Question : ‘प्रभुत्वात्मक स्थायित्व’ की संकल्पना को स्पष्ट कीजिए।
(2008)
Answer : 1991 में सोवियत संघ के विघटन से साम्यवाद का पतन, सं. रा. अमेरिका एक नवीन चुनौती के रूप में स्थापित हुआ। इस घटना से संपूर्ण विश्व में यूएस को चुनौती प्रदान करने वाला कोई राष्ट्र नहीं बचा। कई साम्यवादी राष्ट्र अस्तित्व में बने रहे, लेकिन ये यूएस के लिए चुनौती नहीं रहे। यूएसएसआर का उत्तराधिकारी रूस का उभरना भी यूएस के लिए कोई चुनौती प्रदान नहीं कर सका। वैश्विक स्तर पर उदारवादी प्रजातंत्र और पूंजीवाद ....
Question : "पड़ोसी दक्षिण एशियाई देशों में, उनके देशीय विक्षोभ अक्सर भारत की विदेश नीति के तनाव बन जाते हैं।" उदाहरण प्रस्तुत करते हुए चर्चा कीजिए।
(2007)
Answer : पड़ोसी दक्षिण एशियाई देशों में उनके देशीय विक्षोभ अक्सर भारत की विदेश नीति के तनाव बन जाते हैं। इसी संदर्भ में यह कहा जा सकता है कि भारत के लिए आज सबसे बड़ी चुनौती पड़ोसियों के बिगड़े तेवर सुधारने की है। विदेश नीति के अंतर्गत उन लक्ष्यों का समाकलन किया जाता है जिनकी प्राप्ति राज्य दूसरे राज्यों के सापेक्ष प्राप्त करना चाहते हैं और इस संदर्भ में भारत के लिए यह आवश्यक हो जाता है ....
Question : भारत की विदेश नीति तेजी से बदलती हुई अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली की बराबरी कर सकती थी। इस पर चर्चा कीजिए।
(2006)
Answer : भारत की विदेश नीति निश्चित रूप से अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली के अनुरूप समयानुसार परिवर्तित करने की कोशिश करती रही है।
भारतीय विदेश नीति के तहत कभी गुट निरपेक्षता की बात की जाती है जो प्रधानमंत्री नेहरू के समय में काफी सक्रिय रही है एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन भी प्राप्त रहा, परंतु भारत के साथ चीन का युद्ध ने भारतीय विदेश नीति में परिवर्तन निहायत जरूरी कर दिया एवं भारत की सुरक्षा के विकल्प भी ढूंढने पड़े। ....