Question : राजनीतिक चिंतन के इतिहास में मौकियावली के महत्त्व पर चर्चा कीजिए। क्या यह कहना सही होगा कि मैकियावली की थियोरी ‘संकीर्णतः स्थानीय और संकीर्णतः कालबद्ध’ है?
(2007)
Answer : सेबाइन का यह कथन कि ‘मैकियावली का राजनीतिक दर्शन संकीर्ण रूप से स्थान विशेष और समय विशेष के लिये था’ उसके राजनीतिक विचारों का केन्द्र-बिंदु कहा जा सकता है। उसके विचारों में अपने युग के विचारों तथा संदभों का प्रतिबिम्बि अत्यधिक स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है। मैकियावली का युग पुनर्जागरण का युग था और इसी कारण इसे पुनर्जागरण का प्रतिनिधि भी कहा जाता है। मैकियावली अपने युग से जितना प्रभावित हुआ, उतना बहुत ही कम लेखक ....
Question : वैश्वीकरण का राज्य संप्रभुता पर प्रभाव।
(2006)
Answer : प्रभुसत्ता या संप्रभुता राज्य का अनिवार्य लक्षण है। प्रभुसत्ता राज्य की ऐसी विशेषता है, जिसके कारण वह कानून की दृष्टि से केवल अपनी इच्छा से बंधा होता है। अन्य किसी की इच्छा से नहीं, कोई अन्य शक्ति उसकी अपनी शक्ति को सीमित नहीं कर सकती। वर्तमान युग में जहां संचार के अति उन्नत्र यंत्रों का विकास हो चुका है तथा पूरी दुनिया को एक छोटे से गांव में बदल दिया है, यातायात के तीव्र साधन ....