ई-प्राइम लेयर
हाल ही में, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी और स्कूल ऑफ अर्थ एंड स्पेस एक्सप्लोरेशन के भूकंपविज्ञानियों की एक टीम ने पृथ्वी की सतह पर एक पतली ई-प्राइम लेयर (e-prime layer) की खोज की है।
- इस परत का निर्माण पृथ्वी के सतही जल के आंतरिक भाग के लगभग 1800 मील नीचे कोर-मेंटल सीमा पर हुआ है।
- इस परत का निर्माण पानी के पृथ्वी की आंतरिक परत में प्रवेश तथा रासायनिक परिवर्तन से प्रारम्भ हो जाता है।
- इससे हाइड्रोजन समृद्ध एवं सिलीकॉन रहित पतली परत का निर्माण होता है, जो एक फिल्म जैसी संरचना दिखाती है।
- इसके अतिरिक्त, जब पानी कोर-मेंटल सीमा तक पहुंचता है, तो यह ....
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