जैव-विविधता क्षरण और जलवायु परिवर्तन: प्रतिक्रिया चक्र की पड़ताल

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा 9 दिसंबर, 2025 को जारी ग्लोबल एनवायरनमेंट आउटलुक-7 (GEO-7) रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि मानव-जनित जैव-विविधता ह्रास और भूमि क्षरण अब जलवायु प्रणाली को सक्रिय रूप से बाधित कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप ऐसे खतरनाक फीडबैक लूप (स्व-प्रवर्धक प्रतिपुष्टि-चक्र) बन रहे हैं, जो वैश्विक स्तर पर पारिस्थितिक और जलवायु क्षति को और तेज़ कर रहे हैं।

जैव-विविधता–जलवायु फीडबैक लूप क्या है?

  • जैव-विविधता–जलवायु फीडबैक लूप से आशय पारिस्थितिक तंत्रों और जलवायु प्रणाली के बीच द्विदिशात्मक अंतःक्रिया से है।
  • इसमें भूमि, वन, मृदा और प्रजातियों को होने वाली क्षति कार्बन, नाइट्रोजन और जल-चक्रों को परिवर्तित ....
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