विधायी शक्ति का वितरण
संविधान के अनुच्छेद-1 में भारत को राज्यों का संघ (Union of states) बताया गया है। संघीय संविधान की मुख्य विशेषता केंद्र एवं राज्यों के मध्य शक्तियों का वितरण है। भारतीय संविधान भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक नए प्रकार के संघवाद का प्रावधान करता है।
- विधायी शक्तियां संघ एवं राज्य विधानसभाओं के मध्य मौजूदा विधायी शक्ति के वितरण की योजना के अधीन है।
- संविधान की 7वीं अनुसूची के अंतर्गत तीन सूचियां के द्वारा विधायी शक्तियों के वितरण का प्रावधान है।
संघ तथा राज्यों के मध्य विधायी शक्तियों का वितरण
- संघ सूची (सूची I) - इसमें 97 विषय शामिल ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

