Question : समाजशास्त्र के उद्गम के बौद्धिक स्रोत्र।
(2006)
Answer : जिन परिस्थितियों के चलते समाजशास्त्र का उदय हुआ, वे बौद्धिक और सामाजिक दोनों थीं। समाजशास्त्र के उद्गम के चार बौद्धिक स्रोत हैं:
शुरुआत में इनमें से दो, इतिहास दर्शन और सामाजिक-राजनीतिक सुधार आंदोलन, जिसके लिए सामाजिक सर्वेक्षण आवश्यक हुआ, विशेष रुप से महत्वपूर्ण थे। इतिहास दर्शन 18 वीं शताब्दी में सामने आया। इसके संस्थापकों में अबे-द-से पियरे और जिआमबतिस्ता विको थे। प्रगति के जिस आम विचार को सूत्रबद्ध ....
Question : समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान के साथ उसके संबंध।
(2005)
Answer : समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र परस्पर एक दूसरे से सम्बद्ध हैं। वास्तव में आर्थिक और सामाजिक संबंध आपस में जुड़े हुए हैं और समय-समय पर एक दूसरे को प्रभावित करते रहते हैं। प्रायः तमाम सामाजिक संबंधों की जड़ों में आर्थिक संबंध होते हैं। परिवार, जाति, वर्ग आदि में आर्थिक हितों के आधार पर सहयोग एवं संघर्ष पाया जाता है।
समाजशास्त्र एवं अर्थशास्त्र के बीच कितना घनिष्ठ संबंध है यह मार्क्स के ‘दास कैपिटल’ एवं वेबर के ‘द प्रोटेस्टेंट ....
Question : समाजशास्त्र एक निर्वचनात्मक शास्त्र के रूप में।
(2001)
Answer : मैक्स वेबर का उद्देश्य समाजशास्त्र को विज्ञान बनाना था। इस उद्देश्य की प्रप्ति के लिए उसने आदर्श प्रारूप के सिद्धांत को प्रतिपादित किया था। वास्तव में वेबर, कॉम्टे एवं दुर्खीम के प्रत्यक्षवाद की अवधारणा से सहमत नहीं है। वेबर का कहना है कि समाजशास्त्र का अध्ययन पूर्णरूपेण प्राकृतिक विज्ञान की भांति असंभव है क्योंकि सामाजिक घटना का अध्ययन एक व्यक्ति के द्वारा किया जाता है। अतः यह संभावना है कि अध्ययन कर्त्ता का स्वयं विचार ....
Question : समाजशास्त्र एवं सामाजिक मानवशास्त्र।
(2000)
Answer : समाजशास्त्र एवं सामाजिक मानवशास्त्र एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से संबंधित है जिसके फलस्वरूप दोनों के बीच एक निश्चित विभाजक रेखा खींचना संभव नहीं है। इवान्स प्रिचार्ड की मान्यता है कि सामाजिक मानवशास्त्र की समाजशास्त्रीय अध्ययनों की एक शाखा माना जा सकता है, वह शाखा जो प्रमुखतः अपने को आदिम समाजों के अध्ययन में लगाती है। परंतु समाजशास्त्र शब्द का प्रयोग साधारणतया सभ्य समाजों की विशिष्ट समस्याओं के अध्ययन से लगाया जाता है। सामाजिक मानवशास्त्र में ....
Question : औद्योगिक क्रांति के उप-उत्पाद के रूप में समाजशास्त्र
(1999)
Answer : औद्योगिक क्रांति की शुरुआत इंग्लैंड में 1760 ई. को हुई एवं इस क्रांति ने सामाजिक एवं आर्थिक स्तर पर लोगों को काफी प्रभावित किया। साथ ही बहुत सी वस्तुओं जैसे Spinning Jenny, Water frame, Mule इत्यादि का हुआ जिसने यूरोपियन समाज की यथास्थिति को ही बदल दिया। सामाजिक व्यवस्था पूंजीवादी समाज में परिणत हो चुकी थी। इन परिणामों के फलस्वरूप बहुत से प्रारंभिक समाजशास्त्रियों ने इसे सामाजिक विघटन के रूप से देखा। उदाहरण के तौर ....