भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी
ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष को कई महिला स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान से चिह्नित किया जा सकता है। इन महिलाओं ने सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने के साथ-साथ, राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं का योगदान
- असहयोग आंदोलन (1920): महिलाओं ने स्कूलों और कॉलेजों सहित ब्रिटिश वस्तुओं एवं संस्थानों के बहिष्कार में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने महात्मा गांधी की अहिंसा के सिद्धांत पर विरोध मार्च और प्रदर्शनों का आयोजन किया।
- नमक सत्याग्रह (1930): सरोजिनी नायडू और कमला नेहरू जैसी महिलाओं ने महत्वपूर्ण नेतृत्व प्रदान किया। ऐतिहासिक नमक मार्च ....
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