भारत की जैव-अर्थव्यवस्था: नवाचार, अवसर और नीतिगत चुनौतियाँ

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 19 मार्च, 2026 को नई दिल्ली में जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (Biotechnology Industry Research Assistance Council - BIRAC) के 14वें स्थापना दिवस के अवसर पर इंडिया बायोइकोनॉमी रिपोर्ट 2026 (IBER 2026) जारी की।

  • यह रिपोर्ट भारत की जैव-अर्थव्यवस्था का एक समग्र और डेटा-आधारित मूल्यांकन प्रस्तुत करती है, जिसमें वृद्धि प्रवृत्तियाँ, क्षेत्रीय योगदान, नवाचार की गतिशीलता और नीतिगत परिणामों का विश्लेषण किया गया है।

जैव-अर्थव्यवस्था की अवधारणा

  • जैव-अर्थव्यवस्था का आशय नवीकरणीय जैविक संसाधनों जैसे पौधे, पशु और सूक्ष्मजीव का उपयोग कर खाद्य, ऊर्जा और औद्योगिक उत्पादों के उत्पादन से है।
  • यह धारणीयता, जीवाश्म ईंधनों पर ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे