Question : "यह आवश्यक है कि राजनीतिक सुधार सामाजिक सुधारों के अग्रगामी हों, न कि उनके अनुगामीय् (तिलक)। सुस्पष्ट कीजिए।
(2007)
Answer : पश्चिम की बुद्धिवादी, वैज्ञानिक और गतिशील सभ्यता तथा भारत की धार्मिक, पुरातनपोषी और परम्परागत संस्कृति के बीच संपर्क के कारण समाज सुधार की समस्या बड़ी महत्त्वपूर्ण हो गई थी। भारत में अनेक आंदोलनों का उदय हुआ, जिन्होंने सामाजिक परिवर्तन और रूपान्तर का समर्थन किया। इनमें से ब्रह्म समाज और प्रार्थना समाज आदि कुछ आंदोलनों पर पाश्चात्य विचारधाराओं का गहरा प्रभाव पड़ा। अतः उन्होंने तत्काल समाज सुधार करने का हृदय से समर्थन किया। हिन्दुओं के समाज-सुधार ....