Question : पड़ोसी देशों पर भारत के राजनैतिक प्रभाव के निर्धारण में भू भाग टैरेन की भूमिका पर प्रकाश डालिए
(2014)
Answer : किसी भी देश का भू भाग वह राजनीतिक इकाई होता है, जिस पर उस राष्ट की शासन सत्ता का नियंत्रण होता है। अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में भू भाग ऐसा आयाम है जो किसी देश के राजनीतिक प्रभाव को सर्वाधिक प्रभावित करने वाले कारकों में से है।
भारत की भू-भागीय सीमा लगभग 15000 Km है। जिसके कारण भारत अपने पड़ोसी देशों से अन्य रूपों में जुड़ा है। भारत-पाकिस्तान, भारत चीन सम्बन्धों में भू भाग एक प्रमुख निर्धारक आयाम ....
Question : हिंद महासागर के उल्लेख के साथ भारत की रणनीतिक अवस्थिति के निहितार्थों पर चर्चा कीजिए
(2014)
Answer : हिन्द महासागर में भारत की स्थिति विशेष है। दक्षिणी एशियाई देशों में यह सबसे बड़ा है, जो आठ देशों के भूमि एवं समुद्री सीमा में हिस्सेदारी करता है। दक्षिणी एशिया में चीन का लगातार बढ़ता प्रभाव भारत की हिन्द महासागर की रणनीतिक भूमिका को और अधिक स्पष्ट कर देता है। हिन्द महासागर की स्थिति सामरिक दृष्टि से भारत के लिए विशेष महत्वपूर्ण है। यद्यपि इसकी नौसैन्य शक्ति प्रमुख राष्ट्र के समान नहीं है। 1971 के ....
Question : भारत कई सीमा विवादों में उलझा हुआ है इसके कारणों और उपचारों की व्याख्या कीजिए
(2014)
Answer : भारत की पड़ोसी देशों के साथ लगने वाली सीमा लगभग 15,000 किमी. है। भारत-चीन सीमा 4,060 किमी., बांग्लादेशीय सीमा 3,900 किमी., पाकिस्तान सीमा 3,400 किमी., म्यांमार सीमा 1,450 किमी., शेष लंबाई की सीमा नेपाल व भूटान के साथ है। स्वतंत्रता के समय से ही भारत का चीन, बांग्लादेश व पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद है जो तनाव व भू-राजनीतिक असन्तुलन के रूप में प्रकट होता है।
आतंकी हमला, तीखे घरेलू विरोध, उग्रवादी घुसपैठ, पूर्व निर्धारित सीमा ....
Question : हिन्द महासागर क्षेत्र की भूराजनीति पर एक आलेख लिखें
(2013)
Answer : हिंद महासागर तथा इससे सटे देशों का महत्व आज कल बढ़ता जा रहा है। इन देशों में विश्व की एक तिहाई जनसंख्या का निवास है। विश्व की कुल स्थल भूमि का 25% भाग यहां स्थित है तथा विश्व के कुल खनिज तेल का 40% इस क्षेत्र में पाया जाता हैं। यह अन्तरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसके अलावा यहां विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या निवास करती है तथा विश्व की नई आर्थिक ....
Question : वर्ष 2000 में भारत में नए राज्यों के आधार पर टिप्पणी करें।
(2013)
Answer : सन् 2000 ई. में भारत के मानचित्र में तीन नये राज्यों का उदय हुआ। मध्य प्रदेश से काटकर छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश से काटकर उत्तरांचल तथा बिहार से काटकर झारखंड का निर्माण किया गया।
इन तीन राज्यों को भाषायी आधार पर नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आधार पर अलग किया गया। मध्य प्रदेश के सात पूर्वी जिलों को मध्य प्रदेश से अलग कर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया गया। जातीय विभिन्नता और अलग राज्य के लिए मांग ....
Question : चीन-भारत सीमा विवाद के उद्भव विस्तार और विवक्षाओं का परीक्षण कीजिए
(2012)
Answer : भारत और चीन के बीच स्थलीय सीमा मैकमोहन रेखा द्वारा निर्धारित है, जो 1914 में शिमला में एक त्रिदलीय सम्मेलन में निर्धारित की गयी। इस सम्मेलन में भारत (ब्रिटिश), चीन तथा स्वतंत्र तिब्बत सीमा निर्धारण हेतु सम्मिलित हुए। सीमित तकनीक व प्रद्यौगिकी विकास तथा उबड़-खाबड़ व अगम्य धरातल होने के कारण सीमा निर्धारण मानचित्र पर हुआ था।
1914 के संधि के तहत तिब्बत के उपर ब्रिटिश भारत अपने अधिकार का इस्तेमाल करती थी, परन्तु भारत के ....
Question : सीमा पार आतंकवाद में भू-आकृति की भूमिका
(2010)
Answer : आतंकवाद एक जटिल समस्या के रूप में विश्व को चुनौती प्रस्तुत कर रहा है, जिसके सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक सांस्कृतिक आयाम हैं, परंतु सभी विधान कमोवेश इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद की उत्पत्ति में भी भू-आकृति विशेष भूमिका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निभाती है। जटिल भू-आकृतिक संरचना वाले क्षेत्र, जैसे पर्वतीय, घने जंगल, बीहड़ आदि क्षेत्र की आर्थिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करते हैं। उनका अन्य प्रगतिशील क्षेत्र से अलगाव करते हैं, जिससे ....
Question : स्वतंत्रता से भारत में राज्य पुनर्गठन के आधारों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
(2008)
Answer : स्वतंत्र भारत के बीच नवीन राजनैतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए संघात्मक संगठन का विकास आवश्यक था, क्योंकि यह आकार में बड़ा अधिक एवं अनेक विविधताएं थीं। संघात्मक राज्य के लिए संघीय राज्यों के निर्माण हेतु कुछ निश्चित मापदण्डों की आवश्यकता थी।
उन्हीं मापदण्डों के द्वारा भारतीय राज्यों का पुनर्गठन हुआ है। वर्तमान समय में भारत में 28 राज्य एवं सात संघ शासित प्रदेश हैं। परंतु इनका विकास क्रमिक हुआ है। निर्धारण के आधार में भी ....
Question : हिंद महासागर के भू राजनीतिक महत्व का आकलन कीजिए
(2008)
Answer : हिन्द महासागर की भू-राजनीति में भारत की अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। इस महासागर की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक गतिविधियां सभ्यता के प्रारंभिक काल से ही भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़ी हुई हैं।
हिन्द महासागर की कुल तट रेखा का 12.5 प्रतिशत भारतीय तट रेखा है। इसके तट पर 46 देश स्थित हैं, लेकिन आकृति की दृष्टिकोण से आस्ट्रेलिया के बाद एवं जनसंख्या की दृष्टि से प्रथम स्थान आता है। इस महासागर के तटीय देशों की कुल ....
Question : भारतीय संघवाद के भौगोलिक आधारों का परिक्षण कीजिए।
(2006)
Answer : भारत के संविधान में भारत को राज्यों का संघ कहा गया है। कुछ विद्वानों का यह मानना है कि भारत में अर्द्ध संघीय व्यवस्था पाई जाती है। जब संघ की विभिन्न इकाइयां अपनी पहचान को बनाए रखते हुए समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित करती हैं, तो संघवाद का उदय होता है। संघवाद केन्द्रोन्मुखी तथा केन्द्रविमुखी शक्तियों के बीच समायोजन का परिणाम है। भारत का आकार काफी विशाल (32.87 लाख वर्ग किमी.) है। इतने विशाल क्षेत्रफल वाले ....
Question : चीन-भारत सीमा विवाद के उद्भव, विस्तार और विपदाओं पर एक निबंध लिखिए।
(2004)
Answer : भारत और चीन के बीच की सीमा मैकमोहन रेखा द्वारा निर्धारित है जो 1914 में शिमला में एक त्रिदलीय सम्मेलन में भारत (ब्रिटिश) चीन तथा तिब्बत (स्वतंत्र) के बीच निर्धारित की गयी थी। धरातल उबड़-खाबड़ होने के कारण सीमा निर्धारण मानचित्र पर ही हुआ था।
1914 की संधि के तहत तिब्बत के ऊपर ब्रिटिश भारत अपने अधिकार का इस्तेमाल करती थी। परन्तु भारत के स्वतंत्र होने के बाद एवं 1949 में चीन में साम्यवादी शासन के ....
Question : हिंद महासागर की भू-राजनीति में भारत की भूमिका का आकलन कीजिए।
(2003)
Answer : हिन्द महासागर की भू-राजनीति में भारत की अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। इस महासागर की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक गतिविधियां सभ्यता के प्रारंभिक काल से ही भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़ी हुई हैं।
हिन्द महासागर की कुल तट रेखा का 12.5 प्रतिशत भारतीय तट रेखा है। इसके तट पर 46 देश स्थित हैं, लेकिन आकृति की दृष्टिकोण से आस्ट्रेलिया के बाद एवं जनसंख्या की दृष्टि से प्रथम स्थान आता है। इस महासागर के तटीय देशों की कुल ....
Question : भारत की थल सीमाओं के भूराजनीतिक महत्व का विवेचन कीजिए।
(2001)
Answer : भारत के स्थलीय सीमा की कुल लंबाई 15,200 किलोमीटर है। यह सीमा मैदानी, दलदली, मरुस्थलीय एवं पर्वतीय क्षेत्रों से होकर गुजरती है। भू-राजनीतिक दृष्टि से संपूर्ण विश्व में भारत की स्थिति काफी महत्वपूर्ण है। मेकाइण्डर के हृदय स्थल सिद्धांत में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आंतरिक अर्द्ध-चंद्राकार क्षेत्र में भारत की स्थिति से इस तथ्य की पुष्टि होती है। मेकाइण्डर के आधार क्षेत्र एवं आंतरिक अर्द्ध-चंद्राकार क्षेत्र की सीमा भारत के जम्मू-कश्मीर की सीमा के निकट ....
Question : हिन्द महासागर क्षेत्र की भू-राजनीति में भारत की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
(2000)
Answer : हिन्द महासागर ही ऐसा एकमात्र महासागर है, जिसका नामकरण नाम के आधार पर हुआ है। यह अपने आप दर्शाता है कि इस प्रदेश में प्राचीन काल से ही भारत की प्रभावशाली भूमिका रही है। विभिन्न भू-राजनैतिक, ऐतिहासिक तथा सामाजिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्य में भारत को हिन्द महासागर क्षेत्र में एक महती भूमिका निभानी है।
हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका निम्न तथ्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो जाती हैः
Question : हिन्द महासागर क्षेत्र के भू-राजनीतिक महत्त्व पर चर्चा कीजिये।
(1998)
Answer : हिन्द महासागर पूर्वी अफ्रीका, पश्चिमी एशिया तथा दक्षिण व दक्षिण-पूर्वी एशिया को जोड़ता है। स्वेज नहर के बन जाने से यूरोप तथा उत्तरी अफ्रीका भी इसके प्रभाव क्षेत्र में आ गये हैं। पूर्व काल में यहां की आर्थिक संभावनाओं को देखते हुए तथा तेल के भण्डारों का पता लगने पर, बड़ी ताकतों ने यहां अपने उपनिवेश बसाये। रूस तथा अमेरिका ने कई स्थानों पर अपने सैनिक अड्डे बनाये। विभिन्न सागरीय संसाधनों से ओत-प्रोत यह सागर ....