व्यक्तिगत मानवाधिकार
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अनुसार, मानवाधिकार वे अधिकार हैं, जो हमारे पास सिर्फ इसलिए हैं क्योंकि हम मानव के रूप में अस्तित्वान हैं। ये किसी भी राज्य द्वारा प्रदान नहीं किए जाते हैं।
- राष्ट्रीयता, लिंग, राष्ट्रीय या जातीय मूल, रंग, धर्म, भाषा या किसी अन्य स्थिति की परवाह किए बिना, ये सार्वभौमिक अधिकार सभी मानव के लिए अंतर्निहित हैं।
- इनमें सबसे मौलिक - जीवन का अधिकार से लेकर वे अधिकार शामिल हैं, जो जीवन को जीने लायक बनाते हैं, जैसे भोजन, शिक्षा, काम, स्वास्थ्य एवं स्वतंत्रता के अधिकार।
मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा (UDHR)
1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाया ....
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