स्वच्छता सारथी फेलोशिप 2022

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने 4 फरवरी, 2022 को अपने 'वेस्ट टू वेल्थ' मिशन (Waste to Wealth Mission) के तहत 'स्वच्छता सारथी फेलोशिप 2022' (Swachhta Saarthi Fellowship 2022) की घोषणा की।

उद्देश्य: अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जागरूकता अभियान, अपशिष्ट सर्वेक्षण आदि के सामुदायिक कार्य में लगे युवा नवप्रवर्तकों को स्वच्छता सारथी के रूप में सशक्त बनाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: वैज्ञानिक और स्थायी रूप से अपशिष्ट प्रबंधन की विशाल चुनौती से निपटने में संलग्न छात्रों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं / स्वयं सहायता समूहों, और नगरपालिका / स्वच्छता कार्यकर्ताओं को मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से 2021 में फेलोशिप की शुरुआत की गई थी।

  • फेलोशिप के तहत पुरस्कारों की तीन श्रेणियां हैं:
  1. श्रेणी-ए - अपशिष्ट प्रबंधन सामुदायिक कार्य में संलग्न 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूली छात्रों के लिए है। रुपये की राशि।फेलोशिप के रूप में 1 वर्ष की अवधि के लिए प्रतिमाह 500/-रुपये की राशि दी जाएगी।
  2. श्रेणी-बी - अपशिष्ट प्रबंधन सामुदायिक कार्य में संलग्न कॉलेज के छात्रों (स्नातक, स्नातकोत्तर, शोध छात्रों) के लिए है। फेलोशिप के रूप में 1 वर्ष की अवधि के लिए प्रतिमाह 1,000/- रुपये की राशि दी जाएगी।
  3. श्रेणी-सी - स्वयं सहायता समूह या स्वच्छता कार्यकर्ता के लिए है। एक स्वयं सहायता समूह से अधिकतम 2 नागरिक आवेदन कर सकते हैं। फेलोशिप के रूप में 1 वर्ष की अवधि के लिए प्रतिमाह 2,000/- रुपए की राशि दी जाएगी।

जीके फ़ैक्ट

  • वेस्ट टू वेल्थ मिशन ‘प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद’ (PM-STIAC) के नौ राष्ट्रीय मिशनों में से एक है। इस मिशन का नेतृत्व भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के कार्यालय द्वारा किया जाता है।

संसद प्रश्नोत्तर सार

गरीबों के लिए न्याय तक पहुंच

सरकार ने आम आदमी को वहनीय, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए कई उपाय किए हैं।

  • विधिक सेवा प्राधिकरण (एलएसए) अधिनियम, 1987 की धारा-12 के तहत कवर किए गए लाभार्थियों सहित समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त और सक्षम विधिक सेवाएं (legal services) प्रदान की जाती हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्थिक कारणों से कोई भी नागरिक न्याय हासिल करने के अवसरों से वंचित न रह जाए।
  • इस उद्देश्य के लिए, तालुक कोर्ट स्तर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विधिक सेवा संस्थानों की स्थापना की गई है।
  • अप्रैल, 2021 से नवंबर, 2021 की अवधि के दौरान, 60.17 लाख व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सेवाएं प्रदान की गई हैं और लोक अदालतों के माध्यम से 132.37 लाख मामलों (अदालतों में लंबित और विवाद पूर्व स्तर पर मामलों) का निपटारा किया गया है।
  • इसके अलावा, न्याय तक समान पहुंच को सक्षम करने के लिए, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) ने 'विधिक सेवा मोबाइल ऐप' भी लॉन्च किया है।

राष्ट्रीय परिदृश्य