न्यायाधीशों का सुनवाई से खुद को अलग करना
न्यायाधीशों द्वारा किसी न्यायिक मामले से अलगाव (Judicial Recusal) तब होता है, जब कोई न्यायाधीश हितों के टकराव या पूर्वाग्रह की उचित आशंका के कारण किसी मामले से स्वयं को अलग कर लेता है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि मामले का निर्णय निष्पक्ष रूप से हो तथा परिणाम न्यायाधीश के व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से प्रभावित न हो।
- न्यायिक अस्वीकृति की यह प्रथा विधि की उचित प्रक्रिया के प्रमुख सिद्धांत से उत्पन्न होती है, जिसके लिए आवश्यक है कि किसी मामले के सभी पक्षों के साथ उचित और निष्पक्ष व्यवहार किया जाए।
- यदि कोई न्यायाधीश खुद को मामले ....
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