Question : ‘स्त्री-पुरूष न्याय’ किस मायने में आज एक अत्यावश्यक वैश्विक चिन्ता बन गई है?
(2007)
Answer : अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महिलावादी दृष्टिकोण भिन्न स्तरों पर स्थापित हुआ है। इसके अंतर्गत न सिर्फ प्रचलित सैद्धांतिक मान्यताओं के पुनर्विलोकन की आवश्यकता उत्पन्न हुई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में वैकल्पिक अवधारणाओं का भी विकास हुआ है। महिलावादी अध्ययनों को वैसे भी शीतयुद्धोत्तर विश्व में महत्ता दी गई है। विचारधाराओं के अंत के बाद अब ध्यान राज्यों के संबंधों की अपेक्षा सामाजिक संरचनाओं पर केंद्रित है तथा इसी दिशा में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लैंगिक न्याय की अवधारणा ....
Question : राजनीति प्रणाली के इनपुट-आउटपुट प्रकार्य।
(2006)
Answer : राजनीतिक प्रणाली पदक्रम अपने अनुभाविक आयामों में सरकार के अध्ययन की ओर निर्देश करता है। इस प्रकार दृढ़ रूप में यह अंतः शास्त्रीय उपागम है। इस प्रकार राजनीतिक प्रणाली उन अंतः संबंधित चरों का समुच्चय बन जाती है, जो राजनीतिक दृष्टि से सार्थक समझे जाते हैं। आगत-निर्गत विश्लेषण में इस बात की पूर्ण कल्पना कर ली जाती है कि इसमें अंतः क्रियात्मक भूमिकाएं हैं, संरचनाएं हैं एवं उपव्यवस्थाएं हैं। इसमें एक ऐसी प्रक्रिया निहित है, ....