सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया : तमिलनाडु प्रकरण और न्यायिक दृष्टिकोण

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राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा जोसेफ विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने में देरी ने राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों और लोकतांत्रिक जनादेश के बीच संवैधानिक बहस को पुनर्जीवित कर दिया है। राज्यपाल ने सरकार गठन से पूर्व 118 विधायकों के समर्थन का प्रमाण मांगा, जिस पर राजनीतिक और संवैधानिक विवाद उत्पन्न हुआ।

मुख्य बिंदु

  • TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
  • कांग्रेस के समर्थन के बाद भी बहुमत से कम संख्या।
  • राज्यपाल ने शपथ से पूर्व बहुमत का प्रमाण मांगा।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में फ्लोर टेस्ट को अंतिम संवैधानिक उपाय माना है।
  • विवाद ....
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