भारत में आधुनिक राष्ट"वाद का उदय
भारतीय राष्ट्रवाद औपनिवेशिक नीतियों के परिणामस्वरूप और औपनिवेशिक नीतियों की प्रतिक्रिया के रूप में विकसित हुआ। वास्तव में, भारतीय राष्ट्रवाद को विभिन्न कारकों के संगम के परिणाम के रूप में देखना अधिक व्यावहारिक होगा।
राष्ट्रवाद क्या है?
राष्ट्रवाद एक विचार के प्रति समर्पण है, जिसमें यह विश्वास एवं आस्था होती है कि राष्ट्र और राज्य को एक समान होने चाहिए। राष्ट्रवाद, एक आंदोलन के रूप में, एक विशिष्ट राष्ट्र के हितों को बढ़ावा देता है।
- राष्ट्रवाद का मानना है कि प्रत्येक राष्ट्र को बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त होकर आत्मनिर्णय से स्वयं पर शासन करना चाहिए।
- इसका उद्देश्य संस्कृति, जातीयता, भौगोलिक स्थिति, भाषा, ....
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