‘परामर्श करने का कर्तव्य’ सुरक्षा प्रतिज्ञा
संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के मध्य ‘परामर्श करने के कर्त्तव्य’ (Duty to consult) सुरक्षा प्रतिज्ञा पर सहमति बनी हैं।
- इसके माध्यम से प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संकट या खतरे की स्थिति में तीनों देश एक-दूसरे से परामर्श करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- ‘परामर्श करने का कर्त्तव्य’ सुरक्षा प्रतिज्ञा का उद्देश्य यह स्वीकार करना है कि तीन देश ‘मौलिक रूप से परस्पर जुड़े सुरक्षा वातावरण’ साझा करते हैं और किसी एक देश के लिए खतरा ‘सभी के लिए खतरा’ है।
- इस प्रतिज्ञा के तहत, तीनों देश किसी खतरे या संकट की स्थिति में परामर्श करने, जानकारी साझा करने और एक-दूसरे के ....
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