दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में तुलु को प्रशासनिक मान्यता

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कर्नाटक मंत्रिमंडल ने 18 सितंबर 2026 को तुलु को दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों के लिए राज्य की दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा के रूप में मंजूरी दे दी। यह फैसला मंगलुरु में हुई कैबिनेट बैठक के बाद लिया गया और इसके साथ तुलु के प्रशासनिक उपयोग, अनुवाद और प्रशिक्षण के लिए हर साल 82 लाख रुपये का प्रावधान भी तय किया गया।

तुलु को मिली प्रशासनिक पहचान

सरकारी निर्णय के अनुसार, तुलु का उपयोग अब दोनों जिलों के प्रशासनिक कामकाज में किया जाएगा। इसमें सरकारी पत्राचार, अनुवाद संबंधी कार्य और कर्मचारियों के प्रशिक्षण जैसी प्रक्रियाएँ शामिल होंगी। यह कदम खास ....

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