UPPCS Mains Questions for INDIAN HISTORY AND CULTURE (First Paper)2014


[Time allowed : Three hours] [Maximum Marks : 200]

नोट :-

  1. प्रत्येक खण्ड से कम से कम दो प्रश्नों का चयन करते हुए कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
  2. सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
    (1) Answer five question in all, selecting at least two questions from each section.
    (2) All questions carry equal marks.

खण्ड-अ (Section-A)

  1. निम्नलिखित का विवेचना कीजिए :
    (क) प्राचीन भारतीय इतिहास के पुरातात्विक स्रोत।
    (ख) छठीं शती ई० पू० में श्रमण आन्दोलन का उदय।
    Discuss the following:
    (a) Archaeological sources of ancient Indian history.
    (b) Rise the Sramana Movement in the 6th century B.C.
  2. ईसवी सन् प्रथम-द्वितीय शताब्दी के भारत के बाह्य देशों से व्यापारिक सम्बन्धों का वर्णन कीजिए।
    Describe the trade relations of Indian with the outside world during the 1st-2nd century A.D.
  3. साम्राज्यवादी गुप्तों के उदय पर एक विस्तृत आलोचनात्मक टिप्पणी लिखिए।
    Write the detailed critical note on the rise of imperial Guptas.
  4. पल्लव मन्दिर स्थापत्य के विकास का निरूपण कीजिए।
    Trace the evolution of Pallava Temple Architecture.
  5. खण्ड-ब (Section-B)

  6. विजयनगर साम्राज्य की राजव्यवस्था का आलोचनात्मक विवरण दीजिए।
    Give a critical account of the Polity of Vijay Nagar Empire.
  7. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए :
    (क) ‘चेहलगनी’,
    (ख) भारत में सूफीवाद,
    (ग) मनसबदारी व्यवस्था।
    Write short notes on any two of the following:
    (a) 'Chehelagani',
    (b) Sufism in India,
    (c) Mansabdari System.
  8. "बाबर एक महान् विजेता था, किन्तु साम्राज्य निर्माता नहीं।" विवेचना कीजिए।
    “Babur was a great conqueror, but not an empire builder.” Discuss.
  9. "शिवाजी एक महान् संगठनकर्ता और सार्वजनिक (सिविल) संस्थाओं के निर्माता थे।" शिवाजी की शासन व्यवस्था के संदर्भ में उक्त कथन की समीक्षा कीजिए।
    “Shivaji was a great organizer and builder of civil institutions.” Examine the above statement in the context of his administrative system.