातचीत और ‘बहस’ (debating) में फर्क होता है। मैंने यह समझने की कोशिश की कि इतने सम्मानित और अनुभवी विद्वानों के बोर्ड से बात करने के लिए किस तरह का लहजा आवश्यक है।

मैंने सवालों को हिस्सों में बांटने की कोशिश की, समस्या के संदर्भ को समझा और ऐसे जवाब दिए जो व्यावहारिक और तर्कसंगत थे। मैंने कोचिंग संस्थानों द्वारा दिए गए रटे-रटाए टेम्प्लेट का पालन नहीं किया क्योंकि मुझे लगा कि ‘वास्तविक और सहज’ उत्तर ज़्यादा बेहतर होते हैं। इसलिए, कृत्रिम रूप से 5 बिंदु बनाने के बजाय, मैं उन 2 बिंदुओं के साथ अधिक संतुष्ट थी, जो विषय पर मेरी समझ की गहराई को दर्शा रहे थे।

DAF (डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म) आधारित अध्ययन बेहद महत्वपूर्ण है। मुझसे मेरे DAF पर बहुत विस्तृत और पेचीदा सवाल पूछे गए। ISI 14001 मानकों से लेकर हाइकु कविता (Haiku poetry) और स्वेज नहर संकट तक, सवालों का दायरा बहुत व्यापक था।

मैं 2024 और 2025 के अपने दोनों इंटरव्यू में 1-1 सवाल का जवाब नहीं दे पाई थी। ऐसे में बोर्ड को गुमराह न करना और ईमानदारी से इसे स्वीकार कर लेना ही सबसे अच्छा है। मुझे लगता है कि ऐसे क्षणों में बोर्ड आपसे सत्यनिष्ठा की उम्मीद करता है और वे झूठ को बहुत आसानी से पकड़ लेते हैं।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: परीक्षा की तैयारी में कोचिंग क्या भूमिका निभाती है?

ज़िनिया: यह व्यक्ति पर निर्भर करता है। किसी भी चीज़ से जुड़ने से पहले उनकी शिक्षण पद्धति और समयबद्धता पर रिसर्च करना सबसे अच्छा है। इसका उपयोग करेंट अफेयर्स को अपडेट करने और मॉक टेस्ट देने के लिए भी किया जा सकता है।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी सफलता में सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल की क्या भूमिका है?

ज़िनिया: मैंने विगत वर्षों के प्रश्नों और क्रॉनिकल में आने वाले ‘संसदीय प्रश्न खंड’ के लिए क्रॉनिकल का उपयोग किया। कभी-कभी अपने खाली समय में, करेंट अफेयर्स में अपनी बढ़त बनाने के लिए मैं क्रॉनिकल में आने वाले MCQs भी हल करती थी।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: आपकी तैयारी का स्रोत क्या था? अपनी तैयारी के दौरान आपने किन पुस्तकों, पत्रिकाओं, अखबारों और ऑनलाइन स्रोतों का उपयोग किया?

ज़िनिया: मेरी तैयारी का स्रोत मुख्य रूप से ऑनलाइन था।

  • प्रारंभिक परीक्षा के लिए:
    • राजव्यवस्था के लिए लक्ष्मीकांत।
    • इतिहास के लिए कक्षा 6-12 तक की NCERT।
    • मैंने स्पेक्ट्रम को भी 3-4 बार पढ़ा।
    • अर्थशास्त्र के लिए मृणाल सर के नोट्स और मेरे अपने स्नातक स्तर के नोट्स।
    • भूगोल के लिए NCERT और जी.सी. लियोन्ग। जटिल अवधारणाओं के लिए मैंने ‘यूट्यूब’ का भी उपयोग किया।
    • पर्यावरण तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए न्यूज़ पेपर और किसी 1 कोचिंग संस्थान का करेंट अफेयर्स संकलन।

मुख्य परीक्षा के लिए:

  • सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्न-पत्र के लिए इतिहास की NCERT पढ़ें और माइंडमैप बनाएं; भारतीय समाज के लिए PYQs पर अच्छी पकड़ के साथ नियमित न्यूज़ पेपर पढ़ना पर्याप्त है; भूगोल के लिए, मैंने PYQs, PMF IAS की किताब या इंटरनेट से डायग्राम लिए और उत्तर लेखन अभ्यास किया।
  • सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न-पत्र के लिए मैंने आतिश माथुर सर के ‘वन-पेजर्स’ के अलावा यहां अपने PSIR ज्ञान का उपयोग किया। सामान्य अध्ययन तृतीय प्रश्न-पत्र के लिए डेटा सबसे महत्वपूर्ण है।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: वैकल्पिक विषय के प्रश्न-पत्र 1 और 2 के लिए कौन सी पुस्तकों को आधार बनाया?

ज़िनिया: प्रश्न-पत्र 1: जे.सी. जौहरी, ओ.पी. गाबा, राजीव भार्गव; लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है विचारकों की वास्तविक किताबें पढ़ना (उदाहरण के लिए, लेविआथन, प्लेटो की रचनाएँ, फुकुयामा की पुरानी और हालिया किताबें आदि)।

प्रश्न-पत्र 2: बुनियादी बातों को इग्नू या किसी अच्छे कोचिंग संस्थान से कवर किया जा सकता है। अन्य पुस्तकों में कारमानी (Caramani), संयुक्त राष्ट्र चार्टर, एस.पी. हंटिंगटन आदि शामिल हैं।

सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल: बहुत-बहुत धन्यवाद और आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।

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