मधयकालीन भारत में धार्मिक संप्रदाय/आंदोलन
मध्यकाल में विभिन्न धर्म जैसे हिंदू धर्म, इस्लाम, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म, ईसाई धर्म और पारसी धर्म भारत में मौजूद थे।
- इस काल में मुस्लिम शासकों के आगमन ने धार्मिक क्षेत्र में नवीन तत्वों को जन्म दिया; जिसकी परिणति भक्ति आन्दोलन व सूफी आंदोलन में हुई।
- भक्ति आन्दोलन और सूफी आन्दोलन ने इन विभिन्न धर्मों के भेदों को समाप्त कर धार्मिक सहिष्णुता और समरसता लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
भक्ति आंदोलन
- भक्ति आंदोलन का आरंभ दक्षिण भारत में सातवीं से 12वीं शताब्दी के मध्य हुआ, जिसके प्रथम प्रचारक शंकराचार्य को माना जाता है।
- भक्ति आंदोलन के कई संतों ने हिंदू-मुस्लिम ....
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