विरासत पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि शून्य या अमान्य विवाह से पैदा हुआ बच्चा मिताक्षरा कानून द्वारा शासित संयुक्त हिंदू परिवार की संपत्ति में अपने माता-पिता का हिस्सा प्राप्त कर सकता है।
- हालाँकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा बच्चा परिवार में किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति में या उसके अधिकार का हकदार नहीं होगा।
- शून्यकरणीय विवाह वह है, जिसे पति या पत्नी द्वारा एक डिक्री के माध्यम से अमान्य कर दिया जाता है।
- हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 16 शून्य या शून्यकरणीय विवाह से पैदा हुए बच्चों को वैधता प्रदान करती है।
- मिताक्षरा में, संपत्ति उत्तराधिकारियों को विरासत में मिलती है, अगर वे ....
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