UPPCS(Main-Special) Questions for Public Administration (Second Paper)2004


{निर्धारित समय : तीन घण्टे} {पूर्णांक : 200}

निर्देषः-

  1. प्रत्येक खण्ड से कम से कम दो प्रश्न करना अनिवार्य है।
  2. कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिये। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।

खण्ड-अ (Section-A)

  1. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिये, जिनमें से प्रत्येक 300 शब्दों से अधिक की न हो :
    (अ) ‘‘संसदीय लोकतंत्र तथा संघीय ढाँचे ने भारतीय प्रशासनिक तंत्र में अयोग्यता को बढ़ावा दिया है।’’
    (ब) ‘‘भारत में नौकरशाही एक हाथी की तरह है, जो अतिविशाल, अतिवैभवयुक्त परंतु अति मन्द गतिवाला है।’’
    (स) ‘‘राजनीति एवं स्थायी व्यवस्थापिका के मध्य संबंधों में निरन्तर गिरावट हो रही है।’’
    Comment on any two of the following in not more than 300 words :
    (a) “Parliamentary democracy and federal structure have promoted inefficiency in the Indian administrative machinery.”
    (b) “Bureaucracy in India is like an elephant, very huge, very stately but very slow in its movement.”
    (c) “There is a definite downward trends in the relationship between the political and permanent executive in India.”
  2. क्षेत्र अभिकरणों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए केन्द्रीय सचिवालय के ढांचे की व्याख्या कीजिए।
    Discuss the structure of the central secretariat, highlighting the role of field agencies.
  3. राष्ट्रीय विकास परिषद की संरचना एवं कार्यों का परीक्षण कीजिए।
    Examine the organisation and functions of the national development council.
  4. भारत में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के आपसी संबंधों के नवीन रूझानों का परीक्षण कीजिए।
    Examine the recent trends in the relationship between Governor and Chief Minister in the States of India.
  5. खण्ड-ब (Section-B)

  6. क्या आप इस मत से सहमत हैं कि ‘‘जिला मजिस्ट्रेट जिले में राज्य सरकार की आंख, कान तथा हाथ होता है?’’ अपने उत्तर के पक्ष में तर्क प्रस्तुत कीजिए।
    Do you agree with the view that, “the District Magistrate is the eyes, the ears and the hands of State Government in the district.?” Give reasons in support of your answer.
  7. भारत में शहरी स्थानीय निकायों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए तथा 74वें संविधान संशोधन के पश्चात इसकी स्वतंत्रता की समस्या का मूल्यांकन कीजिए।
    Describe various forms of urban local bodies in India and examine the problem of autonomy faced by them after 74th constitutional amendement.
  8. समाज के निर्बल वर्गों के उत्थान में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
    Analyse the role played by the national Commission for Scheduled Castes and Scheduled Tribes in the upliftment of the weaker sections of society.
  9. भारत में सार्वजनिक उपक्रमों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए तथा उन पर विधायिका के नियंत्रण की समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
    Discuss various forms of public undertakings in Indian and highlight the problem of Legislative control over them.